स्टुअर्ट बिन्नी का जन्मदिन: 4 रन पर 6 विकेट से लेकर डेब्यू टेस्ट में 78 रनों की पारी तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी का नाम क्रिकेट इतिहास में उस अविस्मरणीय स्पेल के लिए दर्ज है, जब उन्होंने 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ महज 4 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। 3 जून 1984 को बैंगलोर में जन्मे स्टुअर्ट ने अपने पिता और पूर्व BCCI अध्यक्ष रॉजर बिन्नी के नक्शेकदम पर चलते हुए मध्यम गति की गेंदबाज़ी और उपयोगी बल्लेबाज़ी के दम पर टीम इंडिया में अपनी पहचान बनाई।
घरेलू क्रिकेट में संघर्ष और उभार
शुरुआती दौर में स्टुअर्ट को कर्नाटक टीम में जगह बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। हैदराबाद हीरोज़ और इंडिया इलेवन की ओर से इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) में खेलते हुए उन्होंने प्रमुख ऑलराउंडर के तौर पर अपनी छाप छोड़ी। ICL छोड़ने के बाद कर्नाटक टीम में वापसी कर उन्होंने खुद को टीम का अहम स्तंभ साबित किया।
2013-14 का घरेलू सीज़न उनके करियर का सबसे यादगार पड़ाव रहा, जिसमें उन्होंने 43.22 की औसत से 443 रन और 32.64 की औसत से 14 विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने कर्नाटक की रणजी ट्रॉफी जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय डेब्यू और लॉर्ड्स से पहले की चमक
घरेलू सफलता का इनाम जल्द ही मिला। स्टुअर्ट को 2014 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू का मौका मिला, और जुलाई 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट कैप पहनने का गौरव प्राप्त हुआ। इंग्लैंड की पहली पारी में 10 ओवर बिना विकेट के रहे, लेकिन भारत की दूसरी पारी में उन्होंने 114 गेंदों पर 1 छक्के और 8 चौकों की मदद से 78 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर मुकाबला ड्रॉ कराने में अहम योगदान दिया।
छोटा रहा टेस्ट सफर
दुर्भाग्यवश, सीरीज़ के अगले दो मुकाबलों में वे प्रभाव नहीं छोड़ सके और लगभग एक साल तक टेस्ट टीम से बाहर रहे। श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में वापसी के बाद उन्हें फिर कभी टेस्ट कैप पहनने का अवसर नहीं मिला। 2015 के वर्ल्ड कप के लिए चुने जाने के बावजूद वे एक भी मैच नहीं खेल सके।
कुल मिलाकर, स्टुअर्ट ने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 194 रन और 3 विकेट, तथा 14 वनडे में 230 रन व 20 विकेट अपने नाम किए।
IPL और प्रथम श्रेणी का व्यापक करियर
IPL में स्टुअर्ट का सफर 2009/10 सीज़न में मुंबई इंडियंस से शुरू हुआ। इसके बाद 2011 से 2015 तक वे राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे, फिर 2016 और 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जर्सी पहनी, और अंतिम दो सीज़न के लिए राजस्थान रॉयल्स में वापसी की। IPL के 95 मुकाबलों में उन्होंने 880 रन और 22 विकेट दर्ज किए।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 95 मुकाबलों में उनके नाम 11 शतक, 22 अर्धशतक और 4,796 रन हैं, साथ ही गेंद से 148 विकेट। 100 लिस्ट-ए मैचों में उन्होंने 1,788 रन बनाए और 99 विकेट चटकाए। पिता-पुत्र की यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट की उन गिनी-चुनी विरासतों में शामिल है, जिन्होंने अलग-अलग दौर में देश का प्रतिनिधित्व किया।