मनसुख मांडविया की ग्लासगो में स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी से मुलाकात, CWG 2026 की पूर्व संध्या पर अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 22 जुलाई 2026 को ग्लासगो में स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी से मुलाकात की। यह बैठक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई, जो 23 जुलाई से 2 अगस्त तक ग्लासगो में आयोजित होने हैं। इस अवसर पर कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे भी उपस्थित रहे।
मुलाकात का संदर्भ और उद्देश्य
मांडविया ग्लासगो पहुँचे हैं ताकि कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे 125 भारतीय एथलीटों का मनोबल बढ़ा सकें और उन्हें हरसंभव समर्थन दे सकें। स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी द्वारा आयोजित एक विशेष रिसेप्शन में भारतीय खेल मंत्री को आमंत्रित किया गया, जहाँ मेजबान देश की टीम ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'स्कॉटलैंड के प्रथम मंत्री जॉन स्विनी द्वारा आयोजित रिसेप्शन में शामिल होने का मौका मिला। ग्लासगो के खूबसूरत शहर में सीडब्ल्यूजी 2026 की मेजबानी करने वाली टीम द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूँ। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष, डॉ. डोनाल्ड रुकारे से मिलकर भी खुशी हुई।'
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और भारत की तैयारी
इस मुलाकात में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के शताब्दी संस्करण को लेकर भी चर्चा हुई, जिसकी मेजबानी अहमदाबाद, गुजरात करेगा। मांडविया ने कहा कि कॉमनवेल्थ समुदाय में इस आयोजन को लेकर 'बहुत उत्साह' है। गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले केवल एक बार — 2010 में नई दिल्ली में — कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की है। 2030 का संस्करण इस दृष्टि से ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह खेलों का शताब्दी संस्करण होगा।
भारतीय दल का विवरण
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का 125 एथलीटों का दल हिस्सा ले रहा है, जिसमें 77 पुरुष और 48 महिला एथलीट शामिल हैं। यह दल पैरा स्पोर्ट्स सहित 13 खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा करेगा।
सबसे बड़ा दल एथलेटिक्स का है जिसमें 32 खिलाड़ी हैं — 22 पुरुष और 10 महिला। बॉक्सिंग और जूडो में 14-14 खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि वेटलिफ्टिंग में 12 खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
पिछला प्रदर्शन और उम्मीदें
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था और कुल 61 पदक जीते थे — जिसमें 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक शामिल थे। इस बार भी भारतीय एथलीटों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2030 की मेजबानी के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल समुदाय में अपनी साख और मज़बूत करना चाहता है।