28 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शशिकला सिरिवर्धने बनीं पूर्णकालिक कोच, प्लेंटी वैली क्लब में युवा महिला क्रिकेटरों को दे रहीं नई दिशा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शशिकला सिरिवर्धने बनीं पूर्णकालिक कोच, प्लेंटी वैली क्लब में युवा महिला क्रिकेटरों को दे रहीं नई दिशा

सारांश

लगभग दो दशक के अंतरराष्ट्रीय करियर और वनडे में 2,029 रन व 124 विकेट की बेजोड़ विरासत के साथ, शशिकला सिरिवर्धने अब मेलबर्न के प्लेंटी वैली क्लब में युवा महिला क्रिकेटरों को गढ़ रही हैं — यह बदलाव उस बड़ी लहर का हिस्सा है जो महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है।

मुख्य बातें

शशिकला सिरिवर्धने 2026-27 सीजन में विक्टोरिया के प्लेंटी वैली क्रिकेट क्लब में पूर्णकालिक महिला टीम कोच बनीं।
वह श्रीलंका की इकलौती महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने वनडे में 2,029 रन और 124 विकेट का दोहरा मुकाम हासिल किया।
उन्होंने 'लेवल 2' कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरी की और श्रीलंका अंडर-19 महिला टीम के साथ अनुभव लिया।
उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2003 में शुरू हुआ और अंतिम मैच 2020 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में खेला।
ऑस्ट्रेलिया में वह ब्रिस्बेन के विनम-मैनली और मेलबर्न के बॉक्स हिल क्रिकेट क्लब से होते हुए प्लेंटी वैली पहुँचीं।

श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शशिकला सिरिवर्धने ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू किया है। विक्टोरिया के प्लेंटी वैली क्रिकेट क्लब में महिला टीमों की पूर्णकालिक कोच के रूप में 2026-27 सीजन उनके जीवन का पहला ऐसा अभियान है, जो पूरी तरह कोचिंग को समर्पित है। मेलबर्न के उत्तरी उपनगरों में बस चुकीं सिरिवर्धने अब महिला क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तराशने में जुटी हैं।

खिलाड़ी से कोच तक का सफर

सिरिवर्धने का अंतरराष्ट्रीय करियर 2003 में शुरू हुआ था और उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2020 में मेलबर्न में हुए आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में खेला। संन्यास के बाद उन्होंने खेल से पूरी तरह मुँह नहीं मोड़ा, बल्कि अपनी 'लेवल 2' कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरी की और पहले अंडर-19 महिला विश्व कप से पहले श्रीलंका की अंडर-19 महिला टीम के साथ काम करके व्यावहारिक अनुभव हासिल किया।

उन्होंने बताया, 'रिटायर होने के बाद मैंने अपनी लेवल 2 कोचिंग शुरू की और इस क्षेत्र में और गहराई से जुड़ना चाहती थी। पहले अंडर-19 महिला विश्व कप से पहले मुझे श्रीलंका की अंडर-19 टीम के साथ काम करने का मौका मिला, जिसमें मुझे बहुत आनंद आया।' इसी अनुभव ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में अपने कोचिंग करियर को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

ऑस्ट्रेलिया में नई शुरुआत

ऑस्ट्रेलिया पहुँचने पर सिरिवर्धने ने ब्रिस्बेन के 'विनम-मैनली' क्लब से एक खिलाड़ी और सहायक कोच के तौर पर अपनी यात्रा आरंभ की। इससे उन्हें ऑस्ट्रेलिया के क्लब क्रिकेट के ढाँचे को अंदर से समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा, 'जब मैं यहां आई, तो मैंने सोचा कि चूंकि यह एक नया माहौल है, इसलिए मुझे इसे बिल्कुल शुरुआत से समझना चाहिए।'

2024 में वह मेलबर्न के 'बॉक्स हिल क्रिकेट क्लब' से जुड़ीं और एक साल बाद प्लेंटी वैली में कैप्टन-कोच के रूप में आईं। मौजूदा 2026-27 सीजन में उन्होंने खेलना छोड़ दिया और पूरी तरह कोचिंग पर ध्यान केंद्रित कर लिया।

युवा खिलाड़ियों के लिए मजबूत संस्कृति का लक्ष्य

प्लेंटी वैली में सिरिवर्धने की प्राथमिकता प्रतिस्पर्धी लक्ष्यों और युवा क्रिकेटरों के दीर्घकालिक विकास के बीच संतुलन बनाना है। उन्होंने कहा, 'हमारे क्लब में कई युवा खिलाड़ी हैं, इसलिए मेरा ध्यान उनके विकास के साथ-साथ नतीजों पर भी है। हम जीत के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन साथ ही अपने युवा खिलाड़ियों को तैयार करना और इन खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत कल्चर बनाना भी हमारा लक्ष्य है।'

