कोंडिसा न्ग्वेन्या बने सीईओ, एडवर्ड खोजा को मिला COO का पद मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए
सारांश
Key Takeaways
- कोंडिसा न्ग्वेन्या बने सीईओ
- एडवर्ड खोजा बने सीओओ
- मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की मेज़बानी साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे करेंगे
- साउथ अफ्रीका में 44 मुकाबले आयोजित होंगे
- 31 मार्च 2027 तक की टॉप-8 टीमों को विश्व कप में स्थान मिलेगा
जोहान्सबर्ग, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए लोकल ऑर्गेनाइजिंग कमिटी (एलओली) ने कोंडिसा न्ग्वेन्या को चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्त किया है, वहीं एडवर्ड खोजा को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) के रूप में चुना गया है। यह जानकारी शनिवार को साझा की गई।
आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के एलओसी बोर्ड के चेयरमैन ट्रेवर मैनुअल ने कहा, "हम इस प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए क्रिकेट साउथ अफ्रीका और इन नियुक्तियों को स्वीकृति देने के लिए आईसीसी का धन्यवाद करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हम न्ग्वेन्या और एडवर्ड का स्वागत करते हुए बहुत खुश हैं। हम इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने में उनकी विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए तत्पर हैं। न्ग्वेन्या और खोजा के पास बड़े आयोजनों का प्रबंधन करने का अनुभव है, और स्ट्रेटेजिक प्लानिंग व स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट में उनका ट्रैक रिकॉर्ड उल्लेखनीय है।"
इन नियुक्तियों की स्वीकृति एलओली द्वारा सर्वसम्मति से की गई एक भर्ती प्रक्रिया के बाद दी गई है। बोर्ड ने कहा है कि दोनों उम्मीदवारों ने टूर्नामेंट की योजना और संचालन में नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता दिखायी है।
मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 अगले वर्ष अक्टूबर से नवंबर के बीच आयोजित होगा, जो कि इस प्रतियोगिता का 14वां संस्करण होगा। साउथ अफ्रीका के साथ इसकी मेजबानी नामीबिया और जिम्बाब्वे करेंगे। यह साल 2023 के बाद का दूसरा मौका होगा, जब साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे मिलकर इस प्रतियोगिता की मेज़बानी कर रहे हैं। नामीबिया पहली बार मेंस वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा बनेगा।
साउथ अफ्रीका अपने 8 वेन्यू पर 44 मुकाबलों की मेज़बानी करेगा। जिम्बाब्वे और नामीबिया में शेष 10 मुकाबले खेले जाएंगे। मेज़बान होने के नाते साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा, 31 मार्च 2027 तक मेंस वनडे रैंकिंग की टॉप-8 टीमों को भी विश्व कप में स्थान प्राप्त होगा। बाकी चार स्थान क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के माध्यम से तय किए जाएंगे। सह-मेजबान नामीबिया को टूर्नामेंट में सीधे प्रवेश नहीं मिलेगा, उसे क्वालीफायर से गुजरना होगा, क्योंकि वह अभी तक आईसीसी का पूर्ण सदस्य नहीं है।