10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिता जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह के नाम पर, NRAI ने की घोषणा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिता जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह के नाम पर, NRAI ने की घोषणा

सारांश

भारतीय शूटिंग के दो महानायकों को अमर करने की पहल — NRAI ने जुलाई इंडिया ओपन की राइफल/पिस्टल स्पर्धाएँ जसपाल राणा और शॉटगन स्पर्धाएँ राजा रणधीर सिंह के नाम पर करने की घोषणा की। एक एथलीट-कोच और एक खिलाड़ी-प्रशासक की विरासत अब हर गोली के साथ जीवित रहेगी।

मुख्य बातें

NRAI ने 23 जून 2025 को जुलाई इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिताओं के नामकरण की घोषणा की।
राइफल/पिस्टल स्पर्धाओं का नाम 'जसपाल राणा मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता' रखा गया।
शॉटगन स्पर्धाओं का नाम 'राजा रणधीर सिंह मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता' होगा।
जसपाल राणा के नाम कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक (9 स्वर्ण) का रिकॉर्ड है; 1994 हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता।
राजा रणधीर सिंह ने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण जीता; वर्तमान में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष हैं।

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने 23 जून 2025 को घोषणा की कि जुलाई में आयोजित होने वाली इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिताओं का नामकरण भारतीय खेल जगत की दो दिग्गज हस्तियों के सम्मान में किया जाएगा। राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं को अब 'जसपाल राणा मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता (राइफल/पिस्टल इवेंट्स)' के नाम से जाना जाएगा, जबकि शॉटगन स्पर्धाओं का नाम 'राजा रणधीर सिंह मेमोरियल इंडिया ओपन प्रतियोगिता (शॉटगन इवेंट्स)' होगा।

जसपाल राणा: पिस्टल शूटिंग के महानायक

जसपाल राणा भारतीय शूटिंग के सबसे चमकदार नामों में से एक हैं। अपने करियर के शिखर पर वे 15 पदकों — जिनमें 9 स्वर्ण पदक शामिल थे — के अभूतपूर्व रिकॉर्ड के साथ भारत के सर्वाधिक सफल कॉमनवेल्थ गेम्स एथलीट थे। उन्होंने कई बार एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए पदक जीते।

1994 में हिरोशिमा एशियन गेम्स में जीते ऐतिहासिक स्वर्ण पदक ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की नींव रखी और उन्हें अपने युग के श्रेष्ठ पिस्टल निशानेबाजों में स्थान दिलाया। एथलीट के रूप में उपलब्धियों के अलावा, राणा ने एक समर्पित कोच और मेंटर के रूप में भी भारत के कई प्रमुख पिस्टल निशानेबाजों को तैयार किया और देश को शूटिंग के वैश्विक मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजा रणधीर सिंह: खिलाड़ी से विश्व प्रशासक तक

राजा रणधीर सिंह भारत के सबसे प्रतिष्ठित शॉटगन निशानेबाजों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कई ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में उन्होंने शूटिंग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।

गौरतलब है कि उनका प्रभाव प्रतिस्पर्धी मैदान से कहीं आगे तक फैला। राजा रणधीर सिंह वैश्विक ओलंपिक आंदोलन में सबसे सम्मानित खेल प्रशासकों में शुमार हैं और वर्तमान में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व कर रहे हैं।

NRAI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

NRAI के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा, "जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह दो ऐसी महान हस्तियाँ हैं, जिनके योगदान ने भारत में शूटिंग के विकास और सफलता को एक नई दिशा दी। जहाँ जसपाल ने एक चैंपियन शूटर, कोच और मेंटर के तौर पर अपनी उपलब्धियों से कई पीढ़ियों को प्रेरित किया, वहीं राजा रणधीर सिंह ने एक बेहतरीन एथलीट और दुनिया के सबसे सम्मानित खेल प्रशासक के तौर पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। जुलाई में होने वाली इंडिया ओपन प्रतियोगिताओं का नाम उनके सम्मान में रखना, उनकी शानदार विरासत के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि है।"

आगे क्या

यह नामकरण भारतीय शूटिंग की समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक कदम है। जुलाई 2025 में आयोजित होने वाली ये प्रतियोगिताएँ अब इन दो दिग्गजों के नाम पर खेली जाएँगी, जो युवा निशानेबाजों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन NRAI का यह कदम सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगता है — जसपाल राणा जहाँ युवा पीढ़ी के लिए 'ग्रासरूट आइकन' हैं, वहीं राजा रणधीर सिंह अंतरराष्ट्रीय खेल कूटनीति के प्रतीक। दोनों नामों को अलग-अलग स्पर्धाओं से जोड़ना — राइफल/पिस्टल और शॉटगन — उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप है, जो नामकरण को सार्थक बनाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह श्रद्धांजलि केवल नाम तक सीमित रहेगी, या NRAI इन प्रतियोगिताओं को अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर पर स्थायी पहचान दिलाने के लिए संसाधन और प्रतिष्ठा भी जुटाएगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिता का नाम किसके नाम पर रखा गया है?
राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं का नाम जसपाल राणा के नाम पर और शॉटगन स्पर्धाओं का नाम राजा रणधीर सिंह के नाम पर रखा गया है। NRAI ने यह घोषणा 23 जून 2025 को की।
जसपाल राणा कौन हैं और उनकी उपलब्धियाँ क्या हैं?
जसपाल राणा भारत के महान पिस्टल निशानेबाज हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक (9 स्वर्ण सहित) जीते और 1994 हिरोशिमा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल किया। वे एक सफल कोच और मेंटर भी रहे हैं।
राजा रणधीर सिंह की क्या भूमिका है?
राजा रणधीर सिंह एक प्रतिष्ठित शॉटगन निशानेबाज हैं, जिन्होंने 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण जीता। वे वर्तमान में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष हैं।
इंडिया ओपन शूटिंग प्रतियोगिता 2025 कब होगी?
यह प्रतियोगिता जुलाई 2025 में आयोजित होने वाली है। NRAI ने नामकरण की घोषणा 23 जून 2025 को की है।
NRAI क्या है और इसने यह फैसला क्यों लिया?
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) भारतीय शूटिंग खेल की सर्वोच्च संस्था है। इसने जसपाल राणा और राजा रणधीर सिंह के भारतीय शूटिंग में अतुलनीय योगदान को सम्मानित करने के लिए इंडिया ओपन प्रतियोगिताओं का नामकरण उनके नाम पर करने का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 11 महीने पहले