जावेद अहमद किताब ने संभाला जेकेसीए अध्यक्ष का पदभार, पारदर्शी शासन का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
जावेद अहमद किताब ने 22 मई 2026 को श्रीनगर में औपचारिक रूप से जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली। यह कदम सर्वोच्च न्यायालय में दायर एक याचिका के वापस लिए जाने और उसके बाद जेकेसीए चुनावों पर लगे अंतरिम रोक आदेश के रद्द होने के बाद संभव हुआ। इस प्रकार एक लंबे और विवादास्पद प्रशासनिक अध्याय का अंत हुआ, जो 2017 से चला आ रहा था।
पदभार ग्रहण का पृष्ठभूमि
यह मामला 'यूथ क्रिकेट क्लब और अन्य बनाम जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन और अन्य' केस से जुड़ा था। सर्वोच्च न्यायालय ने 8 जनवरी को चुनाव परिणामों की घोषणा पर रोक लगाई थी। 21 मई को याचिकाकर्ताओं द्वारा याचिका वापस लिए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने यह अंतरिम आदेश रद्द कर दिया, जिससे निर्वाचित निकाय के लिए पदभार ग्रहण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
किताब का संकल्प और बयान
पदभार संभालते हुए किताब ने कहा, 'चुनाव परिणाम भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ए.के. ज्योति की देखरेख में घोषित किए गए थे, जो अब प्रभावी हो गए हैं, जिससे चुनी हुई संस्था को एसोसिएशन का आधिकारिक प्रभार संभालने की अनुमति मिल गई है। उनका नया कार्यकाल विकास और ईमानदारी पर केंद्रित होगा।' जेकेसीए द्वारा जारी बयान में उन्होंने यह भी कहा, 'यह शासन पारदर्शिता, जवाबदेही और सम्मान पर आधारित होगा। भविष्य के प्रशासनिक कामकाज से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी सभी संबंधित सदस्यों को उचित समय पर दे दी जाएगी।'
नव-निर्वाचित पदाधिकारी
किताब के साथ-साथ अन्य निर्वाचित पदाधिकारियों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियाँ संभाल लीं — देश रतन दुबे (उपाध्यक्ष), विवेक खजूरिया (सचिव), राजन सिंह (कोषाध्यक्ष), तथा एपेक्स काउंसिल सदस्य अनिल कुमार कौल और राकेश कौल। एसोसिएशन ने बताया कि इस संबंध में परिपत्र की प्रतियाँ बीसीसीआई के पदाधिकारियों, जेकेसीए के पदाधिकारियों, शीर्ष काउंसिल के सदस्यों और संबंधित बैंकिंग संस्थानों को भेज दी गई हैं।
नौ साल का विवादित प्रशासनिक दौर
गौरतलब है कि यह विवाद 2017 में तब शुरू हुआ था, जब जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने चुनी हुई संस्था को हटाकर कोर्ट-नियुक्त प्रशासकों की नियुक्ति की थी। पूर्व पुलिस अधिकारी सैयद आशिक हुसैन बुखारी को सीईओ बनाया गया, और यह हस्तक्षेप लगभग चार साल तक बिना चुनाव के चलता रहा। मार्च 2021 में उच्च न्यायालय ने उनका कार्यकाल समाप्त कर बीसीसीआई को स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बीसीसीआई ने इसके लिए पूर्व क्रिकेटर मिथुन मन्हास, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील सेठी और ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता की उप-समिति बनाई।
चुनाव विवाद और आगे की राह
जनवरी 2026 में हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई क्लबों ने मतदाता सूचियों में हेरफेर, मतदान अधिकारों में बदलाव और प्रक्रियागत अनियमितताओं के आरोप लगाए। नाराज क्लब सर्वोच्च न्यायालय पहुँचे, जिसने चुनाव तो होने दिए लेकिन परिणामों पर रोक लगा दी। अब याचिका वापस लिए जाने के बाद रोक हटी और निर्वाचित निकाय ने पदभार ग्रहण किया। किताब ने आश्वासन दिया है कि एसोसिएशन की नियमावली सभी निर्णयों का आधार होगी और वे श्रीनगर व जम्मू दोनों कार्यालयों में उपलब्ध रहेंगे। जेकेसीए के लिए यह एक नई शुरुआत है — अब असली परीक्षा उन वादों को व्यवहार में उतारने की है।