रोहित शर्मा को पद्मश्री: राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में किया सम्मानित, 2 दशक के करियर को मिली मान्यता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को 23 जून 2026 को पद्मश्री से सम्मानित किया गया — ठीक उसी तारीख को जब उन्होंने 19 साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। भारतीय क्रिकेट में लगभग दो दशकों के असाधारण योगदान — जिसमें टी20 विश्व कप 2024 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की कप्तानी में जीत शामिल है — के लिए यह पुरस्कार उनके करियर की औपचारिक स्वीकृति है।
अंतरराष्ट्रीय डेब्यू से पद्मश्री तक का सफर
रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 23 जून 2007 को आयरलैंड के खिलाफ वनडे मैच से की थी। इसके बाद 19 सितंबर 2007 को टी20 और नवंबर 2013 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। गौरतलब है कि अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की ठीक 19वीं वर्षगांठ पर उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया — यह महज़ संयोग नहीं, बल्कि एक पूर्णवृत्त की तरह है।
करियर के आँकड़े: तीनों फॉर्मेट में छाप
टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके रोहित ने अपने करियर में 67 टेस्ट, 285 वनडे और 159 टी20 मैच खेले। टेस्ट में 12 शतकों की बदौलत 4,301 रन, वनडे में 33 शतक और 62 अर्धशतकों के साथ 11,720 रन तथा टी20 में 5 शतक और 32 अर्धशतकों के साथ 4,231 रन उनके नाम दर्ज हैं। मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में करियर शुरू करने वाले रोहित ने 2013 से सलामी बल्लेबाज की भूमिका संभाली और एक दशक में खुद को आधुनिक क्रिकेट के महानतम ओपनर के रूप में स्थापित किया।
रिकॉर्ड जो उन्हें 'हिटमैन' बनाते हैं
रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक तीन दोहरे शतक दर्ज हैं, जिनमें वनडे का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 264 रन भी शामिल है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक 653 छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है — यही कारण है कि उन्हें 'हिटमैन' की उपाधि दी गई।
कप्तानी में उपलब्धियाँ
रोहित को महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत का सबसे सफल कप्तान माना जाता है। उनकी अगुआई में भारत ने एशिया कप, टी20 विश्व कप 2024 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीते। इसके अलावा वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल तक का सफर भी उनकी कप्तानी में तय किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट आईसीसी ट्रॉफियों के मामले में लंबे सूखे के बाद पुनः शिखर पर लौटा है।
समारोह में अन्य सम्मान
इसी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूर्व टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज को पद्म भूषण और भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया को पद्मश्री से सम्मानित किया। यह समारोह भारतीय खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण दिन रहा, जिसमें क्रिकेट, टेनिस और हॉकी — तीनों खेलों को एक साथ राष्ट्रीय मान्यता मिली।