स्टुअर्ट बिन्नी का जन्मदिन: पिता रॉजर की राह पर चले, बांग्लादेश के खिलाफ 4 रन पर 6 विकेट का ऐतिहासिक स्पेल
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी ने मध्यम गति की गेंदबाज़ी और उपयोगी बल्लेबाज़ी के दम पर टीम इंडिया में अपनी अलग पहचान बनाई। 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रॉजर बिन्नी के बेटे स्टुअर्ट ने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए क्रिकेट जगत में अपना नाम दर्ज कराया। साल 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ 4 रन देकर 6 विकेट लेने वाला उनका स्पेल आज भी वनडे क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ भारतीय गेंदबाज़ी प्रदर्शनों में गिना जाता है।
शुरुआती संघर्ष और घरेलू पहचान
3 जून 1984 को बेंगलुरु में जन्मे स्टुअर्ट को शुरुआत में कर्नाटक टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। हैदराबाद हीरोज और इंडिया इलेवन के लिए खेलते हुए उन्होंने एक प्रमुख ऑलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बनाई।
इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) छोड़ने के बाद बिन्नी कर्नाटक टीम में लौटे और एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में स्थापित हुए। 2013-14 का घरेलू सीज़न उनके करियर का सबसे शानदार दौर रहा, जिसमें उन्होंने 43.22 की औसत से 443 रन बनाए और 32.64 की औसत से 14 विकेट चटकाए। कर्नाटक की रणजी ट्रॉफी जीत में उनका योगदान निर्णायक रहा।
अंतरराष्ट्रीय डेब्यू और टेस्ट में चमक
घरेलू प्रदर्शन के बूते स्टुअर्ट को साल 2014 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू का मौका मिला। इसी साल जुलाई में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
इंग्लैंड की पहली पारी में 10 ओवरों में वह कोई सफलता हासिल नहीं कर सके, लेकिन भारत की दूसरी पारी में 114 गेंदों पर 1 छक्का और 8 चौकों की मदद से 78 रन की पारी खेलकर मुकाबला ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई।
करियर का उतार और सीमित अवसर
सीरीज़ के अगले दो मैचों में प्रभाव न छोड़ पाने के कारण उन्हें करीब एक साल तक टेस्ट टीम से बाहर रहना पड़ा। बाद में श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के बाद उन्हें फिर कभी टेस्ट कैप पहनने का मौका नहीं मिला। साल 2015 के विश्व कप स्क्वाड में चुने जाने के बावजूद वह एक भी मैच नहीं खेल सके।
स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए कुल 6 टेस्ट मैचों में 194 रन और 3 विकेट, तथा 14 वनडे मुकाबलों में 230 रन के साथ 20 विकेट अपने नाम किए।
IPL और घरेलू आँकड़े
IPL में बिन्नी को 2009/10 सीज़न के लिए मुंबई इंडियंस ने टीम में शामिल किया। इसके बाद 2011 से 2015 तक वह राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे। IPL 2016 और 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ खेलने के बाद अगले दो सीज़न के लिए उन्होंने राजस्थान रॉयल्स में वापसी की। IPL करियर के 95 मुकाबलों में उन्होंने 880 रन बनाए और 22 विकेट चटकाए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 95 मुकाबलों में बिन्नी के नाम 11 शतकों और 22 अर्धशतकों सहित 4,796 रन दर्ज हैं, गेंद से उन्होंने 148 विकेट लिए। वहीं 100 लिस्ट-ए मुकाबलों में उन्होंने 1,788 रन और 99 विकेट अपने नाम किए।
पिता रॉजर बिन्नी की विरासत और अपने ऐतिहासिक बांग्लादेश स्पेल के साथ स्टुअर्ट का नाम भारतीय क्रिकेट की उन कहानियों में दर्ज है जो बड़े मंच पर सीमित अवसरों के बावजूद यादगार बन गईं।