पीडब्ल्यूएल सीजन-5 के पहलवानों का गोंडा सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में दबदबा, दीपक पूनिया ने जीता गोल्ड

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पीडब्ल्यूएल सीजन-5 के पहलवानों का गोंडा सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में दबदबा, दीपक पूनिया ने जीता गोल्ड

सारांश

पीडब्ल्यूएल सीजन-5 का असर मैट से बाहर भी दिख रहा है — गोंडा के सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में लीग के पहलवानों ने बाज़ी मारी। दीपक पूनिया का 92 किग्रा गोल्ड और यश तुशीर की चोट के बाद वापसी इस बात की गवाही देती है कि पीडब्ल्यूएल भारतीय कुश्ती की असली नर्सरी बन चुकी है।

मुख्य बातें

पीडब्ल्यूएल सीजन-5 के पहलवानों ने 10 से 12 मई 2025 को गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में शीर्ष प्रदर्शन किया।
दीपक पूनिया ( महाराष्ट्र केसरी ) ने 92 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
यश तुशीर ने छह महीने की चोट से वापसी करते हुए 74 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड हासिल किया।
अंजलि ( दिल्ली दंगल वॉरियर्स ) ने 62 किलोग्राम महिला वर्ग में रजत पदक जीता।
पदक विजेता पहलवान अब वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के चयन ट्रायल के पात्र बने।
सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के 17 पदकों में से 11 पीडब्ल्यूएल पहलवानों ने जीते थे।

प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के पाँचवें सीजन में हिस्सा लेने वाले पहलवानों ने 10 से 12 मई 2025 के बीच गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना वर्चस्व साबित किया। इस टूर्नामेंट में पदक जीतने वाले पहलवानों को आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल में शामिल होने की पात्रता मिल गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पुरुषों की फ्रीस्टाइल श्रेणी में यूपी डोमिनेटर्स के पहलवान सागर ने 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महाराष्ट्र केसरी के पहलवान यश तुशीर ने 74 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज की, जबकि मुंबई दंगल्स के नवीन ने 79 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड हासिल किया।

सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन दीपक पूनिया का रहा, जिन्होंने महाराष्ट्र केसरी का प्रतिनिधित्व करते हुए 92 किलोग्राम वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया और अपने करियर में एक और स्वर्ण पदक जोड़ा।

यश तुशीर की प्रेरणादायक वापसी

वर्ल्ड जूनियर ब्रॉन्ज मेडलिस्ट यश तुशीर के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है। उन्होंने करीब दो साल पहले एशियन चैंपियनशिप में आखिरी बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा लिया था। इसके बाद घुटने, कंधे और पैर के अंगूठे में चोटों के कारण उन्हें छह महीने का ब्रेक लेना पड़ा था। गोंडा में उनकी यह जीत एक मज़बूत वापसी का संकेत है।

महिला वर्ग में अंजलि की दावेदारी

महिलाओं की प्रतियोगिता में दिल्ली दंगल वॉरियर्स की पहलवान अंजलि ने 62 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ अंजलि ने आगामी राष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया से पहले अपनी दावेदारी और मज़बूत कर ली है।

पीडब्ल्यूएल का व्यापक असर

गौरतलब है कि सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के जीते 17 पदकों में से 11 पदक पीडब्ल्यूएल के पहलवानों ने जीते थे। यह आँकड़ा इस बात की पुष्टि करता है कि लीग में शीर्ष घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पहलवानों के साथ निरंतर अभ्यास और प्रतिस्पर्धा का अवसर भारतीय पहलवानों को महाद्वीपीय और वैश्विक स्तर पर सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

आगे क्या

गोंडा टूर्नामेंट में पदक विजेता पहलवान अब वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में शिरकत करने के पात्र हो गए हैं। पीडब्ल्यूएल के मंच से निखरे इन पहलवानों का प्रदर्शन आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की संभावनाओं को और उज्ज्वल करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह सफलता अनौपचारिक ही बनी रहेगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोंडा सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट कब और कहाँ हुआ?
यह टूर्नामेंट 10 से 12 मई 2025 के बीच उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित किया गया। इसमें पीडब्ल्यूएल सीजन-5 के कई प्रमुख पहलवानों ने हिस्सा लिया।
इस टूर्नामेंट में पदक जीतने का क्या फायदा मिलेगा?
पदक विजेता पहलवान आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के लिए राष्ट्रीय चयन ट्रायल में शामिल होने के पात्र हो गए हैं। यह घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय टीम चयन प्रक्रिया की एक अहम कड़ी है।
दीपक पूनिया ने किस वर्ग में गोल्ड जीता?
दीपक पूनिया ने महाराष्ट्र केसरी का प्रतिनिधित्व करते हुए 92 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। यह उनके शानदार करियर में एक और उपलब्धि है।
यश तुशीर की वापसी क्यों खास मानी जा रही है?
वर्ल्ड जूनियर ब्रॉन्ज मेडलिस्ट यश तुशीर घुटने, कंधे और पैर के अंगूठे की चोटों के कारण करीब छह महीने तक मैट से दूर रहे थे। उनकी आखिरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता लगभग दो साल पहले एशियन चैंपियनशिप थी, इसलिए 74 किलोग्राम वर्ग में उनकी यह जीत एक महत्वपूर्ण वापसी मानी जा रही है।
पीडब्ल्यूएल का भारतीय कुश्ती पर क्या असर पड़ रहा है?
सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के 17 पदकों में से 11 पीडब्ल्यूएल पहलवानों ने जीते थे। गोंडा टूर्नामेंट के नतीजे भी यही दर्शाते हैं कि लीग में शीर्ष पहलवानों के साथ नियमित प्रतिस्पर्धा का अवसर भारतीय पहलवानों के प्रदर्शन स्तर को ऊँचा उठा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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