वैष्णवी शर्मा का खुलासा- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैदान से ज्यादा अहम है चरित्र और विनम्रता

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वैष्णवी शर्मा का खुलासा- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैदान से ज्यादा अहम है चरित्र और विनम्रता

सारांश

वैष्णवी शर्मा ने खुलासा किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल होने के लिए मैदानी प्रदर्शन से कहीं अधिक चरित्र, विनम्रता और आत्मानुशासन जरूरी है। हरमनप्रीत कौर और स्नेह राणा जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों से सीखते हुए, युवा स्पिनर भारत 'ए' के इंग्लैंड दौरे में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुख्य बातें

वैष्णवी शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चरित्र और विनम्रता मैदानी प्रदर्शन से अधिक महत्वपूर्ण है।
अब तक 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकीं; 23.80 की औसत और 6.26 की इकॉनमी रेट से 5 विकेट लिए।
होबार्ट में वनडे डेब्यू किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे के टी20 मैचों में नहीं खेलीं।
20-25 जून को नॉर्थम्प्टन और चेम्सफोर्ड में टी20 मैच; 28 जून से 4 जुलाई तक होव और टॉन्टन में वनडे मैच होंगे।
चंद्रकांत पंडित के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में उच्च-प्रदर्शन माहौल प्राप्त किया।

नई दिल्ली, 4 मई (राष्ट्र प्रेस)। बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा के लिए अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत की राष्ट्रीय जर्सी पहनना और सीनियर टीम में स्थान बनाना उनके बचपन के सपने के साकार होने जैसा है। हालांकि, 20 वर्षीय लेफ्ट-आर्म स्पिनर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के उच्च दबाव में दुनिया के शीर्ष स्तर पर खेलने के लिए मैदानी प्रदर्शन से कहीं अधिक चरित्र, विनम्रता और आत्मानुशासन जरूरी है।

भारतीय जर्सी पहनने का गौरव

वैष्णवी ने 'फैनकैचस्टिक चैप्टर 2' इवेंट के दौरान राष्ट्र प्रेस से विशेष साक्षात्कार में कहा, "अब मैं एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनकर बहुत अच्छा और गर्व महसूस कर रही हूं। जब मैं 11-12 साल की थी, तब से मैं भारत की जर्सी पहनने का सपना देख रही थी और पिछले साल से मुझे यह पहनने को मिल रही है। इसलिए यह मुझे हमेशा सबसे अच्छा और सबसे गर्व वाला एहसास कराता है।" उन्होंने आगे कहा कि जब भी वह राष्ट्रीय जर्सी पहनती हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्हें भारत के लिए कुछ विशेष करना है और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना है।

वर्तमान अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

अब तक, वैष्णवी ने भारत के लिए 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 23.80 की औसत तथा 6.26 की इकॉनमी रेट के साथ 5 विकेट लिए हैं, जिनमें 2/24 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन शामिल है। ऑस्ट्रेलिया के बहु-प्रारूप दौरे पर टीम के साथ होने के बावजूद, वैष्णवी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में नहीं खेल पाईं, लेकिन होबार्ट में अपना वनडे डेब्यू किया, जहां वह बिना विकेट के रहीं।

चरित्र और विनम्रता पर जोर

वैष्णवी ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में उनके शुरुआती समय ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख दी है। उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर स्नेह राणा जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के व्यवहार से सीखते हुए कहा, "सबसे पहले, मैंने सीखा कि हर कोई मैदानी प्रदर्शन के बारे में बात करता है। लेकिन मैंने मैदान से बाहर सीखा कि आपका चरित्र कैसा है और आप एक इंसान के तौर पर कैसे हैं, यह कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत के लिए खेलने वाले सभी खिलाड़ी बेहद विनम्र और जमीन से जुड़े हुए हैं, और वह अपने अंदर इन गुणों को और भी मजबूत करना चाहती हैं।

भारत 'ए' के इंग्लैंड दौरे की तैयारी

टी20 महिला विश्व कप में मौका चूकने के बाद, वैष्णवी अब भारत 'ए' की इंग्लैंड यात्रा की तैयारी में जुटी हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन के लिए उच्च लक्ष्य निर्धारित किए हैं। 20-25 जून को नॉर्थम्प्टन और चेम्सफोर्ड में टी20 मैच खेले जाएंगे, जबकि 28 जून से 4 जुलाई तक होव और टॉन्टन में वनडे मैच होंगे। वैष्णवी ने कहा, "मैं अपना रूटीन बदलूंगी और नए लक्ष्य बनाऊंगी। मैं जितना हो सके उतना करूंगी ताकि जब मैं इंग्लैंड जाऊं, तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकूं और भारत 'ए' के लिए योगदान दे सकूं।"

