पीएसएल में ब्लेसिंग मुजरबानी का कोई आधिकारिक अनुबंध नहीं, बैन हटाने की मांग: एजेंसी

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पीएसएल में ब्लेसिंग मुजरबानी का कोई आधिकारिक अनुबंध नहीं, बैन हटाने की मांग: एजेंसी

सारांश

जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी की एजेंसी ने पीएसएल में बैन हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी आधिकारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं किए। जानिए इस मामले में क्या है सच्चाई।

Key Takeaways

  • ब्लेसिंग मुजरबानी ने पीएसएल के लिए कोई अनुबंध नहीं किया।
  • एजेंसी ने पीसीबी से बैन हटाने की मांग की है।
  • जिम्बाब्वे क्रिकेट से एनओसी की आवश्यकता है।
  • इस्लामाबाद यूनाइटेड ने संपर्क किया था, लेकिन अनुबंध प्रोविजनल था।
  • मुजरबानी को केकेआर के लिए रिप्लेसमेंट साइनिंग के तौर पर चुना गया था।

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी की एजेंसी ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है। एजेंसी का कहना है कि आईपीएल 2026 में केकेआर की टीम में शामिल होने से पहले उन्होंने पीएसएल का कोई आधिकारिक कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया था। इस मुद्दे पर एजेंसी ने पीसीबी से मुजरबानी पर लगे पीएसएल के प्रतिबंध को हटाने की अपील की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किए गए बयान में मुजरबानी की एजेंसी 'वर्ल्ड स्पोर्ट्स एक्सचेंज' ने स्पष्ट किया कि मुजरबानी का किसी भी पीएसएल फ्रेंचाइजी के साथ कोई आधिकारिक अनुबंध नहीं हुआ था। हालांकि, इस्लामाबाद यूनाइटेड ने 2026 सीजन के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन यह अनुबंध केवल प्रोविजनल था और जिम्बाब्वे क्रिकेट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने पर निर्भर था, जिसके लिए पहले एक वैध, साइन किया हुआ अनुबंध आवश्यक है।

एजेंसी ने कहा, "ब्लेसिंग से 2026 पीएसएल में खेलने के लिए संपर्क किया गया था, जिसमें जिम्बाब्वे क्रिकेट से एनओसी मिलने पर डील पक्की होनी थी। पीएसएल से कॉन्ट्रैक्ट के बिना एनओसी प्राप्त नहीं की जा सकती। सार्वजनिक घोषणा के बावजूद कभी कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया गया। आप ऐसे अनुबंध को तोड़ नहीं सकते जो आपको कभी मिला ही नहीं।"

मुजरबानी की एजेंसी के अनुसार, "जब मुजरबानी से 27 फरवरी को कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल 2026 के लिए रिप्लेसमेंट साइनिंग के तौर पर संपर्क किया, तो उनके पास पीएसएल से जोड़ने वाला कोई पक्का अनुबंध नहीं था। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ने बिना किसी पेशेवर प्रतिबद्धता को तोड़े इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।"

एजेंसी ने कहा, "हम मानते हैं कि पीएसएल में भागीदारी पर कोई भी बैन अत्यधिक है और यह उन खिलाड़ियों को दी गई सजा के अनुसार नहीं है जिन्होंने पहले कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा है। हम पीएसएल से अनुरोध करते हैं कि वे प्रतिबंध को शालीनता से हटाएं और इस स्थिति को वैसे ही स्वीकार करें जैसी यह है। यह उनकी ओर से एक प्रशासनिक गलती है, और कुछ नहीं। हमें पीएसएल या इस्लामाबाद यूनाइटेड से कोई नाराजगी नहीं है।"

पीसीबी के अनुसार, मुजरबानी को शुरू में पीएसएल में एक रिप्लेसमेंट साइनिंग के तौर पर चुना गया था, जिसकी डील कथित तौर पर पाकिस्तानी रुपये में 11 मिलियन (लगभग 37.4 लाख) थी। हालाँकि, बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया और मुस्तफिजुर रहमान के विकल्प के तौर पर आईपीएल की फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ जुड़ गए। इसके बाद पीसीबी ने उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए दो साल का बैन लगा दिया।

Point of View

यह स्पष्ट है कि यदि कोई आधिकारिक अनुबंध नहीं है, तो उन पर लगे प्रतिबंध को पुनर्विचार की आवश्यकता है। यह खेल के नियमों और खिलाड़ियों के अधिकारों के प्रति एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
NationPress
19/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या ब्लेसिंग मुजरबानी ने पीएसएल के लिए कोई अनुबंध साइन किया था?
नहीं, मुजरबानी की एजेंसी का कहना है कि उन्होंने पीएसएल के लिए कोई आधिकारिक अनुबंध साइन नहीं किया था।
मुजरबानी पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
पीसीबी ने मुजरबानी पर प्रतिबंध लगाया क्योंकि उन्होंने आईपीएल के लिए केकेआर से संपर्क किया था, जबकि वे पीएसएल में भी जुड़े थे।
क्या मुजरबानी की एजेंसी ने पीसीबी से कोई अपील की है?
हाँ, मुजरबानी की एजेंसी ने पीसीबी से बैन को हटाने की मांग की है।
इस्लामाबाद यूनाइटेड ने मुजरबानी से कब संपर्क किया?
इस्लामाबाद यूनाइटेड ने 2026 सीजन के लिए मुजरबानी से संपर्क किया था।
पीसीबी ने मुजरबानी के खिलाफ क्या कदम उठाए?
पीसीबी ने मुजरबानी पर दो साल का बैन लगाया।
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