यूथ ओलंपिक 2026: देव रूपारेलिया और तन्वी पात्री डकार में बैडमिंटन में भारत की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
युवा बैडमिंटन खिलाड़ी देव रूपारेलिया और तन्वी पात्री 1 से 5 नवंबर 2026 के बीच डकार, सेनेगल में आयोजित यूथ ओलंपिक गेम्स 2026 की बैडमिंटन स्पर्धाओं में भारत का झंडा बुलंद करेंगे। दोनों खिलाड़ियों को क्रमशः दूसरी और तीसरी वरीयता मिली है, जो युवा भारतीय बैडमिंटन की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है।
मुख्य घटनाक्रम
यूथ ओलंपिक गेम्स 2026 का आयोजन 31 अक्टूबर से 13 नवंबर 2026 तक सेनेगल की राजधानी डकार में किया जाएगा। बैडमिंटन स्पर्धाओं में पुरुष और महिला एकल इवेंट होंगे, जिनमें प्रत्येक वर्ग में 32 खिलाड़ी भाग लेंगे। ड्रॉ की घोषणा हो चुकी है और भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबलों की तस्वीर साफ हो गई है।
प्रतियोगिता दो चरणों में खेली जाएगी — पहले ग्रुप स्टेज, फिर नॉकआउट चरण। 32 खिलाड़ियों को चार-चार के आठ समूहों में बाँटा गया है। हर ग्रुप का विजेता सीधे क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करेगा, जिसके बाद सेमीफाइनल और 5 नवंबर को स्वर्ण तथा कांस्य पदकों के फैसले होंगे।
देव रूपारेलिया का ग्रुप और चुनौती
दूसरी वरीयता प्राप्त देव रूपारेलिया को पुरुष एकल में ग्रुप एच में रखा गया है। इस ग्रुप में उनके प्रतिद्वंद्वी हैं — शौर्य गुल्लैया (कनाडा), पेट्र ब्रिजा (चेक गणराज्य) और शेख अहमदौ बाम्बा डायग्ने (सेनेगल)। दूसरी वरीयता उन्हें ग्रुप में शीर्ष दावेदार के रूप में स्थापित करती है, हालाँकि मेजबान देश के खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय अनुभव रखने वाले प्रतिद्वंद्वी चुनौती पेश कर सकते हैं।
तन्वी पात्री का ग्रुप और मुकाबला
तीसरी वरीयता प्राप्त तन्वी पात्री को महिला एकल में ग्रुप एफ में स्थान मिला है। उनके ग्रुप में स्मृति अदेपु (ऑस्ट्रेलिया), सारा पेट्रीसिया डेलगाडो गोंजालेज (मेक्सिको) और जांग यू जियोंग (कोरिया) शामिल हैं। गौरतलब है कि कोरिया बैडमिंटन की दुनिया में परंपरागत रूप से एक मज़बूत शक्ति रही है, इसलिए यह ग्रुप तन्वी के लिए कड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।
बॉक्सिंग में भी भारत की चुनौती
बैडमिंटन के अलावा, भारत ने बॉक्सिंग में भी दो कोटा हासिल किए हैं। हरियाणा की गुंजन महिलाओं की 48 किग्रा श्रेणी में और मणिपुर के एल. अंबेडकर मैतेई पुरुषों की 50 किग्रा श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों मुक्केबाजों ने क्वालीफाइंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अपनी जगह पक्की की है।
आगे क्या
देव रूपारेलिया और तन्वी पात्री दोनों अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर नॉकआउट दौर में पहुँचने की कोशिश करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय युवा बैडमिंटन ने अंतरराष्ट्रीय जूनियर सर्किट में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 5 नवंबर 2026 को पदक विजेताओं का फैसला होगा — और दोनों खिलाड़ियों के पास यूथ ओलंपिक मंच पर ऐतिहासिक छाप छोड़ने का अवसर है।