इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिता जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह के नाम पर, NRAI ने की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने 23 जून 2025 को घोषणा की कि जुलाई में आयोजित होने वाली इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिताओं का नामकरण भारतीय खेल जगत की दो दिग्गज हस्तियों के सम्मान में किया जाएगा। राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं को अब 'जसपाल राणा मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता (राइफल/पिस्टल इवेंट्स)' के नाम से जाना जाएगा, जबकि शॉटगन स्पर्धाओं का नाम 'राजा रणधीर सिंह मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता (शॉटगन इवेंट्स)' होगा।
जसपाल राणा: पिस्टल शूटिंग के महानायक
जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के सबसे चमकदार नामों में से एक हैं। अपने करियर के शिखर पर वे 15 पदकों — जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल थे — के अभूतपूर्व रिकॉर्ड के साथ भारत के सर्वाधिक सफल कॉमनवेल्थ गेम्स एथलीट थे। उन्होंने कई बार एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीते।
1994 में हिरोशिमा एशियन गेम्स में जीते ऐतिहासिक स्वर्ण पदक ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की नींव रखी और उन्हें अपने युग के श्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में स्थान दिलाया। एथलीट के रूप में उपलब्धियों के अलावा, राणा ने एक समर्पित कोच और मेंटर के रूप में भी भारत के कई प्रमुख पिस्टल निशानेबाजों को तैयार किया और देश को शूटिंग के वैश्विक मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजा रणधीर सिंह: खिलाड़ी से विश्व प्रशासक तक
राजा रणधीर सिंह भारत के सबसे प्रतिष्ठित शॉटगन निशानेबाजों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कई ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में उन्होंने शूटिंग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
गौरतलब है कि उनका प्रभाव प्रतिस्पर्धी मैदान से कहीं आगे तक फैला। राजा रणधीर सिंह वैश्विक ओलंपिक आंदोलन में सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में शुमार हैं और वर्तमान में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व कर रहे हैं।
NRAI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
NRAI के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा, "जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह दो ऐसी महान हस्तियाँ हैं, जिनके योगदान ने भारत में शूटिंग के विकास और सफलता को एक नई दिशा दी। जहाँ जसपाल ने एक चैंपियन शूटर, कोच और मेंटर के तौर पर अपनी उपलब्धियों से कई पीढ़ियों को प्रेरित किया, वहीं राजा रणधीर सिंह ने एक बेहतरीन एथलीट और दुनिया के सबसे सम्मानित खेल प्रशासक के तौर पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। जुलाई में होने वाली इंडिया ओपन प्रतियोगिताओं का नाम उनके सम्मान में रखना, उनकी शानदार विरासत के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है।"
आगे क्या
यह नामकरण भारतीय शूटिंग की समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक कदम है। जुलाई 2025 में आयोजित होने वाली ये प्रतियोगिताएँ अब इन दो दिग्गजों के नाम पर खेली जाएँगी, जो युवा निशानेबाजों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।