बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने दिव्यांग क्रिकेटरों से मुलाकात की, लॉर्ड्स में 118 रनों की जीत को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारत की मिक्स्ड डिसेबिलिटी पुरुष क्रिकेट टीम और डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीसीआई) के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनके इंग्लैंड दौरे की उपलब्धियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस विशेष भेंट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास भी उपस्थित रहे।
मुलाकात का माहौल और सैकिया का संदेश
सैकिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा कि इन 'शानदार खिलाड़ियों' से बातचीत करना 'वाकई प्रेरणादायक' रहा और उनके जज्बे व जुनून ने देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने खिलाड़ियों के और भी सफल होने की कामना जताई। गौरतलब है कि यह मुलाकात इंग्लैंड दौरे से टीम की वापसी के तुरंत बाद आयोजित की गई, जो दिव्यांग क्रिकेटरों के प्रति बीसीसीआई के बढ़ते सम्मान का संकेत है।
इंग्लैंड दौरे का पूरा घटनाक्रम
भारत-इंग्लैंड मेंस मिक्स्ड डिसेबिलिटी टी20 इंटरनेशनल सीरीज 2026 में भारतीय टीम ने कड़ा मुकाबला पेश किया, हालाँकि अंततः सीरीज 3-4 से गँवानी पड़ी। 5 अगस्त को इंग्लैंड ने पहला टी20 29 रनों से जीतकर शुरुआत की। भारत ने 7 अगस्त को दूसरे टी20 में 6 रनों से और 9 अगस्त को तीसरे टी20 में 8 रनों से जीत दर्ज कर शानदार वापसी की।
12 अगस्त को इंग्लैंड ने भारत के 117 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 2 रनों से जीत हासिल कर सीरीज बराबर की। इसके बाद 15 अगस्त को पाँचवें और छठे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को क्रमशः 54 रनों और 18 रनों से हराया। लेकिन 19 अगस्त को सातवें और अंतिम टी20 में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए लॉर्ड्स में इंग्लैंड को 118 रनों से रौंदा — और खिलाड़ी लॉर्ड्स की बालकनी पर जश्न मनाते नज़र आए।
दिव्यांग क्रिकेट और बीसीसीआई की भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब दिव्यांग क्रिकेट को मुख्यधारा में लाने की माँग लगातार तेज़ हो रही है। डीसीसीआई वर्षों से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए संरचित प्रतिस्पर्धा का मंच तैयार करती रही है। बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों और गृह मंत्री की इस संयुक्त उपस्थिति को विशेषज्ञ एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
आगे की राह
इस मुलाकात के बाद दिव्यांग क्रिकेटरों के समर्थन और संसाधनों के विस्तार को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। लॉर्ड्स में 118 रनों की जीत ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय दिव्यांग क्रिकेटरों में विश्व स्तर पर चमकने का पूरा माद्दा है।