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वैभव सूर्यवंशी को मनिंदर सिंह का भरोसा — '15 साल में भारत के लिए खेलना ही प्रतिभा की मिसाल'

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वैभव सूर्यवंशी को मनिंदर सिंह का भरोसा — '15 साल में भारत के लिए खेलना ही प्रतिभा की मिसाल'

सारांश

15 साल की उम्र में सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौती — वैभव सूर्यवंशी हरारे में उसी मैदान पर उतरेंगे जहाँ उन्होंने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन ठोके थे। पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह का भरोसा है कि प्रतिभा, मेहनत और मजबूत सपोर्ट सिस्टम उन्हें इस नई परीक्षा में पार उतारेगा।

मुख्य बातें

वैभव सूर्यवंशी ( 15 वर्ष ) भारत-जिम्बाब्वे तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज में हरारे से खेलेंगे।
सूर्यवंशी ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में ही अंडर-19 विश्व कप फाइनल में नाबाद 175 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाया था।
इंग्लैंड में पहले तीन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सूर्यवंशी कुल 42 रन ही बना सके थे।
पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह ने कहा — 'वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं, वह हालात के हिसाब से खुद को ढालने का तरीका खोज लेंगे।' जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा शॉर्ट-पिच गेंदबाजी से उनकी परीक्षा लेने को तैयार हैं।

भारत के पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह ने 15 वर्षीय सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर पूरा भरोसा जताया है और कहा है कि यह किशोर खिलाड़ी सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के बीच खुद को ढालने का रास्ता जरूर निकाल लेगा। भारत और जिम्बाब्वे के बीच हरारे में गुरुवार, 24 जुलाई से शुरू हो रही तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज में सूर्यवंशी के सामने अंडर-19 सर्किट के बाद सीनियर स्तर पर खुद को साबित करने का अहम मौका है।

हरारे का मैदान और नई परीक्षा

हरारे स्पोर्ट्स क्लब वह मैदान है जहाँ सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में नाबाद 175 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाया था। लेकिन यही मैदान अब एक अलग चुनौती लेकर आया है — जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा सीम मूवमेंट और उछाल के लिए जाने जाते हैं। ये गेंदबाज शॉर्ट-पिच गेंदबाजी से सूर्यवंशी की परीक्षा लेने को तैयार हैं — ठीक वैसे जैसे इंग्लैंड दौरे पर जोफ्रा आर्चर ने किया था।

इंग्लैंड में अपने पहले तीन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सूर्यवंशी कुल 42 रन ही बना सके थे — एक ऐसा आँकड़ा जिसने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा और विरोधी टीमों को उनकी कमजोरियाँ तलाशने का मौका दिया।

मनिंदर सिंह का विश्लेषण

भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के प्रसारक फैनकोड के माध्यम से हुई एक विशेष बातचीत में मनिंदर सिंह ने कहा, 'हाँ, लेकिन बात हालात की भी है। जब आप अंडर-19 खिलाड़ियों के साथ खेलने के बाद सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलना शुरू करते हैं, तो उस स्तर के हिसाब से वह बहुत ही बेहतरीन क्रिकेटर हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब आप सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलना शुरू करते हैं, और इंग्लैंड जैसे हालात हों जहाँ थोड़ी उछाल हो, तो कुछ कमजोरियाँ जरूर सामने आती हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय टीमें पकड़ लेती हैं। आजकल बहुत सारे वीडियो देखे जाते हैं और कमजोरियाँ खोजने की कोशिश की जाती है। तो यह सिलसिला चलता रहेगा, और गेंदबाज उन्हें मात देने के लिए थोड़ी ज्यादा कोशिश करेंगे।'

