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फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले मलप्पुरम में 6,000 प्लास्टिक बोतलों से बनी अनूठी कलाकृति

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले मलप्पुरम में 6,000 प्लास्टिक बोतलों से बनी अनूठी कलाकृति

सारांश

फुटबॉल के दीवाने मलप्पुरम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 का स्वागत एक अनोखे अंदाज़ में किया — 6,000 बेकार प्लास्टिक बोतलों और ₹43,000 की लागत से तैयार 'बाइसाइकिल किक' कलाकृति के ज़रिये, जो खेल के जुनून को पर्यावरण चेतना से जोड़ती है।

मुख्य बातें

मलप्पुरम नगर पालिका ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के स्वागत में कुन्नुम्मल के डिवाइडर पर विशाल कलाकृति स्थापित की।
कलाकृति में 6,000 से अधिक प्लास्टिक बोतलें (लगभग 80 किलोग्राम ) और 73 किलोग्राम लोहे की छड़ों का उपयोग।
निर्माण लागत मात्र ₹43,000 ; 9 दिनों में तैयार हुई।
बोतलें 'हरित कर्म सेना' ने नगर पालिका के 40 वार्डों से एकत्रित की थीं।
नगर पालिका अध्यक्ष वीटी रिनिशा के अनुसार, 'फन पार्क' सहित अन्य वर्ल्ड कप सुविधाएँ भी विकसित करने की योजना है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज़ 11 जून 2026 से होगा।

केरल के मलप्पुरम में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के स्वागत में एक अभूतपूर्व पहल की गई है — कुन्नुम्मल के डिवाइडर पर 6,000 से अधिक बेकार प्लास्टिक बोतलों से एक विशाल कलाकृति स्थापित की गई है, जिसमें 'बाइसाइकिल किक' मारते हुए एक पैर और फुटबॉल को दर्शाया गया है। मलप्पुरम नगर पालिका द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत तैयार की गई यह कृति फुटबॉल के प्रति इस शहर के गहरे जुनून और पर्यावरण चेतना का अनूठा संगम है।

कलाकृति की विशेषताएँ

इस कलाकृति को बनाने में 6,000 से अधिक प्लास्टिक बोतलों का उपयोग किया गया, जिनका कुल वजन लगभग 80 किलोग्राम था। इसके ढाँचे को मज़बूती देने के लिए करीब 73 किलोग्राम लोहे की छड़ों का भी इस्तेमाल हुआ। पूरी कलाकृति मात्र ₹43,000 की लागत में 9 दिनों में तैयार की गई — जो इसे एक किफ़ायती और रचनात्मक उपलब्धि बनाती है। इसे स्थापित करने में एक अर्थमूवर मशीन की सहायता से लगभग एक घंटे का समय लगा।

हरित कर्म सेना की भूमिका

इन बोतलों को 'हरित कर्म सेना' ने नगर पालिका के 40 वार्डों से एकत्रित किया था। यह पहल केवल फुटबॉल उत्सव तक सीमित नहीं है — इसके ज़रिये प्लास्टिक कचरे के पुनर्उपयोग का संदेश भी दिया गया है। गौरतलब है कि मलप्पुरम में 2015 से 2020 के बीच स्थापित एक और विशाल फुटबॉल कलाकृति भी इसी स्थान के निकट मौजूद है, जो शहर की फुटबॉल संस्कृति की गहरी जड़ों को दर्शाती है।

नगर पालिका की योजनाएँ

नगर पालिका अध्यक्ष वीटी रिनिशा ने बताया कि इस पहल का दोहरा उद्देश्य है — फीफा वर्ल्ड कप का उत्साहपूर्वक स्वागत करना और प्लास्टिक कचरे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना। उन्होंने यह भी बताया कि नगर पालिका वर्ल्ड कप के जश्न के तहत शहर में एक 'फन पार्क' सहित अन्य बड़ी सुविधाएँ विकसित करने पर विचार कर रही है।

सामुदायिक उत्साह

मलप्पुरम के फुटबॉल प्रेमियों ने इस रचनात्मक कलाकृति का भरपूर स्वागत किया है। इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष जितेश जी. अनिल, स्थायी समिति के अध्यक्ष हैरिस अमियान, पारी मजीद, मरियम्मा शरीफ़ और ननाथ समीरा मुस्तफ़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। यह कलाकृति 11 जून 2026 से शुरू होने वाले फीफा वर्ल्ड कप तक शहर की पहचान बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की न्यूनतम लागत और कचरे से कला का यह प्रयोग दिखाता है कि नागरिक भागीदारी और पर्यावरण संदेश को उत्सव के साथ कितने प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है। हालाँकि, असली परीक्षा यह होगी कि क्या 'फन पार्क' जैसी बड़ी योजनाएँ भी इसी किफ़ायती और टिकाऊ सोच के साथ अमल में आती हैं, या केवल घोषणाओं तक सिमट जाती हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलप्पुरम में फीफा वर्ल्ड कप के लिए कौन-सी कलाकृति बनाई गई है?
मलप्पुरम नगर पालिका ने कुन्नुम्मल के डिवाइडर पर 6,000 से अधिक बेकार प्लास्टिक बोतलों से एक विशाल 'बाइसाइकिल किक' कलाकृति स्थापित की है। इसमें बूट पहने एक पैर को फुटबॉल पर किक मारते हुए दर्शाया गया है।
इस कलाकृति को बनाने में कितनी लागत आई और कितना समय लगा?
यह कलाकृति मात्र ₹43,000 की लागत में 9 दिनों में तैयार की गई। इसमें लगभग 80 किलोग्राम प्लास्टिक बोतलें और 73 किलोग्राम लोहे की छड़ों का उपयोग हुआ।
प्लास्टिक बोतलें कहाँ से एकत्रित की गईं?
'हरित कर्म सेना' ने ये बोतलें मलप्पुरम नगर पालिका के 40 वार्डों से एकत्रित की थीं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन की देखरेख में की गई।
मलप्पुरम नगर पालिका फीफा वर्ल्ड कप के लिए और क्या योजनाएँ बना रही है?
नगर पालिका अध्यक्ष वीटी रिनिशा के अनुसार, एक 'फन पार्क' सहित अन्य बड़ी सुविधाएँ विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज़ 11 जून से होगा।
मलप्पुरम को फुटबॉल से इतना गहरा जुड़ाव क्यों है?
मलप्पुरम को केरल की फुटबॉल राजधानी माना जाता है और यहाँ फुटबॉल संस्कृति की गहरी जड़ें हैं। 2015 से 2020 के बीच स्थापित एक और विशाल फुटबॉल कलाकृति भी इसी स्थान के निकट मौजूद है, जो इस परंपरा की निरंतरता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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