हशन तिलकरत्ने बने श्रीलंका के बैटिंग कोच, 1996 वर्ल्ड कप विजेता को 31 दिसंबर 2027 तक अनुबंध
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने 21 अगस्त 2026 को घोषणा की कि 1996 पुरुष वनडे वर्ल्ड कप विजेता और पूर्व कप्तान हशन तिलकरत्ने को सीनियर मेंस नेशनल प्रोग्राम का बैटिंग कोच नियुक्त किया गया है। 59 वर्षीय इस अनुभवी बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 20 अगस्त 2026 से आधिकारिक तौर पर अपनी नई ज़िम्मेदारी संभाल ली है।
नियुक्ति का विवरण
SLC के आधिकारिक बयान के अनुसार, तिलकरत्ने कोलंबो स्थित नेशनल हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में कार्यरत रहेंगे और सीनियर पुरुष टीम के खिलाड़ियों के साथ सीधे काम करेंगे। उनका अनुबंध 31 दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगा।
SLC ने अपने बयान में कहा, 'वर्ल्ड कप विजेता तिलकरत्ने एसएलसी के नेशनल हाई परफॉर्मेंस सेंटर में रहेंगे और सीनियर पुरुष टीम के हिस्से के तौर पर राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ काम करेंगे।'
खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर
तिलकरत्ने ने 1989 से 2004 के बीच श्रीलंका के लिए 83 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले और दोनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर 8,334 अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में श्रीलंका की कप्तानी भी की।
गौरतलब है कि उनकी सबसे यादगार टेस्ट पारी 2001 में भारत के खिलाफ आई थी, जब उन्होंने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड पर तीसरे टेस्ट में नाबाद 136 रन बनाए थे। यह वही मैदान है जहाँ भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है।
कोचिंग का व्यापक अनुभव
तिलकरत्ने इस भूमिका में कोचिंग और प्रशासन का व्यापक अनुभव लेकर आए हैं। वे इससे पहले श्रीलंका पुरुष राष्ट्रीय टीम के बैटिंग कोच, श्रीलंका महिला राष्ट्रीय टीम के हेड कोच और बांग्लादेश महिला राष्ट्रीय टीम के हेड कोच के रूप में काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने नेशनल सिलेक्टर के तौर पर भी सेवाएं दी हैं — सीनियर, अंडर-19 और महिला टीमों के साथ।
आगे की राह
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब श्रीलंका और भारत के बीच टेस्ट सीरीज़ जारी है और SSC ग्राउंड पर दूसरा टेस्ट निकट है। तिलकरत्ने का अनुभव और उसी मैदान से जुड़ी यादें श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को प्रेरणा देने में सहायक हो सकती हैं।