आरसीए एड-हॉक कमेटी को 10वीं बार मिला विस्तार, सितंबर 2026 तक चुनाव कराने का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एड-हॉक कमेटी को 27 जून 2026 को राज्य सरकार ने लगातार 10वीं बार तीन महीने का कार्य विस्तार दे दिया। मार्च 2024 में अस्थायी आधार पर गठित यह पैनल अब सितंबर 2026 तक आरसीए का प्रशासन संभालता रहेगा और इसी अवधि में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
कोऑपरेटिव सोसाइटीज के रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने इस विस्तार को औपचारिक मंजूरी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम राज्य की क्रिकेट संस्था के कामकाज में किसी कानूनी बाधा से बचने के लिए उठाया गया है। कमेटी को अगले तीन महीनों में चुनाव प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य किया गया है।
गौरतलब है कि मार्च 2024 में पिछली आरसीए कमेटी को हटाए जाने के बाद मौजूदा पैनल महज तीन महीने के लिए बनाया गया था। चुनाव बार-बार टलने के कारण इसका कार्यकाल हर बार बढ़ता रहा और यह अब अपने 10वें विस्तार पर पहुँच गया है।
चुनाव क्यों नहीं हो सके
कमेटी ने 24 जून को सरकार को सौंपे एक पत्र में कहा कि 'पिछली आरसीए कमेटी के वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज की जाँच अभी भी जारी है, इसी वजह से चुनाव संभव नहीं हो सके।' पत्र में कई जिला क्रिकेट एसोसिएशनों से जुड़े अनसुलझे विवादों का भी उल्लेख किया गया और कहा गया कि आरसीए के नियमों के अनुसार स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने से पहले इन मामलों का निपटारा जरूरी है।
इसके अलावा, पैनल ने चल रहे घरेलू क्रिकेट सीजन और अन्य प्रशासनिक कारणों को भी चुनाव में देरी की वजह बताया।
कमेटी की संरचना और राजनीतिक संबंध
सरकार ने मौजूदा कमेटी को ही बरकरार रखा है, जिसके संयोजक मोहित यादव हैं। अन्य सदस्यों में धनंजय सिंह, आशीष तिवारी, सुशील जैन, अरिष्ट सिंघवी और अर्जुन बेनीवाल शामिल हैं।
इस कमेटी की संरचना राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है। मोहित यादव, भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक जसवंत यादव के पुत्र हैं। धनंजय सिंह, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के बेटे हैं। आशीष तिवारी, BJP सांसद घनश्याम तिवारी के पुत्र हैं। अरिष्ट सिंघवी, पूर्व मंत्री चंद्र राज सिंघवी के पोते हैं, जबकि अर्जुन बेनीवाल, भद्रा विधायक संजीव बेनीवाल के बेटे हैं।
आम जनता और क्रिकेट पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान क्रिकेट में स्थायी नेतृत्व की कमी लंबे समय से खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अंतरिम प्रशासन के तहत दीर्घकालिक नीतिगत फैसले लेना कठिन होता है, जिसका असर राज्य की क्रिकेट प्रतिभाओं के विकास पर भी पड़ सकता है।
क्या होगा आगे
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या एड-हॉक कमेटी सितंबर 2026 की समयसीमा में चुनाव करा पाती है, या राजस्थान क्रिकेट एक बार फिर अंतरिम प्रशासन के तहत ही आगे बढ़ता रहेगा। जाँच की प्रगति और जिला एसोसिएशन विवादों का समाधान इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।