एक असाधारण खिलाड़ी का विरासत

सिरिवर्धने की उपलब्धियाँ महिला क्रिकेट में बेमिसाल हैं। वह श्रीलंका की इकलौती महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने महिला एकदिवसीय (वनडे) क्रिकेट में 1,000 से अधिक रन और कम से कम 100 विकेट दोनों का मुकाम हासिल किया। उन्होंने इस फॉर्मेट में 2,029 रन और 124 विकेट के साथ अपना करियर समाप्त किया।

गौरतलब है कि जब उन्होंने 2003 में क्रिकेट शुरू किया था, तब श्रीलंका में महिला क्रिकेट का संचालन श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के सीधे नियंत्रण में नहीं था। उन्होंने कहा, 'जब मैंने शुरुआत की थी, तब लगभग छह क्लब थे, जिनमें शायद 200 से 400 खिलाड़ी शामिल थे। तब से हमने काफी विकास देखा है।'

महिला क्रिकेट में बड़े बदलाव का प्रतीक

सिरिवर्धने का यह कदम महिला क्रिकेट में एक व्यापक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संन्यास के बाद भी खेल में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ऑस्ट्रेलिया की शेली निट्स्के और इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों का नेतृत्व कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड की पूर्व विकेटकीपर सारा टेलर ने पुरुष क्रिकेट में कोचिंग देना शुरू कर दिया है। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि महिला क्रिकेटरों के लिए संन्यास के बाद की राहें पहले से कहीं अधिक विस्तृत हो रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब श्रीलंका में महिला क्रिकेट के लिए कोई स्थापित ढाँचा नहीं था; आज वही खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में युवा पीढ़ी को वह आधार दे रही हैं जो उन्हें कभी नसीब नहीं हुआ। हालाँकि, यह सवाल उठता है कि भारत और श्रीलंका जैसे देशों में पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों को अपने घर में कोचिंग के अवसर क्यों नहीं मिलते, जिससे वे विदेश जाने को विवश होती हैं। महिला क्रिकेट के असली विकास की परीक्षा यही है कि पूर्व खिलाड़ी अपने ही देश में कोचिंग पारिस्थितिकी तंत्र बना सकें।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शशिकला सिरिवर्धने कौन हैं और उनकी उपलब्धियाँ क्या हैं?
शशिकला सिरिवर्धने श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर हैं। वह श्रीलंका की एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में 2,029 रन और 124 विकेट का दोहरा रिकॉर्ड बनाया। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर 2003 से 2020 तक लगभग दो दशक तक चला।
सिरिवर्धने अब किस क्लब में कोचिंग दे रही हैं?
सिरिवर्धने अभी विक्टोरिया के प्लेंटी वैली क्रिकेट क्लब में महिला टीमों की पूर्णकालिक कोच हैं। 2026-27 सीजन उनके करियर का पहला सीजन है जब वह पूरी तरह कोचिंग को समर्पित हैं और खेलना छोड़ चुकी हैं।
सिरिवर्धने ने कोचिंग की शुरुआत कैसे और कब की?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद सिरिवर्धने ने 'लेवल 2' कोचिंग क्वालिफिकेशन पूरी की। इसके बाद उन्होंने पहले अंडर-19 महिला विश्व कप से पहले श्रीलंका की अंडर-19 महिला टीम के साथ काम किया और फिर अधिक सीखने के लिए ऑस्ट्रेलिया का रुख किया।
सिरिवर्धने का ऑस्ट्रेलिया में सफर कैसा रहा?
ऑस्ट्रेलिया में सिरिवर्धने ने ब्रिस्बेन के विनम-मैनली क्लब से एक खिलाड़ी और सहायक कोच के तौर पर शुरुआत की। 2024 में वह मेलबर्न के बॉक्स हिल क्रिकेट क्लब से जुड़ीं और बाद में प्लेंटी वैली क्लब में कैप्टन-कोच बनीं।
महिला क्रिकेट में पूर्व खिलाड़ियों के कोचिंग में आने का क्या महत्व है?
यह बदलाव महिला क्रिकेट में एक बड़े ढाँचागत सुधार को दर्शाता है। ऑस्ट्रेलिया की शेली निट्स्के, इंग्लैंड की चार्लोट एडवर्ड्स और सारा टेलर जैसी पूर्व खिलाड़ी अब कोचिंग में सक्रिय हैं। सिरिवर्धने जैसे उदाहरण भावी खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं कि संन्यास के बाद भी खेल में अर्थपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले