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ICC ने लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम को डिमेरिट प्वाइंट दिए, पिचें 'असंतोषजनक' घोषित

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ICC ने लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम को डिमेरिट प्वाइंट दिए, पिचें 'असंतोषजनक' घोषित

सारांश

क्रिकेट के दो ऐतिहासिक मैदान — लंदन का लॉर्ड्स और लाहौर का गद्दाफी स्टेडियम — ICC की नजर में 'असंतोषजनक' साबित हुए हैं। लॉर्ड्स में दो दिन में 33 विकेट और गद्दाफी में स्पिन-प्रभुत्व वाली धीमी पिच ने दोनों को डिमेरिट प्वाइंट दिलाए। यह दोनों के लिए पहला ऐसा दाग है।

मुख्य बातें

ICC ने लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम को एक-एक डिमेरिट प्वाइंट दिया — दोनों के लिए यह पहला डिमेरिट प्वाइंट है।
लॉर्ड्स टेस्ट में पहले दो दिनों में 33 विकेट गिरे; मैच चार दिन में समाप्त हुआ।
गद्दाफी स्टेडियम की पिच को वनडे के लिए अत्यधिक धीमी और स्पिन-सहायक पाया गया।
ECB और PCB के पास फैसले के खिलाफ अपील के लिए 14 दिन का समय है।
ICC नियमों के तहत पाँच साल में अधिक डिमेरिट प्वाइंट मिलने पर मैदान पर अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी पर बैन लग सकता है।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने लंदन के लॉर्ड्स और लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम को पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत एक-एक डिमेरिट प्वाइंट दिया है। यह कार्रवाई मैच रेफरियों की रिपोर्टों के आधार पर की गई, जो क्रमशः ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के पहले टेस्ट (इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड) और पाकिस्तान बनाम ऑस्ट्रेलिया के तीसरे वनडे के बाद सौंपी गई थीं। ICC ने पुष्टि की है कि इन दोनों मैदानों पर इससे पहले कोई डिमेरिट प्वाइंट दर्ज नहीं था।

लॉर्ड्स की पिच पर क्या थी आपत्ति

लॉर्ड्स टेस्ट में गेंदबाजों को मिली अत्यधिक मदद मुख्य चिंता का विषय रही। तीसरे दिन बारिश की बाधा के बावजूद मैच चार दिन के भीतर समाप्त हो गया। पहले दो दिनों में ही 33 विकेट गिर गए — पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17

मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'पूरे टेस्ट के दौरान गेंद की सीम मूवमेंट बहुत ज्यादा थी और कई बार गेंद बहुत नीचे भी रही। पूरे मैच में बाउंस एक जैसा नहीं था। पिच की वजह से बल्ले के मुकाबले गेंद का पलड़ा बहुत भारी रहा।' यह असंतुलन ICC के मानकों के अनुसार स्वीकार्य सीमा से परे माना गया।

गद्दाफी स्टेडियम पर अलग कारण

लाहौर की पिच को बिल्कुल विपरीत कारणों से 'असंतोषजनक' माना गया। जहाँ लॉर्ड्स की आलोचना अत्यधिक सीम मूवमेंट के लिए हुई, वहीं गद्दाफी स्टेडियम की पिच वनडे मुकाबले के लिए बेहद धीमी और रन बनाने के लिहाज से कठिन रही।

मैच रेफरी ग्रीम ला ब्रूय ने रिपोर्ट में दर्ज किया, 'पिच धीमी और नीची थी, जिससे रन बनाना बहुत मुश्किल हो गया। यह वनडे इंटरनेशनल मैच के लिए सही नहीं थी, क्योंकि बल्लेबाजों को जमने में ज्यादा समय लग रहा था। मैच की शुरुआत से ही स्पिन गेंदबाजों को मदद मिली और पूरे मैच के दौरान यही स्थिति बनी रही।'

आगे की प्रक्रिया और अपील का अधिकार

ICC ने संबंधित रिपोर्टें इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भेज दी हैं। दोनों बोर्डों के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिन का समय है।

डिमेरिट प्वाइंट प्रणाली और बैन का खतरा

ICC की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत, पाँच साल की अवधि में अधिक डिमेरिट प्वाइंट जमा होने पर किसी भी मैदान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम दोनों के लिए यह पहला डिमेरिट प्वाइंट है, इसलिए फिलहाल किसी तत्काल खतरे की स्थिति नहीं है। हालाँकि, क्रिकेट के दो सबसे ऐतिहासिक मैदानों के लिए यह एक स्पष्ट चेतावनी है कि भविष्य में पिच की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

PCB के लिए गद्दाफी स्टेडियम का यह दाग उस समय आया है जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अपनी धरती पर वापस लाने में वर्षों से जुटा है। दोनों मामलों में पिच की खामी अलग-अलग थी — एक अत्यधिक सीमर-अनुकूल, दूसरी अत्यधिक स्पिन-अनुकूल — जो दर्शाती है कि ICC अब चरम की किसी भी दिशा को स्वीकार नहीं करेगा। यह प्रणाली तभी विश्वसनीय होगी जब बड़े और प्रभावशाली मैदानों पर भी नियम एक समान लागू हों — और इस बार ऐसा होता दिख रहा है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICC ने लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम को डिमेरिट प्वाइंट क्यों दिए?
ICC ने मैच रेफरियों की रिपोर्ट के आधार पर दोनों मैदानों की पिचों को 'असंतोषजनक' घोषित किया। लॉर्ड्स में सीम मूवमेंट और असमान बाउंस के कारण दो दिनों में 33 विकेट गिरे, जबकि गद्दाफी स्टेडियम की पिच वनडे के लिए अत्यधिक धीमी और स्पिन-सहायक पाई गई।
डिमेरिट प्वाइंट मिलने से इन मैदानों पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल दोनों मैदानों पर कोई तत्काल प्रतिबंध नहीं है, क्योंकि यह दोनों का पहला डिमेरिट प्वाइंट है। ICC नियमों के तहत पाँच साल की अवधि में अधिक डिमेरिट प्वाइंट जमा होने पर अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी पर बैन लग सकता है।
ECB और PCB अब क्या कर सकते हैं?
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) दोनों के पास ICC के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिन का समय है। अपील न करने पर डिमेरिट प्वाइंट दर्ज हो जाएंगे।
ICC की पिच मॉनिटरिंग प्रक्रिया क्या है?
ICC की पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत मैच रेफरी प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मैच के बाद पिच की गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हैं। खराब या असंतोषजनक पिच के लिए संबंधित मैदान को डिमेरिट प्वाइंट दिए जाते हैं, जो पाँच साल तक दर्ज रहते हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट में पिच को लेकर मैच रेफरी ने क्या कहा?
मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने कहा कि पूरे टेस्ट में गेंद की सीम मूवमेंट अत्यधिक रही, बाउंस असमान था और पिच ने बल्ले के मुकाबले गेंद को बहुत ज्यादा फायदा दिया। पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17 विकेट गिरना इसी असंतुलन का प्रमाण था।
राष्ट्र प्रेस
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