निको विलियम्स की ग्रोइन मांसपेशी सुरक्षित, फीफा वर्ल्ड कप में वापसी की उम्मीद जगी
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन के स्टार विंगर निको विलियम्स के फीफा वर्ल्ड कप में दोबारा खेलने की उम्मीद तब जीवित हो गई, जब मेडिकल जाँच में पुष्टि हुई कि उनकी ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) की मांसपेशी फटी नहीं है। शुक्रवार, 27 जून को उरुग्वे के खिलाफ मैच के दौरान लगी इस चोट ने पूरे स्पेनिश खेमे को चिंता में डाल दिया था, लेकिन ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार स्थिति उतनी गंभीर नहीं निकली जितनी शुरू में आशंका थी। उस मुकाबले में स्पेन ने उरुग्वे को 1-0 से हराया था।
चोट कैसे लगी
उरुग्वे के मिडफील्डर निकोलस डे ला क्रूज द्वारा पीछे से किए गए एक खतरनाक टैकल के बाद विलियम्स मैदान पर दर्द से कराहते दिखे। मैच के बाद उन्हें बुरी तरह लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर जाते देखा गया, जिससे शुरुआती आशंका थी कि उनका वर्ल्ड कप यहीं समाप्त हो सकता है।
कोच डे ला फुएंते का बयान
सोमवार, 30 जून को स्पेन के सरकारी टीवी नेटवर्क आरटीवीई से बात करते हुए स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने विलियम्स के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया, 'मैं उनसे बात करने गया और उन्हें अपनी राय दी। मैंने उनसे हिम्मत बनाए रखने और मुश्किलों से उबरने के बारे में बात की, क्योंकि ऐसे पलों का सामना करने की आदत होनी चाहिए — और मैंने उनसे कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं।'
डे ला फुएंते ने आगे कहा, 'इससे उनका नज़रिया पूरी तरह बदलने में मदद मिली। अगर आप अब उनसे बात करेंगे, तो वह आपको ऐसी बातें बताएंगे जो उस समय से बिल्कुल अलग होंगी जब वह बहुत निराश थे।'
विलियम्स का खुद का बयान
विलियम्स ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उनकी ज़िंदगी का 'सबसे बुरा दिन' था, लेकिन मेडिकल टेस्ट से राहत की खबर आई। उन्होंने कहा, 'एक बहुत मुश्किल साल के बाद मैं फिर से चोटिल हो गया हूं; उस साल मैंने प्यूबैल्जिया से कई लड़ाइयाँ लड़ीं, लेकिन त्याग और जिम्मेदारी की भावना से उस जंग को जीता।'
रिपोर्टों के अनुसार विलियम्स ने यह भी कहा, 'मैं उस चोट से उबर गया था, लेकिन फिर हैमस्ट्रिंग की एक और चोट ने मेरी परीक्षा ली। एक बार फिर मेरे चेहरे से मुस्कान गायब हो गई, लेकिन मैं रुकने वाला नहीं था। कल एक साथी प्रोफेशनल खिलाड़ी के टैकल के कारण मुझे एक और चोट लग गई — मेरी राय में, वह घटना पूरी तरह अनावश्यक थी।'
आगे क्या होगा
विलियम्स 2 जुलाई को ऑस्ट्रिया के खिलाफ 'लास्ट-32' मैच में नहीं खेल पाएंगे। हालाँकि, यदि स्पेन अगले दौर में प्रवेश करता है, तो 'लास्ट-16' या क्वार्टर-फाइनल तक उनकी वापसी संभव मानी जा रही है। स्पेन के लिए यह राहत की खबर ऐसे वक्त आई है जब टीम नॉकआउट चरण में मज़बूत दावेदार के रूप में उभर रही है।