सोन ह्युंग-मिन का बड़ा बयान: 'फीफा विश्व कप 2026 मेरा आखिरी हो सकता है'
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के कप्तान सोन ह्युंग-मिन ने स्वीकार किया है कि फीफा विश्व कप 2026 उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम विश्व कप हो सकता है। 33 वर्षीय इस स्ट्राइकर ने फीफा को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वे अपनी टीम को उत्तरी अमेरिका में होने वाले इस टूर्नामेंट में एक ऐतिहासिक सफर पर ले जाना चाहते हैं। यह उनका चौथा विश्व कप होगा।
चौथे विश्व कप की तैयारी
सोन ने 2014 में ब्राजील में खेले गए फीफा विश्व कप से अपना अंतरराष्ट्रीय विश्व कप सफर शुरू किया था। उस टूर्नामेंट में शामिल दक्षिण कोरिया टीम के केवल 2 खिलाड़ी अब विश्व कप 2026 की टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं, जिनमें सोन एक हैं। फीफा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है। मैं एक शानदार सफर की उम्मीद कर रहा हूं।'
एमएलएस ट्रांसफर और विश्व कप का कनेक्शन
टोटेनहम हॉटस्पर के पूर्व स्टार ने पिछले साल एमएलएस क्लब एलएएफसी (LAFC) में शामिल होने का फैसला किया था। उन्होंने खुलासा किया कि यह कदम काफी हद तक आगामी विश्व कप को ध्यान में रखकर उठाया गया था। उनके शब्दों में, 'विश्व कप मेरे ट्रांसफर का सबसे बड़ा कारण था। मैं एक और शानदार विश्व कप खेलना चाहता हूं।' गौरतलब है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट में सोन से 'ताएगुक वॉरियर्स' की अगुवाई करने की उम्मीद है।
2002 की विरासत और नया सपना
दक्षिण कोरिया ने 2002 फीफा विश्व कप में सेमी-फाइनल तक का सफर तय किया था — एशियाई फुटबॉल के इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। सोन उस गौरव को दोहराना चाहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरियाई फुटबॉल एक नई पीढ़ी के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश में है।
कोरियन समुदाय और फैंस का समर्थन
सोन ने संयुक्त राज्य अमेरिका में बसे कोरियन समुदाय से मिलने वाले भरपूर समर्थन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'जब मेरा ट्रांसफर हुआ, तो मैं कोरियन समुदाय और वहां रहने वाले लोगों के लिए खुशी लाने को लेकर उत्साहित था। वे मुझे कोरियन होने और कोरिया का प्लेयर होने पर गर्व महसूस कराते हैं।'
कप्तान का फैंस से आह्वान
दक्षिण कोरिया के कप्तान ने स्पष्ट किया कि विश्व कप में सफलता केवल टीम के प्रयासों से नहीं, बल्कि दर्शकों के जोश से भी तय होगी। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह कुछ ऐसा है जो अकेले टीम कर सकती है। अगर फैंस हमें पूरे जोश के साथ समर्थन करते रहेंगे और हमेशा हमारे साथ खड़े रहेंगे, तो मैं खिलाड़ियों को आगे से नेतृत्व करूंगा। हम बिना किसी डर के विश्व कप खेलेंगे।' यह बयान दर्शाता है कि सोन इस टूर्नामेंट को केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन की तरह देख रहे हैं।