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1 अक्टूबर 2026 पंचांग: आश्विन कृष्ण पंचमी पर सिद्धि योग, जानें अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का सही समय

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1 अक्टूबर 2026 पंचांग: आश्विन कृष्ण पंचमी पर सिद्धि योग, जानें अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का सही समय

सारांश

1 अक्टूबर 2026 को आश्विन कृष्ण पंचमी, सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। अभिजीत मुहूर्त 11:52 से 12:40 बजे तक — शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम। राहुकाल 1:45 से 3:13 बजे तक, दक्षिण दिशा में दिशाशूल। गुरुवार होने से विष्णु-लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व।

मुख्य बातें

पंचमी तिथि 1 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:35 बजे तक, इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ।
सिद्धि योग शाम 9:17 बजे तक और रोहिणी नक्षत्र दिनभर रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय।
राहुकाल दोपहर 1:45 बजे से 3:13 बजे तक — नए शुभ कार्य वर्जित।
गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल ; उस दिशा में यात्रा से परहेज की सलाह।
सूर्योदय 6:22 बजे, सूर्यास्त 6:10 बजे; सूर्य कन्या और चंद्रमा वृषभ राशि में।

1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। पंचांग के अनुसार इस दिन सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो इसे पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष रूप से अनुकूल बनाता है। हिंदू पंचांग परंपरा के अनुसार यह काल-गणना पद्धति सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है।

तिथि, नक्षत्र और ग्रह-स्थिति

इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा और सिद्धि योग शाम 9:17 बजे तक विद्यमान रहेगा। करण तैतिल रहेगा। ग्रहों की स्थिति के अनुसार सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे। सनातन धर्म में आश्विन मास को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि इस महीने देवी उपासना के साथ-साथ पितरों से संबंधित धार्मिक कर्म भी किए जाते हैं।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र-गणना

1 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:22 बजे और सूर्यास्त शाम 6:10 बजे होगा। चंद्रोदय रात 9:40 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन सुबह 11:58 बजे होगा। गुरुवार का दिन पड़ने से इस तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से की गई भगवान विष्णु की आराधना और लक्ष्मी ध्यान से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

अभिजीत मुहूर्त: दिन का सबसे शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा — यह करीब 48 मिनट का काल दिनमान का आठवाँ मुहूर्त होता है और इसे दिन का सर्वाधिक शुभ एवं फलदायी समय माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस मुहूर्त में आरंभ किए गए कार्यों से समस्त अशुभ प्रभाव और दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं।

राहुकाल और दिशाशूल

राहुकाल दोपहर 1:45 बजे से 3:13 बजे तक रहेगा। पंचांग परंपरा में राहुकाल के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य का आरंभ करना वर्जित माना जाता है। इसके अतिरिक्त, गुरुवार को दक्षिण दिशा की ओर दिशाशूल रहेगा — इस दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना उचित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय करके यात्रा की जा सकती है।

आश्विन मास का धार्मिक महत्व

आश्विन माह हिंदू पंचांग में देवी उपासना और पितृ-कर्म दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मास में शक्ति की आराधना और पितरों के निमित्त श्राद्ध-तर्पण करने की परंपरा प्राचीनकाल से चली आ रही है। 1 अक्टूबर 2026 को सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र के संयोग के साथ-साथ गुरुवार का संगम इस दिन को धार्मिक गतिविधियों के लिए और भी फलदायी बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नक्षत्र और मुहूर्त को व्यावहारिक महत्व देता है — यह महज धार्मिक रुचि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक निरंतरता का हिस्सा है। 1 अक्टूबर का संयोग — सिद्धि योग, रोहिणी नक्षत्र और गुरुवार — इस दिन को विशेष रूप से खोजने योग्य बनाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पंचांग की गणनाएँ क्षेत्रीय और पंचांग-पद्धति के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय पंडित या प्रामाणिक पंचांग से पुष्टि करना सदा उचित रहता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 अक्टूबर 2026 को कौन-सी तिथि है?
1 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
1 अक्टूबर 2026 का अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। यह लगभग 48 मिनट का काल दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है, जिसमें शुरू किए गए कार्यों से अशुभ प्रभाव नष्ट होते हैं।
1 अक्टूबर 2026 का राहुकाल कब से कब तक है?
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को राहुकाल दोपहर 1:45 बजे से 3:13 बजे तक रहेगा। पंचांग परंपरा में इस अवधि में नए या शुभ कार्यों का आरंभ अशुभ माना जाता है।
1 अक्टूबर को कौन-सा योग और नक्षत्र है?
इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा और सिद्धि योग शाम 9:17 बजे तक विद्यमान रहेगा। करण तैतिल, सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे।
1 अक्टूबर 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए और यदि यात्रा अनिवार्य हो तो उचित उपाय कर लेने चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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