8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुकुल चौधरी का खुलासा: आईपीएल में मानसिक दबाव ज़्यादा, पर घरेलू क्रिकेट से आसान क्यों?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुकुल चौधरी का खुलासा: आईपीएल में मानसिक दबाव ज़्यादा, पर घरेलू क्रिकेट से आसान क्यों?

सारांश

21 साल के मुकुल चौधरी ने माना कि आईपीएल में मानसिक दबाव ज़्यादा है — लेकिन वीडियो एनालिसिस और डेटा की उपलब्धता इसे घरेलू क्रिकेट से आसान बनाती है। KKR के खिलाफ 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन की पारी खेलने वाले इस LSG बल्लेबाज़ ने अपने डेब्यू और मानसिक तैयारी पर बेबाकी से बात की।

मुख्य बातें

मुकुल चौधरी ने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए 9 पारियों में 169 रन बनाए हैं।
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन की पारी ने उन्हें चर्चा में ला दिया।
मुकुल के अनुसार आईपीएल में मानसिक दबाव अधिक है, लेकिन वीडियो एनालिसिस और डेटा की उपलब्धता इसे घरेलू क्रिकेट से आसान बनाती है।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ डेब्यू से पहले उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी।
मुकुल ने कहा कि निरंतर तैयारी और प्रक्रिया पर भरोसा रखने से बड़े मंच का दबाव संभाला जा सकता है।

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के युवा मध्यक्रम बल्लेबाज़ मुकुल चौधरी ने आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। 21 वर्षीय इस बल्लेबाज़ ने सीज़न के 9 मैचों की 9 पारियों में 169 रन बनाए हैं और अब उन्होंने आईपीएल के मानसिक दबाव, घरेलू क्रिकेट से तुलना और अपने डेब्यू के अनुभव पर बेबाकी से बात की है।

आईपीएल बनाम घरेलू क्रिकेट: दबाव का फ़र्क

मुकुल चौधरी ने स्वीकार किया कि आईपीएल में मानसिक दबाव घरेलू क्रिकेट की तुलना में कहीं अधिक होता है। उन्होंने कहा, "आईपीएल में मानसिक दबाव ज़्यादा होता है। आपको ज़्यादा लोग देख रहे होते हैं।" हालाँकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ मायनों में आईपीएल आसान भी है — "यहाँ चीज़ें आसान होती हैं, क्योंकि आप विरोधी टीम के गेंदबाज़ों, उनकी ताकत और उनकी योजनाओं को जानते हैं। आपके पास तैयारी के लिए वीडियो एनालिसिस और डेटा होता है। घरेलू क्रिकेट में, आपके पास ये सब नहीं होता।"

यह ऐसे समय में आया है जब युवा खिलाड़ियों पर बड़े मंचों पर प्रदर्शन का दबाव लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। मुकुल की यह टिप्पणी दर्शाती है कि आधुनिक क्रिकेट में तकनीकी तैयारी किस तरह मानसिक बोझ को कम करने में भूमिका निभाती है।

डेब्यू का अनुभव: 'मैं पूरी तरह तैयार नहीं था'

मुकुल ने बताया कि दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपने आईपीएल डेब्यू से पहले उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी। उन्होंने कहा, "मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं था। जब मुझे बताया गया कि शायद मुझे मौका मिल सकता है, और फिर आखिरकार यह बताया गया कि मैं प्लेइंग इलेवन में हूँ, तो मेरी प्रतिक्रिया बहुत सामान्य सी थी।"

गौरतलब है कि डेब्यू मैच में सामान्य प्रतिक्रिया देना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए असाधारण मानसिक परिपक्वता का संकेत है। मुकुल ने कहा, "मानसिक रूप से मैं तैयार था, मुझे पता था कि मुझे अपना काम करना है। आप इस बात की चिंता नहीं कर सकते कि मौका कब मिलेगा।"

केकेआर के खिलाफ नाबाद 54 रन की पारी

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 27 गेंदों पर खेली गई नाबाद 54 रन की पारी ने मुकुल को सुर्खियों में ला दिया। इस पारी में उनकी छक्के लगाने की क्षमता और शांत दिमाग से खेलने की शैली ने क्रिकेट विशेषज्ञों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया।

