26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

11 जून 2026 पंचांग: परमा एकादशी पर सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
11 जून 2026 पंचांग: परमा एकादशी पर सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त

सारांश

11 जून 2026 को परमा एकादशी पर सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग पूरे दिन बना रहेगा। अश्विनी नक्षत्र और शोभन योग के साथ यह दिन व्रत, पूजा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

मुख्य बातें

परमा एकादशी की तिथि 11 जून 2026 की रात 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी।
सर्वार्थसिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा — पूजा, दान और नए कार्यों के लिए अत्यंत शुभ।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:08 से 4:56 और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 से 12:53 तक।
राहुकाल दोपहर 2:06 से 3:47 — इस दौरान नए कार्यों से बचें।
चंद्रमा सुबह 8:16 बजे मीन से मेष राशि में प्रवेश करेगा; सूर्य वृषभ राशि में।
शोभन योग रात 12:59 तक और अश्विनी नक्षत्र सुबह 8:16 बजे से प्रारंभ।

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की परमा एकादशी इस वर्ष 11 जून 2026 को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इस दिन व्रत, पूजा-अर्चना तथा दान-पुण्य का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परमा एकादशी का व्रत रखने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।

तिथि और नक्षत्र की स्थिति

पंचांग के अनुसार, परमा एकादशी की तिथि 11 जून की रात 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। नक्षत्र की दृष्टि से यह दिन विशेष है — सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, अश्विनी नक्षत्र को शुभ माना जाता है और इस काल में नए कार्यों की शुरुआत अच्छे परिणाम देने वाली मानी जाती है।

सर्वार्थसिद्धि योग और अन्य शुभ संयोग

इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण संयोग सर्वार्थसिद्धि योग है, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्य, पूजा-पाठ, दान और नए कार्यों की शुरुआत विशेष फल प्रदान करती है। इसी कारण परमा एकादशी और सर्वार्थसिद्धि योग का यह संयोग अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त शोभन योग भी रात 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद अतिगण्ड योग शुरू होगा। दिन के विभिन्न समयों में बव, बालव और कौलव करण भी रहेंगे।

शुभ मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त

सूर्योदय सुबह 5 बजकर 44 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 8 मिनट पर। चंद्रोदय रात 2 बजे और चंद्रास्त दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर रहेगा। पूजा-पाठ और ध्यान के लिए सर्वोत्तम ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक और रात में 11 बजकर 48 मिनट से अगले दिन 1 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय — इनसे बचें

कुछ विशेष समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड सुबह 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट और कुलिक काल सुबह 9 बजकर 5 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। दिन में दो बार दुर्मुहूर्त भी रहेगा, इसलिए इन अवधियों में नए कार्यों की शुरुआत से परहेज़ उचित माना जाता है।

ग्रहों की स्थिति

ग्रह-स्थिति की दृष्टि से चंद्रमा सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक मीन राशि में रहेगा, जिसके बाद वह मेष राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य इस समय वृषभ राशि में स्थित है। ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा का राशि परिवर्तन मन और भावनाओं पर प्रभाव डालता है। परमा एकादशी, सर्वार्थसिद्धि योग और अश्विनी नक्षत्र का यह त्रिवेणी संगम इस दिन को धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी विश्वसनीयता तभी बनती है जब समय और योग की जानकारी सटीक स्रोत से दी जाए। सर्वार्थसिद्धि योग जैसे संयोग हर माह नहीं बनते, इसलिए इसका एकादशी के साथ मेल इस दिन को वास्तव में विशेष बनाता है। पाठकों को चाहिए कि वे स्थानीय पंचांग से समयों की पुष्टि करें, क्योंकि सूर्योदय और मुहूर्त भौगोलिक स्थिति के अनुसार बदलते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमा एकादशी 2026 कब है और इसका महत्व क्या है?
परमा एकादशी 11 जून 2026 को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में मनाई जाएगी। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से विशेष पुण्य और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
11 जून 2026 को सर्वार्थसिद्धि योग कब तक रहेगा?
सर्वार्थसिद्धि योग 11 जून 2026 को पूरे दिन प्रभावी रहेगा। इस योग में किए गए शुभ कार्य, पूजा-पाठ, दान और नए कार्यों की शुरुआत विशेष फल देने वाली मानी जाती है।
11 जून 2026 का शुभ मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त कब है?
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक और अमृत काल सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
11 जून 2026 को राहुकाल किस समय है?
11 जून 2026 को राहुकाल दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
11 जून 2026 को कौन-सा नक्षत्र रहेगा?
11 जून को सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक रेवती नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। ज्योतिष के अनुसार अश्विनी नक्षत्र शुभ माना जाता है और इसमें नए कार्यों की शुरुआत अच्छे परिणाम देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले