अनाहत सिंह का ऐतिहासिक कदम: सिलिकॉन वैली ओपन स्क्वैश के सेमीफाइनल में पहली बार PSA गोल्ड सेमी में एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने 23 अक्टूबर 2026 को रेडवुड सिटी में जारी सिलिकॉन वैली ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में मिस्र की छठी सीड सलमा हैनी को पाँच गेम के रोमांचक मुकाबले में हराकर PSA गोल्ड-लेवल सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह उनके करियर का पहला PSA गोल्ड सेमीफाइनल है, जो भारतीय स्क्वैश के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मुकाबले का घटनाक्रम
क्वार्टरफाइनल मुकाबला 42 मिनट तक चला, जिसमें अनाहत सिंह ने सलमा हैनी (विश्व रैंकिंग: 14) को 4-11, 11-8, 4-11, 11-2, 11-5 के स्कोर से मात दी। अनाहत मैच में 2-1 से पीछे चल रही थीं, लेकिन चौथे और पाँचवें गेम में उन्होंने असाधारण वापसी की।
इस जीत से एक दिन पहले, अनाहत ने दुनिया की नंबर तीन और आठ बार की वर्ल्ड चैंपियन मिस्र की नूर एलशेरबिनी को सीधे गेम में हराया था — जो अपने आप में एक बड़ा उलटफेर था।
अनाहत की प्रतिक्रिया
मुकाबले के बाद अनाहत ने कहा, 'मैंने उनके खिलाफ पहले कभी नहीं खेला था। मुझे नहीं पता था कि कोर्ट पर आकर क्या करना है। मैंने उन्हें कई बार खेलते हुए देखा है। वह PSA टूर में बहुत अनुभवी हैं।'
एलशेरबिनी के खिलाफ ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने जोड़ा, 'उस जीत के बाद मुझे पता है कि अगर मैं अच्छा खेल रही हूँ तो मेरे पास किसी से भी जीतने का मौका है। मैं इसी सोच के साथ उतरना चाहती थी।' अनाहत ने यह भी स्वीकार किया कि गुरुवार की जीत के बाद भावनात्मक थकान थी, लेकिन उनका इरादा मोमेंटम बनाए रखने का था।
अगला मुकाबला: शिवसांगरी से रिवेंज का मौका
सेमीफाइनल में अनाहत सिंह का सामना दुनिया की नंबर चार और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन मलेशिया की शिवसांगरी सुब्रमण्यम से होगा। गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में अनाहत को शिवसांगरी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था — यह सेमीफाइनल मुकाबला एक तरह से उनके लिए बदला लेने का अवसर है।
2026 में अनाहत का शानदार सफर
साल 2026 अनाहत सिंह के लिए असाधारण रहा है। वर्ष की शुरुआत में उन्होंने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रचा — वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।
अब PSA गोल्ड सेमीफाइनल में पहुँचकर उन्होंने भारतीय स्क्वैश को एक नई ऊँचाई पर पहुँचाया है। विश्व रैंकिंग में वर्तमान में 15वें स्थान पर काबिज अनाहत के इस प्रदर्शन से उनकी रैंकिंग में और सुधार की संभावना है।
सेमीफाइनल में शिवसांगरी के खिलाफ उनका प्रदर्शन न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए, बल्कि भारत में स्क्वैश के उभरते दर्जे के लिए भी अहम होगा।