केएस भरत के संन्यास पर एमएसके प्रसाद बोले — 'मनाने की कोशिश की, पर वह अपने फैसले पर अडिग थे'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने 5 जून 2026 को कहा कि उन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आंध्र प्रदेश के इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने आगे बढ़ने का मन बना लिया था। प्रसाद ने इस निर्णय को 'चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।
अचानक आई संन्यास की घोषणा
गुरुवार शाम एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई की घोषणा की। भरत को पहली बार नवंबर 2019 में भारतीय टीम में शामिल किया गया था, किंतु उनका टेस्ट पदार्पण फरवरी 2023 में हुआ — उस दौर में जब ऋषभ पंत कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रिकवरी से गुजर रहे थे।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में विकेटकीपिंग की भूमिका को लेकर चर्चाएँ जारी हैं और पंत की वापसी के बाद भरत की टीम में जगह पहले ही सीमित हो चुकी थी।
प्रसाद की प्रतिक्रिया
प्रसाद ने कहा, 'मुझे इस बारे में जानकारी थी, क्योंकि यह मेरे लिए बेहद हैरान करने वाली बात थी। मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वह आगे बढ़ना चाहते हैं। मैंने उन्हें अंडर-13 स्तर से बढ़ते हुए देखा है, इसलिए जब उन्होंने यह फैसला बताया तो मुझे वास्तव में झटका लगा। लेकिन अब क्या किया जा सकता है, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा, 'दरअसल, मैंने भी 31 वर्ष की उम्र में संन्यास लिया था, लेकिन भरत ने अब अपना मन बना लिया है। शायद उन्हें लगा कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है और संभवतः वह किसी दूसरी चीज पर ध्यान देना चाहते हैं। मैंने उन्हें समझाने की पूरी कोशिश की और उनसे बात भी की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़े हुए थे।'
केएस भरत का अंतरराष्ट्रीय करियर
भरत ने कुल 7 टेस्ट मैच खेले, जिनमें आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल 2023 भी शामिल था। उन्होंने 20.09 की औसत से 223 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन रहा। इसके अलावा उन्होंने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के लिए 10 मैचों में 199 रन बनाए।
गौरतलब है कि 2021 में कानपुर टेस्ट में ऋद्धिमान साहा की गर्दन में अकड़न आने पर भरत ने विकेटकीपिंग संभाली थी और 2 कैच व 1 स्टंपिंग से अपनी छाप छोड़ी थी। हालांकि, फरवरी 2024 में विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट के बाद उन्हें दोबारा टीम में जगह नहीं मिली।
प्रसाद ने भरत की तारीफ करते हुए कहा, 'उनमें वापसी करने की क्षमता अभी भी बाकी थी। वह शानदार विकेटकीपर थे, इसमें कोई दो राय नहीं है। उनके हाथ बेहद सुरक्षित थे और वह अच्छे बल्लेबाज भी थे।'
यूएई प्रतिनिधित्व की अटकलें — सच्चाई क्या है
सोशल मीडिया के एक वर्ग में अटकलें लगाई जा रही थीं कि भरत भविष्य में यूएई का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। दावा किया गया कि पिछले महीने उन्हें यूएई टीम के साथ कुछ प्रशिक्षण सत्रों में अभ्यास करते देखा गया था।
हालांकि सूत्रों के अनुसार इन अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। यह स्वीकार किया गया कि भरत उस समय दुबई में थे और यूएई राष्ट्रीय टीम के साथ कुछ अभ्यास सत्रों में शामिल हुए थे, लेकिन इससे अधिक कुछ नहीं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमों के अनुसार, किसी अन्य देश के लिए खेलने हेतु संबंधित देश की नागरिकता या निवास संबंधी पात्रता के साथ-साथ पूर्व देश के लिए खेले गए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच की तारीख से तीन वर्ष का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड भी पूरा करना होता है।
अक्षदीप नाथ का उदाहरण और आगे की राह
उल्लेखनीय है कि भारत की अंडर-19 टीम और उत्तर प्रदेश के पूर्व बल्लेबाज अक्षदीप नाथ ने इस वर्ष नेपाल में खेले गए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग-2 में यूएई के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने पिछले वर्ष लखनऊ से दुबई स्थानांतरित होने के बाद यूएई की नागरिकता हासिल की थी।
भरत के संन्यास से भारतीय विकेटकीपिंग की गहराई को लेकर सवाल उठेंगे, और घरेलू क्रिकेट में उनकी भूमिका आगे किस दिशा में जाती है — यह देखने वाली बात होगी।