आत्मनिर्भर दृष्टिकोण और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा

लेफ्ट-आर्म स्पिनरों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बारे में पूछे जाने पर, वैष्णवी ने कहा कि वह दूसरों पर नजर रखने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं हमेशा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में विश्वास करती हूं। मैं खुद की तुलना खुद से करती हूं, क्योंकि अगर मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाऊंगी तो आगे बढ़ना तय है। इसलिए मैं ज्यादा नहीं सोचती, मेरा फोकस सिर्फ भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।"

मध्य प्रदेश की भूमिका और उच्च-प्रदर्शन माहौल

ग्वालियर की रहने वाली वैष्णवी ने अपनी घरेलू टीम मध्य प्रदेश और निदेशक चंद्रकांत पंडित को उच्च-प्रदर्शन माहौल बनाने का श्रेय दिया, जो महिला क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में, चंद्रकांत पंडित हैं और वे हमारे लिए चंदू सर हैं। वे हमारे लिए बहुत मेहनत करते हैं और हमारे लिए हर छोटी चीज तैयार करते हैं।" उन्होंने विशेष रूप से मिश्रित कैंप की प्रशंसा की, जहां लड़कियां और लड़के दोनों एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं।

बीसीसीआई के नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों का प्रशिक्षण

वैष्णवी ने कहा कि एमपीसीए (मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन) में उन्हें बीसीसीआई के सभी नए नियम, एंटी-डोपिंग प्रोटोकॉल और अंतरराष्ट्रीय मानकों के बारे में समय पर जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा, "चंदू सर एमपीसीए में हमारे लिए वही स्तर बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो राज्य के बाहर मिलता है। इसलिए, बाहर खेलना आसान हो जाता है और हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि एमपीसीए में वे हमें पहले से ही सभी चीजें दे रहे हैं।" यह दृष्टिकोण युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए बेहतर तरीके से तैयार करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस विचार का परीक्षण तब होगा जब वह अंतरराष्ट्रीय दबाव में वास्तविक परिणाम देंगी। मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से युवा प्रतिभा का निकलना भारतीय महिला क्रिकेट के विकेंद्रीकरण का सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह सवाल बना रहता है कि क्या घरेलू स्तर पर उच्च-प्रदर्शन माहौल वास्तव में अंतरराष्ट्रीय सफलता में अनुवादित होता है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेटरों की मानसिक दृढ़ता पर जोर बढ़ा है, लेकिन विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धिता अभी भी तकनीकी और रणनीतिक कौशल पर निर्भर करती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वैष्णवी शर्मा की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह विचार क्यों महत्वपूर्ण है?
वैष्णवी का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के उच्च दबाव में सफल होने के लिए केवल मैदानी कौशल पर्याप्त नहीं है। चरित्र, विनम्रता और आत्मानुशासन वह गुण हैं जो खिलाड़ी को लंबे समय तक सफल रखते हैं। उन्होंने हरमनप्रीत कौर और स्नेह राणा जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों के व्यवहार से यह सीख ली है।
वैष्णवी शर्मा का वर्तमान अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड क्या है?
वैष्णवी ने भारत के लिए 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 23.80 की औसत तथा 6.26 की इकॉनमी रेट से 5 विकेट लिए हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने होबार्ट में अपना वनडे डेब्यू किया, लेकिन विकेट नहीं लिए।
भारत 'ए' के इंग्लैंड दौरे में वैष्णवी के क्या लक्ष्य हैं?
वैष्णवी ने कहा कि वह इंग्लैंड दौरे में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हैं और भारत 'ए' के लिए महत्वपूर्ण योगदान देना चाहती हैं। 20-25 जून को टी20 मैच और 28 जून से 4 जुलाई तक वनडे मैच खेले जाएंगे।
मध्य प्रदेश क्रिकेट में वैष्णवी की तैयारी कैसी है?
वैष्णवी ने चंद्रकांत पंडित के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में एक उच्च-प्रदर्शन माहौल की प्रशंसा की। यहां लड़कियां और लड़के दोनों मिश्रित कैंप में प्रशिक्षण लेते हैं और बीसीसीआई के सभी नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के बारे में समय पर जानकारी दी जाती है।
वैष्णवी अन्य लेफ्ट-आर्म स्पिनरों के साथ प्रतिस्पर्धा को कैसे देखती हैं?
वैष्णवी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में विश्वास करती हैं और खुद की तुलना खुद से करती हैं। उनका मानना है कि अगर वह अपना सर्वश्रेष्ठ देंगी तो आगे बढ़ना तय है, इसलिए वह दूसरों पर नजर रखने के बजाय अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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