यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो पर ICC का 25% जुर्माना, मैदान पर हेलमेट से हमले का मामला
सारांश
मुख्य बातें
यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट के दौरान हुई झड़प के लिए दोषी पाया है। 24 अगस्त को सामने आए इस फैसले में दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और एक-एक डिमेरिट प्वाइंट लगाया गया है।
मैदान पर क्या हुआ
टेस्ट की पहली पारी में जब असिथा फर्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को बोल्ड किया, तो उन्होंने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया और यशस्वी से कुछ कहा। इस पर पवेलियन की ओर लौट रहे यशस्वी अचानक पलटे और उन्होंने असिथा को अपने हेलमेट से हिट कर दिया। विवाद को बढ़ते देख श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच-बचाव कर यशस्वी को अलग किया।
ICC की कार्रवाई
ICC ने दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 का दोषी पाया, जो 'किसी खिलाड़ी, खिलाड़ी सहायता कर्मी, अंपायर, मैच रेफरी या किसी अन्य व्यक्ति — जिसमें अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान दर्शक भी शामिल हैं — के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क' से संबंधित है। जुर्माने के साथ दिए गए डिमेरिट प्वाइंट खिलाड़ियों के रिकॉर्ड पर दर्ज होंगे और भविष्य में उल्लंघन की स्थिति में निलंबन का कारण बन सकते हैं।
टीम इंडिया की प्रतिक्रिया
दिन का खेल समाप्त होने के बाद टीम इंडिया के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने माना कि यशस्वी को असिथा के इतने करीब नहीं जाना चाहिए था। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की गर्मागर्म झड़पें मैदान पर कभी-कभी हो जाती हैं। यशस्वी के बर्ताव की व्यापक आलोचना भी हुई।
यशस्वी का बल्लेबाजी प्रदर्शन
इस विवाद से परे, यशस्वी जायसवाल इस सीरीज में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। दूसरे टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने अच्छी शुरुआत के बावजूद 45 रन बनाकर असिथा फर्नांडो की गेंद पर ही क्लीन बोल्ड होकर विकेट गँवाया। पहले टेस्ट में भी उनका बल्ला खामोश रहा — पहली पारी में 32 रन और दूसरी पारी में शून्य पर आउट हुए थे।
मैच की मौजूदा स्थिति
दूसरे दिन चाय के विराम तक टीम इंडिया ने 8 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 475 रन जोड़ लिए हैं। ध्रुव जुरेल 95 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं और भारत की पारी को और आगे ले जाने की कोशिश में हैं। यह देखना होगा कि मैदान पर हुई इस घटना का दोनों टीमों के मनोबल पर क्या असर पड़ता है।