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साल्ट लेक स्टेडियम: ममता बनर्जी की डिजाइन की फुटबॉल मूर्ति तोड़ी गई, 2017 में FIFA U-17 से पहले हुई थी स्थापित

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साल्ट लेक स्टेडियम: ममता बनर्जी की डिजाइन की फुटबॉल मूर्ति तोड़ी गई, 2017 में FIFA U-17 से पहले हुई थी स्थापित

सारांश

कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर ममता बनर्जी की डिजाइन की गई फुटबॉल प्रतिमा तोड़ दी गई — यह मूर्ति 2017 से विवादों में थी। खेल मंत्री पहले ही इसे हटाने का संकेत दे चुके थे, और अब इसके टूटने ने राजनीतिक तनाव को नई धार दे दी है।

मुख्य बातें

साल्ट लेक स्टेडियम , कोलकाता के बाहर लगी ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई फुटबॉल प्रतिमा 23 मई की सुबह खंडित मिली।
प्रतिमा 2017 में FIFA अंडर-17 विश्व कप से पहले स्थापित की गई थी और इस पर 'बिश्वा बांग्ला' का लोगो था।
खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक पहले ही कह चुके थे कि प्रतिमा स्टेडियम की सुंदरता के अनुरूप नहीं है।
BJP नेता कीया घोष ने सोशल मीडिया पर प्रतिमा हटाने की बात का समर्थन किया।
मूर्ति किसने तोड़ी — प्रशासनिक आदेश या अज्ञात व्यक्ति — यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।

कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर स्थापित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई विवादित फुटबॉल प्रतिमा को तोड़ दिया गया है। शनिवार, 23 मई की सुबह जब लोग स्टेडियम पहुँचे, तो यह मूर्ति खंडित अवस्था में मिली। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और खेल जगत दोनों में हलचल मचा दी है।

मूर्ति का स्वरूप और इतिहास

यह प्रतिमा 2017 में FIFA अंडर-17 विश्व कप की मेज़बानी से ठीक पहले स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के समीप स्थापित की गई थी। इसमें धड़ से अलग दो पैरों के ऊपर एक फुटबॉल रखी दिखाई देती थी और इस पर 'बिश्वा बांग्ला' का लोगो भी अंकित था। यह प्रतिमा तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में बनी थी और ममता बनर्जी ने स्वयं इसे डिजाइन किया था, इसलिए इसे TMC सरकार के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता रहा।

विवाद की पृष्ठभूमि

प्रतिमा को लेकर शुरू से दो वर्ग रहे हैं। एक वर्ग इसे आधुनिक कला का नमूना मानता था, जबकि फुटबॉल प्रशंसकों के एक हिस्से का तर्क था कि देश के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियमों में से एक के प्रवेश द्वार पर इस तरह की संरचना उचित नहीं है। पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से कहा था कि यह प्रतिमा स्टेडियम की सुंदरता के अनुरूप नहीं है और सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की योजना पर कार्य कर रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मूर्ति टूटने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गईं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता कीया घोष ने सोशल मीडिया पर कहा कि जिस संरचना को हटाने की बात पहले कही गई थी, उसे अब तोड़ दिया गया है। दूसरी ओर, TMC कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर तीखा आक्रोश देखा जा रहा है, क्योंकि यह मूर्ति ममता बनर्जी की व्यक्तिगत रचनात्मकता से जुड़ी मानी जाती थी।

आम जनता और खेल जगत पर असर

गौरतलब है कि साल्ट लेक स्टेडियम भारतीय फुटबॉल की पहचान से गहराई से जुड़ा है और यहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैच आयोजित होते रहे हैं। कुछ लोगों ने इस घटना को एक लंबे विवाद का अंत बताया, तो कुछ का मानना है कि इससे स्टेडियम की एक विशिष्ट पहचान मिट गई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मूर्ति किसने तोड़ी और क्या इसे प्रशासनिक आदेश पर हटाया गया या यह किसी अज्ञात व्यक्ति की करतूत है।

आगे क्या होगा

प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। खेल मंत्री द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार का उल्लेख किए जाने के बाद यह देखना होगा कि इस स्थान पर कोई नई संरचना स्थापित की जाती है या नहीं। TMC की संभावित प्रतिक्रिया और पुलिस जाँच की दिशा आने वाले दिनों में इस मामले को और स्पष्ट करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है। खेल मंत्री का पहले से दिया बयान और BJP नेता की त्वरित प्रतिक्रिया यह सवाल उठाती है कि क्या यह 'स्वतःस्फूर्त' घटना थी या सुनियोजित। TMC के लिए यह मूर्ति केवल कला नहीं, बल्कि ममता बनर्जी की व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा थी — इसलिए इसका टूटना राजनीतिक उकसावे के रूप में भी पढ़ा जाएगा। जब तक जाँच में यह स्पष्ट नहीं होता कि मूर्ति किसने और किस आदेश पर हटाई, तब तक यह मामला राज्य की राजनीति में एक नई चिंगारी बना रहेगा।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साल्ट लेक स्टेडियम की फुटबॉल मूर्ति क्या थी और कब लगाई गई थी?
यह प्रतिमा 2017 में FIFA अंडर-17 विश्व कप से पहले कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम के वीवीआईपी गेट के पास स्थापित की गई थी। इसमें धड़ से अलग दो पैरों के ऊपर एक फुटबॉल रखी दिखती थी और इस पर 'बिश्वा बांग्ला' का लोगो था — इसे तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं डिजाइन किया था।
मूर्ति क्यों विवादास्पद थी?
फुटबॉल प्रशंसकों के एक वर्ग का मानना था कि देश के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियमों में से एक के बाहर इस तरह की संरचना उपयुक्त नहीं है। खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने भी हाल ही में कहा था कि यह प्रतिमा स्टेडियम की सुंदरता के अनुरूप नहीं है।
मूर्ति किसने तोड़ी और क्या कोई गिरफ्तारी हुई?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मूर्ति किसने तोड़ी — यह प्रशासनिक आदेश पर हुआ या किसी अज्ञात व्यक्ति की करतूत है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। किसी गिरफ्तारी की सूचना भी सामने नहीं आई है।
BJP और TMC ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP नेता कीया घोष ने सोशल मीडिया पर कहा कि जिस संरचना को हटाने की बात पहले कही गई थी, उसे अब तोड़ दिया गया है। दूसरी ओर, TMC कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर आक्रोश है क्योंकि मूर्ति ममता बनर्जी की व्यक्तिगत रचनात्मकता से जुड़ी मानी जाती थी।
क्या इस स्थान पर कोई नई संरचना लगाई जाएगी?
खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने स्टेडियम के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की योजना का उल्लेख किया है, लेकिन इस विशेष स्थान पर क्या होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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