केएस भरत के संन्यास पर एमएसके प्रसाद बोले — 'मनाने की कोशिश की, पर वह अपने फैसले पर अड़े थे'
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने गुरुवार को खुलासा किया कि उन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आंध्र प्रदेश के इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने आगे बढ़ने का मन पहले ही बना लिया था। प्रसाद ने इस फैसले को 'चौंकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।
अचानक आई संन्यास की घोषणा
4 जून 2026 की शाम एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई की घोषणा कर दी। भरत को पहली बार नवंबर 2019 में भारतीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनका टेस्ट पदार्पण फरवरी 2023 में हुआ — उस दौर में जब ऋषभ पंत कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रिकवरी में थे।
प्रसाद की प्रतिक्रिया — 'झटका लगा'
प्रसाद ने कहा, 'मुझे इस बारे में जानकारी थी, क्योंकि यह मेरे लिए बेहद हैरान करने वाली बात थी। मैंने उनसे बात करने की भी कोशिश की, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वह आगे बढ़ना चाहते हैं। मैंने उन्हें अंडर-13 स्तर से बढ़ते हुए देखा है, इसलिए जब उन्होंने यह फैसला बताया तो मुझे वास्तव में झटका लगा। लेकिन अब क्या किया जा सकता है, यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।'
उन्होंने यह भी जोड़ा, 'दरअसल, मैंने भी 31 वर्ष की उम्र में संन्यास लिया था, लेकिन भरत ने अब अपना मन बना लिया है। शायद उन्हें लगा कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है और संभवतः वह किसी दूसरी चीज पर ध्यान देना चाहते हैं। मैंने उन्हें समझाने की पूरी कोशिश की और उनसे बात भी की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़े हुए थे।'
केएस भरत का अंतरराष्ट्रीय करियर
भरत ने कुल 7 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 2023 का आईसीसी विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल भी शामिल था। उन्होंने 20.09 की औसत से 223 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 44 रन रहा। इसके अलावा उन्होंने आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के लिए 10 मैच में 199 रन बनाए।
गौरतलब है कि 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर टेस्ट में ऋद्धिमान साहा की गर्दन में अकड़न के बाद भरत ने विकेटकीपिंग संभाली थी और उस मैच में 2 कैच व 1 स्टंपिंग की थी। हालांकि, विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी के चलते फरवरी 2024 में अपने घरेलू मैदान विशाखापत्तनम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा टेस्ट खेलने के बाद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में दोबारा जगह नहीं मिली।
प्रसाद ने भरत की तारीफ करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि उनमें वापसी करने की क्षमता अभी भी बाकी थी। वह शानदार विकेटकीपर थे — उनके हाथ बेहद सुरक्षित थे और वह अच्छे बल्लेबाज भी थे। लेकिन अब उनके कुछ और विचार हैं और हमें उनके फैसले का सम्मान करना होगा।'
यूएई प्रतिनिधित्व की अटकलें — क्या है सच
सोशल मीडिया के एक वर्ग में अटकलें लगाई जा रही थीं कि भरत भविष्य में यूएई का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। दावा किया गया कि पिछले महीने उन्हें यूएई राष्ट्रीय टीम के साथ कुछ प्रशिक्षण सत्रों में अभ्यास करते देखा गया था।
हालांकि सूत्रों के अनुसार इन अटकलों में कोई सच्चाई नहीं है। सूत्रों ने स्वीकार किया कि भरत उस समय दुबई में थे और अभ्यास के उद्देश्य से यूएई टीम के कुछ सत्रों में शामिल हुए थे, लेकिन इससे अधिक कुछ नहीं।
आईसीसी नियम और अक्षदीप नाथ का उदाहरण
आईसीसी के नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी किसी दूसरे देश के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना चाहता है, तो उसे संबंधित देश की नागरिकता या निवास संबंधी पात्रता पूरी करनी होती है। साथ ही अपने पूर्व देश के लिए खेले गए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच की तारीख से तीन वर्ष का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड भी पूरा करना होता है।
इससे पहले भारत की अंडर-19 टीम और उत्तर प्रदेश के पूर्व बल्लेबाज अक्षदीप नाथ ने इस वर्ष नेपाल में खेले गए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग-2 मुकाबलों में यूएई के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने पिछले वर्ष लखनऊ से दुबई स्थानांतरित होने के बाद यूएई की नागरिकता हासिल की थी। भरत का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन क्रिकेट जगत की निगाहें उनके अगले कदम पर टिकी रहेंगी।