प्रतिभा, मेहनत और सपोर्ट सिस्टम

मनिंदर ने सूर्यवंशी की तीन खूबियाँ गिनाईं जो उन्हें इस दबाव से उबरने में मदद करेंगी — स्वाभाविक प्रतिभा, वर्षों की कड़ी मेहनत, और एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम। उन्होंने कहा, 'वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं। वह इस हालात में खुद को ढालने का अपना तरीका खोज लेंगे। मुझे लगता है कि वह इस दिशा में काम करना भी शुरू कर देंगे।'

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सूर्यवंशी के कोच लगातार उन पर नजर रखते हैं और उनके पिता भी उनके साथ रहते हैं। मनिंदर के अनुसार, 'अगर कोई माता-पिता अपने बच्चे को 8-9-10 साल की उम्र से क्रिकेट की ट्रेनिंग देना शुरू करते हैं, और वह 15 साल की उम्र में भारत के लिए खेलते हैं, तो एक बात तो पक्की है: बच्चा प्रतिभाशाली है। दूसरी बात यह है कि उनके साथ बहुत मेहनत की गई है।'

आगे की राह

गौरतलब है कि सूर्यवंशी की उम्र को देखते हुए यह उनके करियर का बेहद शुरुआती दौर है। मनिंदर को उम्मीद है कि यह किशोर बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हुए ही अपनी कमजोरियों पर सक्रिय रूप से काम करेगा। हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह टी20 सीरीज सूर्यवंशी के लिए नई शुरुआत का मौका है — उसी मैदान पर जहाँ उन्होंने पहले इतिहास रचा था।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इंग्लैंड में तीन मैचों में कुल 42 रन यह भी बताते हैं कि प्रतिभा और अंतरराष्ट्रीय सफलता के बीच की दूरी महज उम्र से नहीं, अनुभव से तय होती है। मनिंदर का आशावाद उचित है, पर असली सवाल यह है कि चयनकर्ता इस किशोर को लगातार मौके देंगे या शुरुआती संघर्ष पर जल्दी फैसला ले लेंगे। भारतीय क्रिकेट का इतिहास बताता है कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दबाव और जल्दबाजी के चलते उभरने से पहले ही किनारे हो गए। सूर्यवंशी के लिए जरूरी है कि उन्हें सीखने का पर्याप्त समय और स्थान दिया जाए।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैभव सूर्यवंशी कौन हैं और वह क्यों चर्चा में हैं?
वैभव सूर्यवंशी 15 वर्षीय भारतीय सलामी बल्लेबाज हैं जिन्होंने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में हरारे में नाबाद 175 रन बनाकर भारत को खिताब दिलाया। अब वह सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रख चुके हैं और जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में खेलने वाले हैं।
मनिंदर सिंह ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में क्या कहा?
पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह ने कहा कि वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं और वह सीनियर क्रिकेट की चुनौतियों के बीच खुद को ढालने का तरीका खोज लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कोच की निगरानी और परिवार के सहयोग से सूर्यवंशी अपनी कमजोरियों पर सक्रिय रूप से काम करेंगे।
भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज कहाँ और कब खेली जाएगी?
यह तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज हरारे स्पोर्ट्स क्लब, हरारे में गुरुवार 24 जुलाई से शुरू होगी। यह वही मैदान है जहाँ सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेली थी।
इंग्लैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन कैसा रहा?
इंग्लैंड में अपने पहले तीन अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सूर्यवंशी कुल 42 रन ही बना सके। विशेषज्ञों के अनुसार उछाल भरी पिचों पर शॉर्ट-पिच गेंदबाजी उनकी कमजोरी के रूप में उभरी, जिसे विरोधी टीमें वीडियो विश्लेषण के जरिए भुनाने की कोशिश कर रही हैं।
हरारे में जिम्बाब्वे के कौन से गेंदबाज सूर्यवंशी के लिए चुनौती होंगे?
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और रिचर्ड नगारवा हरारे की पिच पर सीम मूवमेंट और उछाल के लिए जाने जाते हैं। ये दोनों शॉर्ट-पिच गेंदबाजी से सूर्यवंशी की परीक्षा लेने की रणनीति अपना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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