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एमवी नरसिम्हा राव: 108 फर्स्ट क्लास मैचों के दिग्गज, सिर्फ 4 टेस्ट और MBE पाने वाले पहले भारतीय

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एमवी नरसिम्हा राव: 108 फर्स्ट क्लास मैचों के दिग्गज, सिर्फ 4 टेस्ट और MBE पाने वाले पहले भारतीय

सारांश

108 फर्स्ट क्लास मैच, 4,845 रन, 245 विकेट — और फिर भी सिर्फ 4 टेस्ट। एमवी नरसिम्हा राव की कहानी चयन की विडंबना से शुरू होकर आयरलैंड में सामुदायिक सेवा तक पहुँचती है, जहाँ उन्हें MBE मिला — यह सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय हैं।

मुख्य बातें

एमवी बॉबजी नरसिम्हा राव का जन्म 11 अगस्त 1954 को हैदराबाद में हुआ।
उन्होंने 108 प्रथम श्रेणी मैचों में 40 की औसत से 4,845 रन और 245 विकेट हासिल किए।
1987 में उनकी कप्तानी में हैदराबाद ने रणजी ट्रॉफी जीती।
भारत के लिए केवल 4 टेस्ट मैच खेले — 46 रन और 3 विकेट ।
उनके कोचिंग कार्यकाल में इयोन मोर्गन (इंग्लैंड के पूर्व कप्तान) का उदय हुआ।
दिसंबर 2012 में MBE से सम्मानित — यह उपाधि पाने वाले पहले भारतीय ।

भारत के पूर्व क्रिकेटर एमवी बॉबजी नरसिम्हा राव घरेलू क्रिकेट के उन विरले खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने प्रथम श्रेणी स्तर पर असाधारण प्रदर्शन के बावजूद राष्ट्रीय टीम में सीमित अवसर पाए — भारत के लिए केवल 4 टेस्ट मैच खेले। बाद में उन्होंने आयरलैंड में क्रिकेट को बढ़ावा देने के अपने सामुदायिक योगदान के लिए दिसंबर 2012 में प्रतिष्ठित एमबीई (मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर) सम्मान हासिल किया — यह उपाधि पाने वाले वे पहले भारतीय हैं।

घरेलू क्रिकेट में शानदार करियर

11 अगस्त 1954 को हैदराबाद में जन्मे नरसिम्हा राव को बचपन से ही क्रिकेट से गहरा लगाव था। उन्होंने 108 प्रथम श्रेणी मैचों में 146 पारियाँ खेलते हुए 40 की औसत से 4,845 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 30 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन उतना ही प्रभावशाली रहा — उन्होंने 28 की औसत से 245 विकेट चटकाए। लिस्ट-ए क्रिकेट में खेले 18 मुकाबलों में उन्होंने 292 रन जोड़े।

उनके करियर का सबसे यादगार अध्याय 1987 में आया, जब उनकी कप्तानी में हैदराबाद ने रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। यह जीत उनके नेतृत्व कौशल और घरेलू क्रिकेट में उनके दबदबे का प्रमाण थी।

भारत के लिए टेस्ट करियर

नरसिम्हा राव ने भारत के लिए अपना टेस्ट डेब्यू 1979 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया। इस मुकाबले में वे कोई उल्लेखनीय प्रदर्शन नहीं कर सके और दोनों पारियों में मिलाकर केवल 1 रन बनाए तथा 1 विकेट लिया। कुल 4 टेस्ट मैचों में उन्होंने बल्लेबाजी में 46 रन और गेंदबाजी में 3 विकेट हासिल किए।

गौरतलब है कि घरेलू क्रिकेट में उनके असाधारण आँकड़ों के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में पर्याप्त अवसर नहीं मिले — यह भारतीय क्रिकेट के उस दौर की एक बड़ी विडंबना है जब प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी चयन की दौड़ में पीछे रह जाते थे।

आयरलैंड में नई पारी और कोचिंग योगदान

भारत में पर्याप्त अवसर न मिलने के बाद नरसिम्हा राव आयरलैंड शिफ्ट हो गए। वहाँ कुछ मैच खेलने के बाद उन्होंने कोचिंग की राह चुनी। उनके कोचिंग कार्यकाल में ही इयोन मोर्गन — जो बाद में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बने — ने क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई।

यह ऐसे समय में आया जब आयरलैंड में जातीय समुदायों के लिए हालात कठिन थे। नरसिम्हा राव ने क्रिकेट को सामाजिक एकजुटता के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया और हाशिए पर खड़े समुदायों को खेल से जोड़ने का काम किया।

MBE सम्मान — पहले भारतीय

दिसंबर 2012 में नरसिम्हा राव को एमबीई की उपाधि से नवाज़ा गया। यह सम्मान उन्हें आयरलैंड में जातीय समुदाय के लिए मुश्किल दौर में क्रिकेट के ज़रिए किए गए सामुदायिक सेवा कार्यों के लिए दिया गया। वे यह प्रतिष्ठित ब्रिटिश सम्मान हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं — एक ऐसी उपलब्धि जो उनके खेल से परे उनके मानवीय योगदान को रेखांकित करती है।

नरसिम्हा राव का सफर यह दर्शाता है कि एक खिलाड़ी की विरासत केवल उसके राष्ट्रीय कैप की संख्या से नहीं, बल्कि खेल और समाज पर उसके समग्र प्रभाव से मापी जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसने आयरलैंड में एक पूरी पीढ़ी को क्रिकेट से जोड़ा और इयोन मोर्गन जैसे विश्व-विजेता कप्तान को तराशा। MBE सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि खेल की असली विरासत सीमाओं और कैप की संख्या से परे होती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमवी नरसिम्हा राव कौन हैं?
एमवी बॉबजी नरसिम्हा राव भारत के पूर्व क्रिकेटर हैं जिनका जन्म 11 अगस्त 1954 को हैदराबाद में हुआ। उन्होंने 108 प्रथम श्रेणी मैचों में 4,845 रन और 245 विकेट लिए तथा 1987 में हैदराबाद को रणजी ट्रॉफी दिलाई।
नरसिम्हा राव ने भारत के लिए कितने टेस्ट मैच खेले?
नरसिम्हा राव ने भारत के लिए कुल 4 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 1979 में वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू किया और अपने टेस्ट करियर में 46 रन और 3 विकेट हासिल किए।
नरसिम्हा राव को MBE सम्मान क्यों मिला?
नरसिम्हा राव को दिसंबर 2012 में MBE (मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एंपायर) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें आयरलैंड में जातीय समुदाय के लिए कठिन समय में क्रिकेट के माध्यम से किए गए सामुदायिक सेवा कार्यों के लिए दिया गया और वे यह उपाधि पाने वाले पहले भारतीय हैं।
इयोन मोर्गन का नरसिम्हा राव से क्या संबंध है?
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इयोन मोर्गन नरसिम्हा राव के कोचिंग कार्यकाल के दौरान आयरलैंड में उभरे। मोर्गन ने आयरलैंड से क्रिकेट की शुरुआत की और बाद में इंग्लैंड के लिए खेलने लगे।
नरसिम्हा राव आयरलैंड क्यों गए?
भारत में पर्याप्त राष्ट्रीय अवसर न मिलने के बाद नरसिम्हा राव आयरलैंड शिफ्ट हो गए। वहाँ कुछ मैच खेलने के बाद उन्होंने कोचिंग का रुख किया और स्थानीय समुदायों में क्रिकेट को बढ़ावा देने का काम किया।
राष्ट्र प्रेस
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