श्रीलंका क्रिकेट ने 2026-27 के लिए 46 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट दिए, 7 नए चेहरे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने 2026-27 सीज़न के लिए नेशनल प्लेयर कॉन्ट्रैक्ट्स की घोषणा कर दी है, जिसमें कुल 46 खिलाड़ियों को जगह मिली है। ये अनुबंध 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगे और इन्हें A1, A2, B1, B2, C1 तथा सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स की श्रेणियों में बाँटा गया है।
वर्गीकरण का आधार
बोर्ड के अनुसार, खिलाड़ियों का चयन प्रदर्शन, निरंतरता, फिटनेस स्तर, भविष्य की संभावनाओं और सभी फॉर्मेट में राष्ट्रीय टीमों की रणनीतिक ज़रूरतों के आधार पर किया गया है। यह वर्गीकरण श्रीलंका की लाल और सफ़ेद गेंद, दोनों टीमों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है।
प्रमुख नाम शामिल
अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची में कुसल मेंडिस, धनंजय डी सिल्वा, दिनेश चांदीमल, वानिंदु हसरंगा, पथुम निसांका, चरित असलंका, कामिंदु मेंडिस और महेश दीक्षाना जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इसके अलावा दुष्मंथा चमीरा, दासुन शनाका, प्रभात जयसूर्या, मथीशा पथिराना, दिलशान मदुशंका और लाहिरू कुमारा जैसे वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी सूची का हिस्सा हैं।
पहली बार अनुबंध पाने वाले 7 खिलाड़ी
इस बार 7 नए खिलाड़ियों को पहली बार नेशनल कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इनमें विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कामिल मिशारा, बल्लेबाज़ लसिथ क्रूसपुले, स्पिनर विजयकांत व्यासकांत, सीमर इसिथा विजेसुंदरा, ऑलराउंडर वानुजा सहान, बाएँ हाथ के स्पिनर दिलुम सुदीरा और ऑलराउंडर थरिंदु रत्नायके शामिल हैं। ये सभी हालिया घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सीज़न में लगातार प्रभावी प्रदर्शन के बाद चयनित हुए हैं।
बोर्ड का बयान
बोर्ड ने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा, “श्रीलंका क्रिकेट सभी अनुबंधित खिलाड़ियों को बधाई देता है और विशेष रूप से उन खिलाड़ियों का स्वागत करता है जिन्हें पहली बार नेशनल कॉन्ट्रैक्ट मिल रहा है।” बोर्ड के मुताबिक़, इन कॉन्ट्रैक्ट्स का उद्देश्य खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन के लिए ज़रूरी सहायता-ढाँचा और संसाधन उपलब्ध कराना है, साथ ही श्रीलंकाई क्रिकेट के दीर्घकालिक विकास में योगदान देना है।
क्यों मायने रखता है
यह घोषणा ऐसे समय आई है जब श्रीलंकाई क्रिकेट हाल के वर्षों में प्रशासनिक उठापटक और टीम के मिश्रित प्रदर्शन से जूझता रहा है। गौरतलब है कि बोर्ड का यह कदम 2027 के ICC वनडे विश्व कप चक्र की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहाँ युवा खिलाड़ियों के समूह को धीरे-धीरे अनुभवी कोर के साथ ढाला जाना है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय सीज़न में इन अनुबंधित खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही इस रणनीति की असली परीक्षा होगा।