ओलिवर कान बोले — मेसी-रोनाल्डो की प्रतिद्वंद्विता फुटबॉल में दोबारा नहीं दिखेगी
सारांश
मुख्य बातें
जर्मनी के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर ओलिवर कान ने कहा है कि लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बीच लगभग दो दशकों तक चली प्रतिद्वंद्विता फुटबॉल के इतिहास में अद्वितीय है और शायद इस स्तर की निरंतरता फिर कभी देखने को न मिले। फीफा विश्व कप 2026 में विशेषज्ञ विश्लेषक की भूमिका निभा रहे कान ने 30 जून को यह बात कही।
मेसी-रोनाल्डो प्रतिद्वंद्विता पर कान का नज़रिया
कान ने कहा, 'क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी ने लगभग दो दशकों तक एक-दूसरे को आगे बढ़ाया है। यह देखना वाकई कमाल का है कि वे किस स्तर का फुटबॉल खेलते रहते हैं। उनकी प्रतिद्वंद्विता प्रदर्शन के आधार पर आयी। हर सीजन में, उन्होंने एक-दूसरे को और भी बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया। फुटबॉल में शायद उस स्तर की निरंतरता और प्रतिद्वंद्विता फिर कभी न दिखे।'
गौरतलब है कि मेसी और रोनाल्डो ने क्लब स्तर पर एक-दूसरे को वर्षों तक कड़ी टक्कर दी, लेकिन फीफा विश्व कप के मंच पर दोनों कभी आमने-सामने नहीं आए। मौजूदा विश्व कप 2026 को व्यापक रूप से दोनों दिग्गजों का अंतिम टूर्नामेंट माना जा रहा है।
2002 विश्व कप फाइनल और गोल्डन बॉल की यादें
कान ने 2002 फीफा विश्व कप को अपने करियर के सबसे बड़े अनुभवों में से एक बताया। उन्होंने कहा, 'फाइनल हारना अभी भी दुख देता है क्योंकि, एक एथलीट के तौर पर, आप हमेशा जीतना चाहते हैं, खासकर वर्ल्ड कप। लेकिन समय के साथ, आप उस सफर, टीम भावना और टीम के साथ साझा किए गए अनुभवों की तारीफ करने लगते हैं।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस टूर्नामेंट में एक गोलकीपर के रूप में गोल्डन बॉल जीतना असाधारण सम्मान था, लेकिन साथ ही जोड़ा, 'मैं इसे फिर भी वर्ल्ड कप ट्रॉफी से बदल दूंगा।' यह टिप्पणी एक विजेता की मानसिकता को दर्शाती है।
युवा गोलकीपरों को कान की सलाह
विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेल रहे युवा गोलकीपरों को संदेश देते हुए कान ने कहा, 'युवा खिलाड़ियों को मेरी सलाह आसान है: सीखो, सीखो और सीखते रहो। सबसे जरूरी बात, दबाव से डरने के बजाय उसका मजा लेना सीखो। वर्ल्ड कप में, पूरी दुनिया आपको देख रही है। आप फुटबॉल इसीलिए खेलते हैं। हर एक एक्शन पर फोकस रखो क्योंकि एक पल आपके पूरे टूर्नामेंट को तय कर सकता है।'
विश्व कप 2026 में मेसी और रोनाल्डो का आखिरी अध्याय
मेसी और रोनाल्डो फुटबॉल के निर्विवाद दिग्गज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब फीफा विश्व कप 2026 को दोनों के करियर का संभावित अंतिम अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ी खेल के सबसे बड़े मंच पर एक और यादगार अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे। कान जैसे दिग्गज की यह टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।