वेंकटेश प्रसाद जन्मदिन विशेष: 33 टेस्ट, 2 ICC खिताब और अब KSCA अध्यक्ष — एक अनूठा सफर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तेज गेंदबाजी के स्तंभ रहे वेंकटेश प्रसाद आज 5 अगस्त 2025 को अपना 56वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। बेंगलुरु में जन्मे इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने खिलाड़ी, कोच और प्रशासक — तीनों भूमिकाओं में भारतीय क्रिकेट को समृद्ध किया है। फिलहाल वह कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष के रूप में जमीनी स्तर पर क्रिकेट को नई दिशा दे रहे हैं।
खिलाड़ी के रूप में करियर
वेंकटेश प्रसाद का जन्म 5 अगस्त 1969 को बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने 1994 में 25 वर्ष की आयु में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। 1994 से 2001 तक उन्होंने जवागल श्रीनाथ और अनिल कुंबले के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ बनाए रखी।
सात वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में प्रसाद ने 33 टेस्ट मैचों में 96 विकेट और 161 वनडे मैचों में 196 विकेट हासिल किए। 21 मार्च 2005 को 35 वर्ष की आयु में उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से आधिकारिक रूप से संन्यास की घोषणा की।
1996 विश्व कप का वह ऐतिहासिक पल
वेंकटेश प्रसाद के करियर का सबसे चर्चित क्षण 1996 वनडे विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में आया, जब भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। पाकिस्तान के बल्लेबाज आमिर सोहेल ने प्रसाद की एक गेंद पर चौका जड़ने के बाद उन्हें उकसाने की कोशिश की। प्रसाद ने अगली ही गेंद पर आमिर सोहेल को बोल्ड करके मैदान पर करारा जवाब दिया — यह दृश्य आज भी क्रिकेट प्रेमियों की यादों में ताजा है। उस मैच में प्रसाद ने 10 ओवर में 45 रन देकर 3 विकेट लिए और भारत सेमीफाइनल में पहुँचा।
कोच के रूप में ICC खिताब
संन्यास के बाद प्रसाद ने कमेंट्री और कोचिंग में सक्रिय भूमिका निभाई। बतौर कोच उनके नाम 2 ICC खिताब दर्ज हैं। वह 2006 अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम के कोच रहे। इसके बाद 2007 टी20 विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विश्व विजेता बनी भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में उन्होंने अहम योगदान दिया। आईपीएल में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और पंजाब की टीम से बतौर कोच जुड़े रहे हैं।
प्रशासक के रूप में नई पारी
अब वेंकटेश प्रसाद कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आईपीएल 2026 में बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैचों के सफल आयोजन में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। उनके नेतृत्व में KSCA ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के पवेलियन एंड का नाम अनिल कुंबले और उत्तरी छोर का नाम राहुल द्रविड़ के नाम पर रखा — कर्नाटक क्रिकेट की दो महान विभूतियों को यह सम्मान दिया गया।
प्रसाद कर्नाटक में जमीनी स्तर पर क्रिकेट के विकास के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में राज्य स्तरीय प्रशासन को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। गौरतलब है कि खिलाड़ी से प्रशासक तक का यह सफर भारतीय क्रिकेट में विरले ही देखने को मिलता है।