पीटी उषा: केरल की 'खेलों की नर्सरी' वाली पहचान खतरे में, 10वीं-11वीं रैंक निराशाजनक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने 4 जून 2026 को तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केरल को कभी पूरे देश में 'खेलों की नर्सरी' का दर्जा हासिल था, लेकिन आज राज्य अपनी वह पुरानी पहचान खोता दिख रहा है। उनके अनुसार, खेल अवसंरचना की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी इस गिरावट की मुख्य वजह है।
केरल की गिरती रैंकिंग
उषा ने कहा, "जब वह सक्रिय खिलाड़ी थीं, तब केरल देश के खेल मानचित्र पर अग्रणी राज्यों में शामिल था और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अक्सर पहले या दूसरे स्थान पर रहता था। अब स्थिति बदल गई है और एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में राज्य की रैंकिंग काफी नीचे पहुँच गई है।" उन्होंने स्पष्ट कहा कि केरल का 10वें या 11वें स्थान पर पहुँच जाना निराशाजनक है, क्योंकि इस राज्य ने भारतीय खेलों को एक मजबूत आधार दिया है।
बुनियादी ढाँचे की खामियाँ
उषा ने खेल सुविधाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएँ तकनीकी कारणों और मंजूरी संबंधी अड़चनों में फँसी रहती हैं। त्रिशूर जिले का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि यह जिला देश को अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और एथलीट दे चुका है, लेकिन आज भी वहाँ 400 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की है और प्रधानमंत्री से भी सहयोग माँगा है।
केरल की खेल विरासत
उषा ने याद दिलाया कि खेलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलें — जैसे स्पोर्ट्स स्कूल और स्पोर्ट्स डिवीजन की अवधारणा — केरल से ही शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा, "स्वयं मैंने भी स्पोर्ट्स डिवीजन में पढ़ाई की थी, जिसने मेरे करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।" यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई अन्य राज्य खेल अवसंरचना में भारी निवेश कर रहे हैं।
ओलंपिक दिवस और एशियन गेम्स फन रन
इस अवसर पर उषा ने 'आइची-नागोया एशियन गेम्स फन रन 2026' और ओलंपिक दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हर वर्ष 23 जून को मनाया जाने वाला ओलंपिक दिवस उत्कृष्टता, मित्रता और सम्मान जैसे ओलंपिक मूल्यों को बढ़ावा देता है। इस वर्ष ओलंपिक रन के साथ एशियाई ओलंपिक परिषद द्वारा भी फन रन का आयोजन किया जा रहा है।
आगे की योजना
उषा ने बताया कि राज्य में खेलों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने की योजना है। इस बैठक में खेल अवसंरचना, प्रतिभा विकास और खेल नीतियों को बेहतर बनाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा, ताकि केरल को एक बार फिर देश के प्रमुख खेल केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।