निको विलियम्स की ग्रोइन मांसपेशी सुरक्षित, फीफा वर्ल्ड कप में वापसी की उम्मीद जगी
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन के स्टार विंगर निको विलियम्स के फीफा वर्ल्ड कप अभियान को लेकर 30 जून 2026 को राहत भरी खबर सामने आई — मेडिकल जाँच में पुष्टि हुई कि उनकी ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) की मांसपेशी फटी नहीं है, जिससे टूर्नामेंट में उनकी वापसी की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार रात उरुग्वे के खिलाफ मैच के दौरान लगी इस चोट ने पहले उनके वर्ल्ड कप पर प्रश्नचिह्न लगा दिया था, हालाँकि उस मुकाबले में स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज की थी।
चोट कैसे लगी
उरुग्वे के मिडफील्डर निकोलस डे ला क्रूज के पीछे से किए गए आक्रामक टैकल के बाद विलियम्स मैदान पर लड़खड़ाते हुए नज़र आए और मैच के बाद उन्हें बुरी तरह लंगड़ाते देखा गया। शुरुआती आकलन में ग्रोइन चोट की आशंका ने उनके वर्ल्ड कप खत्म होने का खतरा पैदा कर दिया था। विलियम्स ने सोशल मीडिया पर इस दिन को अपनी जिंदगी का 'सबसे बुरा दिन' बताया था।
कोच डे ला फुएंते का बयान
सोमवार को स्पेन के सरकारी टीवी नेटवर्क आरटीवीई से बातचीत में स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने बताया कि वह खुद विलियम्स से मिलने गए और उनका हौसला बढ़ाया। कोच ने कहा, 'मैं उनसे बात करने गया और उन्हें अपनी राय दी। मैंने उनसे हिम्मत बनाए रखने और मुश्किलों व तकलीफों से उबरने के बारे में बात की, क्योंकि आपको ऐसे पलों का सामना करने की आदत होनी चाहिए।' डे ला फुएंते ने आगे कहा, 'इससे उनका नज़रिया पूरी तरह बदलने में मदद मिली — अगर आप अब उनसे बात करेंगे, तो वह आपको ऐसी बातें बताएंगे जो उस समय से बिल्कुल अलग होंगी जब वह बहुत निराश थे।'
विलियम्स की अपनी जुबानी
रिपोर्टों के अनुसार विलियम्स ने कहा, 'एक बहुत मुश्किल साल के बाद मैं फिर से चोटिल हो गया हूँ; उस साल मैंने प्यूबैल्जिया से कई लड़ाइयाँ लड़ीं, लेकिन त्याग और सबसे बढ़कर जिम्मेदारी की भावना से उस जंग को जीता।' उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले हैमस्ट्रिंग की चोट ने भी उनकी परीक्षा ली थी। विलियम्स ने टैकल को 'पूरी तरह अनावश्यक' करार देते हुए कहा कि वह खिलाड़ी अपनी स्थिति को लेकर हताशा और असंतोष से भरा हुआ था।
आगे क्या होगा
विलियम्स 2 जुलाई को ऑस्ट्रिया के खिलाफ लास्ट-32 मैच में नहीं खेल पाएंगे। हालाँकि, यदि स्पेन अगले दौर में प्रवेश करता है, तो लास्ट-16 या क्वार्टर-फाइनल तक उनके मैदान पर लौटने की संभावना बनी रहेगी। यह ऐसे समय में राहत की खबर है जब स्पेन अपनी वर्ल्ड कप चुनौती को धार देने की कोशिश में है।