सीज़न में अब तक 9 पारियों में 169 रन बनाना एक नए खिलाड़ी के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है, खासकर तब जब वे मध्यक्रम में आकर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने की भूमिका निभा रहे हैं।

मानसिक तैयारी: प्रक्रिया पर भरोसा

मुकुल ने बड़े मंच पर दबाव संभालने का अपना मंत्र साझा किया — "दबाव तब आता है, जब आपको एक बड़े मंच पर, इतने सारे दर्शकों के सामने प्रदर्शन करना होता है — खासकर तब, जब आप आईपीएल में नए होते हैं। थोड़ा-बहुत मानसिक दबाव तो होता ही है। लेकिन अगर आप शांत रहें और अपनी प्रक्रियाओं पर टिके रहें, तो यहाँ भी चीज़ें संभाली जा सकती हैं।"

उन्होंने यह भी कहा कि मैदान पर उतरने पर भीड़, कैमरे और लाइव टेलीविज़न जैसी नई चीज़ें थीं, लेकिन निरंतर तैयारी ने उन्हें इस दबाव से पार पाने में मदद की। LSG के इस युवा खिलाड़ी का सफर आने वाले सीज़न में और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी आसान' — लेकिन यह आधुनिक टी20 क्रिकेट की एक गहरी सच्चाई उजागर करती है: डेटा और वीडियो एनालिसिस ने अनिश्चितता को काफी हद तक कम कर दिया है। घरेलू क्रिकेट में जहाँ खिलाड़ी अंधेरे में तीर चलाते हैं, वहीं आईपीएल में हर गेंदबाज़ की कमज़ोरी एक क्लिक पर उपलब्ध है। यह सवाल उठता है कि क्या इस डेटा-भारी तैयारी ने घरेलू क्रिकेट को उपेक्षित कर दिया है, जहाँ अनजान गेंदबाज़ों से जूझने की क्षमता असली परीक्षा होती है। मुकुल जैसे युवाओं की सफलता आईपीएल की प्रतिभा-खोज प्रणाली की ताकत है, लेकिन यह यह भी याद दिलाती है कि घरेलू ढाँचे को मज़बूत किए बिना इस पाइपलाइन की गहराई सीमित रहेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकुल चौधरी कौन हैं और वे किस टीम के लिए खेलते हैं?
मुकुल चौधरी 21 वर्षीय युवा मध्यक्रम बल्लेबाज़ हैं जो आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेल रहे हैं। वे अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी और छक्के लगाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
मुकुल चौधरी ने आईपीएल 2026 में अब तक कितने रन बनाए हैं?
मुकुल चौधरी ने आईपीएल 2026 में 9 मैचों की 9 पारियों में 169 रन बनाए हैं। उनकी सबसे यादगार पारी KKR के खिलाफ 27 गेंदों पर खेली गई नाबाद 54 रन की पारी रही।
मुकुल चौधरी के अनुसार आईपीएल घरेलू क्रिकेट से आसान क्यों है?
मुकुल के अनुसार आईपीएल में वीडियो एनालिसिस और डेटा की उपलब्धता के कारण विरोधी गेंदबाज़ों की ताकत और योजनाएँ पहले से पता होती हैं। घरेलू क्रिकेट में यह सुविधा नहीं होती, जिससे वहाँ अनिश्चितता अधिक होती है।
मुकुल चौधरी का आईपीएल डेब्यू कैसा रहा?
मुकुल ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आईपीएल डेब्यू किया। उन्होंने बताया कि उन्हें शुरू में प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन निरंतर तैयारी के कारण वे मौका मिलने पर तैयार थे।
मुकुल चौधरी बड़े मंच के दबाव को कैसे संभालते हैं?
मुकुल का मानना है कि शांत रहकर और अपनी प्रक्रियाओं पर भरोसा रखकर बड़े मंच का दबाव संभाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भीड़ और कैमरों जैसी नई चीज़ें थोड़ा दबाव बनाती हैं, लेकिन निरंतर तैयारी से यह दबाव प्रबंधनीय हो जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले