7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रह्लाद जोशी का कांग्रेस पर हमला: '300 सांसद होते तो सरकार बनाते, चुनाव आयोग में घुसना बेवकूफी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रह्लाद जोशी का कांग्रेस पर हमला: '300 सांसद होते तो सरकार बनाते, चुनाव आयोग में घुसना बेवकूफी'

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हुबली में राहुल गांधी के '300 सांसद' वाले दावे को सीधे चुनौती दी — कहा कि इतने सांसद होते तो सरकार बनाते। चुनाव आयोग में बिना अपॉइंटमेंट घुसने और आकाशवाणी भवन प्रवेश को 'बेवकूफी और गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 7 अक्टूबर 2026 को हुबली में कांग्रेस और राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला।
राहुल गांधी के ' 300 सांसद ' वाले बयान को जोशी ने 'बेवकूफी की हद' बताया, कहा — 'इतने सांसद होते तो सरकार बना लेते।' जोशी ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से मिलने के लिए पहले अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है।
BJP ने खुद दो दिन पहले लिखित अनुरोध भेजकर चुनाव आयोग से समय लिया था — जोशी ने इसे प्रक्रिया का उदाहरण बताया।
आकाशवाणी भवन में कांग्रेस नेताओं के कथित प्रवेश को जोशी ने 'गैर-जिम्मेदाराना' रवैया करार दिया।
फॉर्म-6 पर जोशी ने कहा — चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है, 'कोई बदलाव नहीं, सिर्फ एक घोषणा जोड़ी गई है।'

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 7 अक्टूबर 2026 को हुबली में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। यह हमला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर कांग्रेस सांसदों के चुनाव आयोग दफ्तर पहुँचने और आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर प्रवेश करने के मुद्दों पर केंद्रित रहा। जोशी ने राहुल गांधी के '300 सांसदों' वाले बयान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि यह 'बेवकूफी की हद' है।

'300 सांसद हैं तो सरकार बना लेते'

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राहुल गांधी का यह दावा कि उनके साथ 300 सांसद थे और उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा, तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'अगर 300 सांसद हैं तो कांग्रेस पार्टी सरकार ही बना लेती।' जोशी ने इसे 'मूर्खता की बात' बताया और कहा कि इस तरह के बयान सार्वजनिक विमर्श को भटकाते हैं।

चुनाव आयोग में अपॉइंटमेंट की बाध्यता

जोशी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और वहाँ मिलने के लिए पहले अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है। उन्होंने अपनी पार्टी का उदाहरण देते हुए बताया कि जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो केंद्रीय कैबिनेट मंत्री चुनाव आयोग से मिलने गए, तब भी उन्होंने दो दिन पहले लिखित अनुरोध भेजा था। आपसी सहमति से समय तय होने के बाद ही मुलाकात हुई।

उन्होंने कहा, 'देश में एक सिस्टम है। क्या आप बिना अनुमति किसी भी ऑफिस में घुस सकते हैं? यह कैसे काम करता है?' जोशी ने इशारा किया कि कांग्रेस ने बिना अपॉइंटमेंट लिए अचानक मिलने की कोशिश की, जो स्थापित प्रक्रिया का उल्लंघन है।

आकाशवाणी भवन में कथित प्रवेश पर सवाल

आकाशवाणी भवन में कांग्रेस नेताओं के कथित प्रवेश पर जोशी ने कहा कि यह रवैया 'गैर-जिम्मेदाराना' है। उन्होंने सवाल किया कि 'वे अंदर कैसे घुस गए? क्या उन्हें जवाबदेह ठहराने वाला कोई नहीं है?' यह मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है, क्योंकि आकाशवाणी एक सरकारी प्रसार संस्था है।

फॉर्म-6 विवाद पर जोशी का जवाब

चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फॉर्म-6 को लेकर उठाए गए सवालों पर जोशी ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही इस मुद्दे को स्पष्ट कर चुका है। उनके अनुसार, 'फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ है — केवल एक घोषणा जोड़ी गई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तथ्य को समझते हुए भी जानबूझकर भ्रम फैला रही है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कांग्रेस की ओर से पहले भी उठाई जा चुकी है, और यह मुद्दा संसद से बाहर भी राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। जोशी का यह बयान BJP की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है जो कांग्रेस की संसदीय ताकत और प्रक्रियागत दावों को एक साथ चुनौती देती है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसे स्वयं यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये संस्थाएँ सभी दलों को समान और सुलभ पहुँच दें। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग और आकाशवाणी प्रवेश विवाद — ये दोनों मुद्दे सतह पर भले ही प्रक्रियागत लगें, लेकिन गहराई में ये संस्थाओं की स्वायत्तता और सत्ता-पक्ष तक विपक्ष की पहुँच के बड़े सवाल उठाते हैं, जिन पर मुख्यधारा की कवरेज प्रायः ध्यान नहीं देती।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी के '300 सांसद' वाले बयान पर क्या कहा?
जोशी ने इसे 'बेवकूफी की हद' बताते हुए व्यंग्यात्मक जवाब दिया कि अगर 300 सांसद हैं तो कांग्रेस सरकार बना लेती। उन्होंने कहा कि यह बयान तर्कसंगत नहीं है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश क्यों की?
कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर चुनाव आयोग से मिलना चाहती थी। पार्टी का आरोप है कि उन्हें मिलने से रोका गया, जबकि जोशी का कहना है कि बिना अपॉइंटमेंट लिए कोई नहीं मिलता।
चुनाव आयोग से मिलने की क्या प्रक्रिया है?
जोशी के अनुसार, चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और वहाँ मिलने के लिए पहले लिखित अपॉइंटमेंट अनुरोध भेजना होता है। BJP ने खुद दो दिन पहले अनुरोध भेजा था और आपसी सहमति से समय तय किया था।
आकाशवाणी भवन विवाद क्या है?
कांग्रेस नेताओं पर आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने का आरोप है। जोशी ने इसे 'गैर-जिम्मेदाराना' रवैया बताया और कहा कि किसी भी सरकारी दफ्तर में बिना अनुमति नहीं घुसा जा सकता।
फॉर्म-6 विवाद क्या है और जोशी ने क्या कहा?
फॉर्म-6 मतदाता पंजीकरण से जुड़ा दस्तावेज है, जिसमें कथित बदलाव को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। जोशी ने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि फॉर्म में कोई बदलाव नहीं हुआ — केवल एक घोषणा जोड़ी गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले