13 अगस्त 2026
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सविता पूनिया का दावा: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में किसी भी टीम को चुनौती देने में सक्षम है भारत

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सविता पूनिया का दावा: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में किसी भी टीम को चुनौती देने में सक्षम है भारत

सारांश

एफआईएच नेशंस कप में गोल्ड जीतने के बाद भारतीय महिला हॉकी की दीवार सविता पूनिया का दावा — टीम के पास स्किल, फिटनेस और सही सोच है। तीसरे विश्व कप में उतर रहीं अनुभवी गोलकीपर को भरोसा है कि भारत 2026 में पोडियम तक पहुंच सकता है।

मुख्य बातें

सविता पूनिया हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में लगातार तीसरी बार भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
एफआईएच नेशंस कप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
पूनिया के अनुसार, भारत ने प्रो लीग में अर्जेंटीना , नीदरलैंड और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों को कड़ी टक्कर दी है।
खिलाड़ी अब फिटनेस, डाइट और रिकवरी की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं — गोलकीपर हफ्ते में 3-4 एक्स्ट्रा सेशन करती हैं।
टीम का लक्ष्य विश्व कप में पोडियम तक पहुंचना है।

भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने दावा किया है कि एफआईएच नेशंस कप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में उतरेगी। 13 अगस्त को दिए एक साक्षात्कार में पूनिया ने कहा कि भारतीय दल के पास स्किल, फिटनेस और सही मानसिकता है जिससे वह किसी भी प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दे सकता है। यह उनका लगातार तीसरा विश्व कप होगा — एक उपलब्धि जिसे वे वर्षों की अथक मेहनत का परिणाम मानती हैं।

तीसरे विश्व कप का व्यक्तिगत महत्व

सविता पूनिया के लिए यह टूर्नामेंट केवल एक और अंतरराष्ट्रीय आयोजन नहीं है। पिछले दो विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा, 'वर्ल्ड कप में खेलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह मेरा तीसरा वर्ल्ड कप है। किसी भी हॉकी खिलाड़ी के लिए वर्ल्ड कप और ओलंपिक दो सबसे बड़े मंच होते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि इस बार उनके पास अधिक अनुभव है, जो उन्हें दबाव में शांत रहने और टीम को उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद करने का आत्मविश्वास देता है।

नेशंस कप की जीत से बढ़ा हौसला

पूनिया के अनुसार, एफआईएच नेशंस कप की जीत महज एक ट्रॉफी नहीं थी — यह टीम के मनोबल के लिए एक निर्णायक क्षण था। उन्होंने कहा, 'एफआईएच नेशंस कप जीतना एक बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि इसमें सभी टॉप टीमें शामिल थीं। लंबे समय बाद गोल्ड मेडल जीतने से टीम का मनोबल और आत्मविश्वास भी बढ़ा है।' गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट के दौरान भारत ने अर्जेंटीना, नीदरलैंड और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ कड़े मुकाबले खेले, जिससे खिलाड़ियों को अपनी वैश्विक क्षमता का अहसास हुआ।

खिलाड़ियों की बदलती तैयारी और पेशेवर रवैया

पूनिया ने टीम की तैयारी के बदलते तरीके पर भी रोशनी डाली। उनके अनुसार, खिलाड़ी अब केवल कोच के निर्देशों पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि अपनी फिजिकल कंडीशनिंग, रिकवरी और प्रदर्शन की जिम्मेदारी खुद उठाते हैं। उन्होंने बताया, 'गोलकीपर के तौर पर, हम अक्सर हफ्ते में तीन या चार एक्स्ट्रा सेशन करते हैं। हम डाइट, चोट से बचाव और एक्स्ट्रा सेशन पर ध्यान देते हैं।' यह बदलाव भारतीय महिला हॉकी में बढ़ते व्यावसायिकता का संकेत है।

विश्व कप में पोडियम का लक्ष्य

सविता पूनिया ने स्पष्ट किया कि टीम का मुख्य ध्यान प्रतिद्वंद्वियों पर नहीं, बल्कि अपने खेल पर है। उन्होंने कहा, 'अगर हम अपनी खूबियों के हिसाब से खेलें और अपनी योजनाओं पर टिके रहें, तो हमारे पास पोडियम तक पहुंचने का अच्छा मौका है।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला हॉकी टीम हाल के वर्षों में अपने सबसे मजबूत दौर में से एक से गुजर रही है। आने वाले विश्व कप में टीम का प्रदर्शन यह तय करेगा कि क्या यह आत्मविश्वास मैदान पर भी उतना ही प्रभावशाली साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारतीय महिला हॉकी की असली कसौटी विश्व कप के नॉकआउट दौर में होगी — जहाँ नेशंस कप का जादू काफी नहीं होता। यह ऐसे समय में है जब टीम ने हाल के वर्षों में बड़ी टीमों को टक्कर तो दी है, लेकिन खिताबी जीत अभी भी दूर रही है। खिलाड़ियों की बढ़ती व्यक्तिगत जिम्मेदारी और पेशेवर रवैया सकारात्मक संकेत हैं, परंतु रणनीतिक गहराई और मैच-दर-मैच निरंतरता ही यह तय करेगी कि भारत इस बार सिर्फ दावेदार बनकर रहता है या इतिहास रचता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सविता पूनिया का हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 को लेकर क्या कहना है?
सविता पूनिया ने कहा है कि भारतीय महिला हॉकी टीम के पास स्किल, फिटनेस और सही मानसिकता है जिससे वह किसी भी टीम को चुनौती दे सकती है। एफआईएच नेशंस कप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और वह पोडियम पर जगह बनाने के लक्ष्य के साथ उतरेगी।
सविता पूनिया का यह कितनवाँ विश्व कप होगा?
हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 सविता पूनिया का लगातार तीसरा विश्व कप होगा। वे इसे वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा और एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर टीम को नेतृत्व देने का अवसर मानती हैं।
एफआईएच नेशंस कप जीत का भारतीय टीम पर क्या असर पड़ा?
एफआईएच नेशंस कप में स्वर्ण पदक जीतने से भारतीय महिला हॉकी टीम का मनोबल और आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। इस टूर्नामेंट में अर्जेंटीना, नीदरलैंड और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों के खिलाफ कड़े मुकाबलों ने टीम को यह भरोसा दिलाया कि वह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की तैयारी में क्या बदलाव आया है?
सविता पूनिया के अनुसार, खिलाड़ी अब केवल कोच के निर्देशों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि अपनी फिटनेस, डाइट, रिकवरी और चोट से बचाव की जिम्मेदारी खुद लेते हैं। गोलकीपर सप्ताह में तीन से चार अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र करती हैं।
हॉकी महिला वर्ल्ड कप 2026 में भारत का लक्ष्य क्या है?
सविता पूनिया ने कहा है कि भारत का लक्ष्य विश्व कप में पोडियम तक पहुंचना है। टीम अपनी खूबियों के अनुसार खेलने और अपनी रणनीतिक योजनाओं पर टिके रहने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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