केएस भरत ने 32 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 7 टेस्ट का रहा सफर
सारांश
मुख्य बातें
विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत ने 4 जून 2026 को 32 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। भरत ने 2023 से 2024 के बीच टीम इंडिया के लिए 7 टेस्ट मैच खेले और घरेलू क्रिकेट में आंध्र की ओर से लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने यह भावुक घोषणा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक विस्तृत नोट के माध्यम से की।
संन्यास की घोषणा
भरत ने अपने बयान में लिखा, 'गर्व भरे दिल और कृतज्ञता की भावना के साथ, मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा करता हूं। अपने देश के लिए खेलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।' उन्होंने अपनी यात्रा में परिवार की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि 'चार लोगों के हमारे परिवार में, हम सभी ने दो दशकों तक एक ही सपना जिया।' अपनी बहन, माँ और पिता को उन्होंने इस सफर का आधार बताया।
कृतज्ञता और आभार
भरत ने बीसीसीआई, आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन और वीडीसीए के सभी अधिकारियों, कोचों, मैनेजरों और ग्राउंड्समैन को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी के सहयोग के बिना उनके लिए इतने वर्षों तक खेल जारी रखना संभव नहीं होता। अपने साथी खिलाड़ियों के साथ साझा किए गए पलों को उन्होंने अपने करियर की अनमोल पूंजी बताया।
विराट, रोहित और द्रविड़ को विशेष धन्यवाद
भरत ने अपने आईपीएल डेब्यू कप्तान विराट कोहली को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका देने के लिए आभार व्यक्त किया। रोहित शर्मा के नेतृत्व में टेस्ट डेब्यू को उन्होंने 'अनमोल अनुभव' बताया। पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ के बारे में उन्होंने कहा कि 'भारत-ए से लेकर भारतीय टीम तक, उनका मार्गदर्शन मैं कभी नहीं भूलूंगा।' राष्ट्रगान सुनने और क्रिकेट के दिग्गजों के साथ मैदान साझा करने की यादों को उन्होंने हमेशा के लिए संजोने की बात कही।
करियर का सफर
भरत को पहली बार नवंबर 2019 में भारतीय टीम में बुलाया गया था, लेकिन उनका टेस्ट डेब्यू फरवरी 2023 में हुआ — यह तब संभव हुआ जब ऋषभ पंत एक गंभीर कार दुर्घटना से उबरने के चलते टीम से बाहर थे। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 2014-15 रणजी ट्रॉफी सीजन में ओंगोल में गोवा के खिलाफ 311 गेंदों में 308 रन बनाकर रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने वाले पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज बनने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया था। कुल मिलाकर, उन्होंने 113 फर्स्ट-क्लास मैचों में 36.53 की औसत से 6,102 रन बनाए, जबकि लिस्ट-ए क्रिकेट में 2,692 और टी-20 में 1,812 रन उनके नाम हैं।
आगे की राह
भरत ने संन्यास के बाद भी क्रिकेट को ही अपना जीवन समर्पित करने की बात कही है। घरेलू क्रिकेट में उनकी विरासत और अनुभव से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वे कोचिंग या मेंटरिंग की भूमिका में सक्रिय रह सकते हैं। एक लंबे इंतजार और धैर्य की मिसाल बने भरत का यह सफर युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।