वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के लिए 'बड़ा एसेट' — पृथ्वी शॉ के कोच संतोष पिंगुलकर
सारांश
मुख्य बातें
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी के मुरीद अब सिर्फ क्रिकेट फैंस ही नहीं, बल्कि अनुभवी कोच भी हो चले हैं। टीम इंडिया से बाहर चल रहे बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के बचपन के कोच संतोष पिंगुलकर ने 7 जून 2026 को वसई में कहा कि वैभव भारतीय क्रिकेट के लिए एक बेहद अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। बीसीसीआई ने हाल ही में वैभव को आयरलैंड टी20 सीरीज, इंग्लैंड टी20 सीरीज और एशियन गेम्स 2026 — तीनों टूर्नामेंटों के लिए भारतीय टीम में शामिल किया है।
कोच पिंगुलकर की नज़र में वैभव
संतोष पिंगुलकर ने कहा, 'वह बहुत परिपक्वता के साथ खेल रहा है। अगर वैभव इसी तरह खेलता रहा, तो भारत के लिए एक बड़ा एसेट बन सकता है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'वैभव में क्वालिटी है, वह चीजों को तेजी से समझता है। वह सिर्फ एक स्लॉगर नहीं है, बल्कि एक अच्छा हिटर और बॉल का टाइमर है।'
पिंगुलकर के अनुसार निरंतरता ही वैभव की असली कसौटी होगी। उन्होंने कहा, 'अगर वह ऐसी ही बल्लेबाजी करता रहा, तो कई बड़े रिकॉर्ड बना सकता है और भारत को जरूरी मैच जिताने में मदद कर सकता है।'
आईपीएल 2026 में वैभव का कमाल
राजस्थान रॉयल्स (RR) ने आईपीएल 2026 में 15 वर्षीय वैभव को पूरे सीजन ओपनर के रूप में मौका दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, कागिसो रबाडा और जोश हेजलवुड जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।
16 मैचों की 16 पारियों में 1 शतक और 5 अर्धशतक के साथ उन्होंने 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इस सीजन में उन्होंने 72 छक्के लगाकर एक सीजन में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। गौरतलब है कि आईपीएल 2025 में भी वैभव ने भारत की ओर से सबसे तेज आईपीएल शतक लगाया था।
टीम इंडिया में एंट्री
बीसीसीआई ने शनिवार को आयरलैंड टी20 सीरीज, इंग्लैंड टी20 सीरीज और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा की, और तीनों में वैभव का नाम शामिल रहा। यह ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट विशेषज्ञ लंबे समय से उन्हें राष्ट्रीय टीम में देखने की माँग कर रहे थे।
वैभव के पास भारतीय टीम के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बनने का ऐतिहासिक अवसर है — एक उपलब्धि जो उनके करियर को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकती है।
आगे क्या
अब सबकी नज़रें इस पर होंगी कि 15 वर्षीय वैभव अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी आईपीएल जैसा प्रदर्शन दोहरा पाते हैं या नहीं। कोच पिंगुलकर की राय में, यदि वह निरंतरता बनाए रखते हैं, तो भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।