अंडर-18 हॉकी गोलकीपर सावन कुमार का पटना एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत, एशियन टूर्नामेंट में जीता गोल्ड मेडल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के अंडर-18 हॉकी गोलकीपर सावन कुमार जापान में आयोजित एशियन हॉकी टूर्नामेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर 9 जून को स्वदेश लौटे, और पटना एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक एवं सीईओ रवींद्रण शंकरन और बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने एयरपोर्ट पर पहुँचकर उनका अभिनंदन किया।
परिवार और अधिकारियों ने किया गर्मजोशी से स्वागत
एयरपोर्ट पर सावन कुमार के परिजन पहले से मौजूद थे और उन्होंने अपने बेटे का फूल-मालाओं से स्वागत किया। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस अवसर पर सावन को मिठाई खिलाकर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया। इस भव्य स्वागत ने बिहार में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन को रेखांकित किया।
सावन कुमार ने मीडिया से साझा की खुशी
गोलकीपर सावन कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना बहुत खुशी की बात है। बिहार में खेल के क्षेत्र में काफी विकास हो रहा है।' यह बयान बिहार के युवा खिलाड़ियों में राज्य सरकार की खेल नीतियों के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
खेल प्राधिकरण का बिहार की प्रगति पर बयान
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरन ने कहा कि राज्य खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और इसका श्रेय बिहार सरकार को जाता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें खेल मंत्री सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में केवल क्रिकेट नहीं, बल्कि फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, हॉकी और अन्य लोकप्रिय खेलों पर भी व्यापक चर्चा हुई।
शंकरन ने यह भी बताया कि प्रयोग के तौर पर ब्लॉक स्तर पर बने स्टेडियमों में से 50 का चयन किया जाएगा और उन्हें स्थानीय खिलाड़ियों को सौंपा जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा मिल सके।
खेल मंत्री ने क्रिकेटरों की भी की प्रशंसा
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने सावन कुमार की सराहना करते हुए कहा, 'आज बिहार के गौरव सावन कुमार ने गोल्ड मेडल टीम का हिस्सा बनकर हर प्रदेशवासी को गौरवान्वित करने का अवसर दिया है।' इसके साथ ही उन्होंने बिहार के दो क्रिकेट खिलाड़ियों — ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी — की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईशान किशन ने शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में पहचान और तारीफें हासिल की हैं, जो बिहार की क्रिकेट में बढ़ती उपस्थिति का प्रमाण है।
बिहार के खेल परिदृश्य के लिए क्या मायने रखता है यह
गौरतलब है कि बिहार को परंपरागत रूप से खेल के मानचित्र पर कमज़ोर राज्यों में गिना जाता रहा है। सावन कुमार की यह उपलब्धि और ब्लॉक-स्तरीय स्टेडियम पहल राज्य में खेल अवसंरचना को मज़बूत करने की दिशा में सरकार के बढ़ते प्रयासों का संकेत देती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतिगत पहलें जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं।