ऋचा घोष बनीं इंग्लैंड टी20 सीरीज की 'इम्पैक्ट फील्डर', तीन कैच और बेहतरीन विकेटकीपिंग का इनाम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का 'इम्पैक्ट फील्डर' मेडल प्रदान किया गया है। फील्डिंग कोच मुनीश बाली ने स्टंप्स के पीछे उनकी निरंतरता और तीन कैच लपकने के प्रदर्शन की सराहना करते हुए यह सम्मान दिया। भारत ने हालाँकि यह तीन मैचों की सीरीज 1-2 से गँवा दी, जो आगामी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों का अहम हिस्सा थी।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को BCCI के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा किए गए एक वीडियो में बाली ने ऋचा को मेडल सौंपते हुए कहा, “ऋचा घोष, तीन कैच, बेहतरीन विकेटकीपिंग। बहुत बढ़िया प्रदर्शन, साथ ही दो बेहतरीन बचाव भी। इस सीरीज की सर्वश्रेष्ठ 'इम्पैक्ट फील्डर' ऋचा घोष हैं। बहुत बढ़िया। आपको बधाई।”
फील्डिंग में टीम का प्रदर्शन
बाली ने बताया कि सीरीज हारने के बावजूद टीम की फील्डिंग कई पहलुओं में बेहतर रही। उन्होंने कहा, “कई सकारात्मक बातें रहीं, खासकर फील्डिंग के मामले में। थ्रोइंग बहुत अच्छी थी। तीनों मुकाबलों की सीरीज के दौरान हमारी बॉडी लैंग्वेज बेहतरीन रही।”
आँकड़ों के अनुसार, टीम का कैचिंग प्रतिशत 87 रहा — कुल 15 में से 13 कैच सफलतापूर्वक लपके गए। बाली ने इसे टीम की एकजुटता और मेहनत का परिणाम बताया।
अन्य खिलाड़ियों की सराहना
फील्डिंग कोच ने शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और नंदिनी शर्मा के योगदान की भी विशेष तारीफ की। बाली ने कहा, “शेफाली ने पहले मैच में तीन कैच लपके। फील्ड पर उनका समर्पण शानदार था; उन्होंने डाइव लगाकर कई गेंदों को रोका।”
जेमिमा रोड्रिग्स की ऊर्जा और थ्रोइंग पर बात करते हुए उन्होंने जोड़ा, “एक मिड-विकेट से दूसरे मिड-विकेट तक दौड़ना आसान नहीं होता। मुझे लगता है कि इस सीरीज में उन्होंने लगभग 30-35 हाई-इंटेंसिटी थ्रो किए होंगे। बड़े मैदान पर, जहाँ हम उन्हें चुनौती दे रहे थे, उन्होंने एक भी 'डबल' रन नहीं बनने दिया।”
डेब्यू कर रहीं नंदिनी शर्मा के बारे में बाली ने कहा, “शानदार कैच और बॉडी लैंग्वेज बहुत बढ़िया थी। ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह इन तीन मुकाबलों में भारत के लिए अपनी पहली सीरीज खेलने आई हैं।”
क्या होगा आगे
यह सीरीज विमेंस टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम की तैयारियों का अहम पड़ाव थी। फील्डिंग विभाग में टीम का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है, हालाँकि बल्लेबाजी और गेंदबाजी इकाइयों को सीरीज परिणाम के मद्देनज़र और मजबूती की आवश्यकता है। आगामी श्रृंखलाओं में ऋचा घोष की निरंतरता टीम के मध्यक्रम और विकेटकीपिंग संतुलन के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।