रोहित शर्मा को कुछ साबित नहीं करना, वर्ल्ड कप खेलना उनकी अपनी इच्छा: अश्विन
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के क्रिकेट भविष्य को लेकर छिड़ी बहस में दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों का खुलकर बचाव किया है। अश्विन का कहना है कि इन अनुभवी क्रिकेटरों को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वे कब मैदान छोड़ें।
लॉर्ड्स पारी के बाद अश्विन का बयान
लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मैच में रोहित शर्मा की 138 रनों की शानदार पारी के बाद अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर स्पष्ट किया कि जब तक ये दोनों दिग्गज भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं, तब तक उन्हें टीम से बाहर करना संभव नहीं।
अश्विन ने कहा, 'अगर वे खेलना चाहते हैं तो कोई विराट और रोहित को नहीं छू सकता। ऐसा उनके शानदार रिकॉर्ड की वजह से है। रोहित ने लगभग 12,000 रन बनाए हैं। उन्हें कोई नहीं छू सकता। वे बल्लेबाज हैं। उनके बहुत सारे प्रशंसक हैं। लोग उन्हें देखने आते हैं। अगर आप उन्हें ड्रॉप करते हैं, तो बहुत बड़ा हंगामा हो जाएगा।'
रोहित की बल्लेबाजी पर अश्विन की राय
अश्विन ने रोहित की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि एक बार जब वे पारी में जम गए, तो पूरी तरह नियंत्रण में नज़र आए। उनके अनुसार, जोश टोंग की गेंद पर पुल शॉट खेलने के बाद रोहित ने जो आत्मविश्वास दिखाया, वह उनकी असली क्षमता का प्रमाण था।
अश्विन ने कहा कि यदि रोहित थोड़ी और बेहतर स्थिति में होते, तो वे 180 रन तक बना सकते थे और टीम को मैच जिता सकते थे। उन्होंने जोड़ा, 'मुझे लगा कि रोहित बहुत अच्छी फॉर्म में थे।'
वर्ल्ड कप की इच्छा — साबित करना नहीं
अश्विन ने रोहित की प्रेरणा को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। उनके अनुसार रोहित का अब खेलने का मकसद आलोचकों को जवाब देना या अपनी काबिलियत साबित करना नहीं है।
अश्विन ने कहा, 'वे जिस स्थिति में हैं और जिस तरह से उन्होंने बल्लेबाजी की, उनके लिए यह मुश्किल नहीं है। हमने उन्हें इतने सालों से देखा है। अब कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्हें किसे साबित करना है? यह सिर्फ अंदर की इच्छा की बात है कि मैं वर्ल्ड कप खेलना चाहता हूं, इसलिए मुझे खेलना है।'
क्या होगा आगे
अश्विन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर भारतीय टीम चयन पर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की टीम में मौजूदगी या अनुपस्थिति हमेशा से बड़ी चर्चा का विषय रही है। अब यह देखना होगा कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन आगामी विश्व कप के लिए किस दिशा में निर्णय लेते हैं।