सहवाग का विश्लेषण: एसआरएच की घरेलू बैटिंग ताकत ने आरसीबी को 55 रनों से रौंदा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) की घरेलू मैदान पर बल्लेबाजी के दबदबे को टीम की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। शुक्रवार, 23 मई को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ एसआरएच ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और आरसीबी को 55 रनों से पराजित किया।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
ईशान किशन ने 46 गेंदों पर 79 रन की दमदार पारी खेली, जबकि अभिषेक शर्मा ने महज 22 गेंदों में 56 रन ठोककर आरसीबी के गेंदबाजों को निरुत्तर कर दिया। हेनरिक क्लासेन ने 24 गेंदों में 51 रन जोड़कर स्कोर को अजेय ऊँचाई तक पहुँचाया। जवाब में 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आरसीबी 4 विकेट खोकर 200 रन ही बना सकी।
सहवाग का विशेषज्ञ विश्लेषण
सहवाग ने 'जियोस्टार' से बातचीत में कहा, 'एसआरएच का अपने घर में बैटिंग का दबदबा उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जब वे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हैं, तो अपनी बेस्ट फॉर्म में होते हैं। उन्होंने लगातार 230 से 240 रन बनाए हैं। इस तरह का टोटल चेज करने वाली टीम पर तुरंत प्रेशर पड़ता है।' उन्होंने आगे कहा, 'आरसीबी के खिलाफ वे और भी ऊपर गए और 255 रन बनाए। इससे पहले ही ओवर से रनों का पीछा करना बहुत मुश्किल हो गया।'
सहवाग के अनुसार, सपाट पिचों पर बड़ा स्कोर खड़ा करना और फिर स्कोरबोर्ड के दबाव को काम करने देना एसआरएच का घरेलू मैदान पर 'सिग्नेचर मूव' बन गया है।
आरसीबी की पारी: पावरप्ले के बाद लड़खड़ाई
वेंकटेश अय्यर ने 19 गेंदों पर 44 रन की आक्रामक पारी से आरसीबी को तेज शुरुआत दिलाई। लेकिन पावरप्ले समाप्त होते ही अय्यर, विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के विकेट गिरने से मैच एसआरएच के पक्ष में पलट गया। सहवाग ने कहा, 'पावरप्ले खत्म होने के बाद जब आरसीबी ने विकेट गंवाए, तो जरूरी रन रेट बढ़ता गया और मैच हाथ से निकल गया।'
आम जनता और क्रिकेट प्रेमियों पर असर
यह जीत एसआरएच की घरेलू मैदान पर अजेयता की कहानी को और मजबूत करती है। 255 रन जैसे स्कोर लगातार बनाने की क्षमता यह संकेत देती है कि राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में एसआरएच के विरुद्ध खेलना किसी भी टीम के लिए अत्यंत कठिन चुनौती है।
क्या होगा आगे
इस जीत से एसआरएच की प्लेऑफ दावेदारी और मजबूत होती है। आलोचकों का कहना है कि टीम की असली परीक्षा तब होगी जब उसे बाहरी मैदानों पर इसी आक्रामकता को दोहराना होगा। घरेलू मैदान का यह 'स्कोरबोर्ड दबाव' फॉर्मूला प्लेऑफ और फाइनल जैसे तटस्थ मैदानों पर कितना कारगर होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।