10 अक्टूबर 2026
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चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस का हमला: SIR, CJP प्रोटेस्ट और वोट चोरी के आरोप

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चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस का हमला: SIR, CJP प्रोटेस्ट और वोट चोरी के आरोप

सारांश

कांग्रेस ने 10 अक्टूबर को CJP प्रोटेस्ट और SIR विवाद को केंद्र में रखते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर एक साथ कई मोर्चों से हमला बोला — वोट चोरी के आरोप से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग और महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों के लिए ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवज़े की माँग तक।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 10 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और SIR व CJP प्रोटेस्ट को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों में धांधली का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर BJP का बचाव करने का आरोप लगाया।
ओडिशा कांग्रेस प्रमुख भक्त चरण दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की माँग की।
महाराष्ट्र में सूखे से खरीफ फसल बर्बाद; कांग्रेस ने प्रभावित किसानों को ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवज़े की माँग की।

कांग्रेस ने 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में SIR (विशेष गहन संशोधन) और CJP प्रोटेस्ट को लेकर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आयोग की निष्पक्षता पर सीधे सवाल खड़े करते हुए वोट चोरी, उपचुनाव में धांधली और संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और ओडिशा के प्रदेश अध्यक्षों ने एक साझा मंच से यह आरोप दोहराए।

दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दिल्ली में हुए CJP प्रोटेस्ट पर कहा, 'यह अराजकता है। अगर कोई अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे गिरफ्तार कर लेते हैं। यह कैसा तरीका है, क्योंकि कोई गलत आवाज नहीं उठा रहा है?' उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच कथित सांठगांठ से पूरे देश में वोट चोरी हो रही थी, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस पर एक महत्त्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।

सरकार ने दावा किया कि शुरुआत में लोग राहुल गांधी की बातों को लेकर संशय में थे, परंतु अब 'देश की पूरी जनता राहुल गांधी के साथ खड़ी है।' यह बयान उपचुनाव नतीजों के संदर्भ में आया है, जिन पर कांग्रेस ने धांधली का आरोप लगाया है।

उपचुनाव नतीजों पर धांधली के आरोप

शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में मतदान होता, तो दोनों सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार विजयी होते। उन्होंने कहा कि जब चुनाव प्रक्रिया भयमुक्त नहीं होती, तो परिणाम का सटीक अनुमान लगाना कठिन हो जाता है और राजनीतिक विश्लेषकों में अटकलें बढ़ती हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दलों ने उपचुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हों। पिछले कई चुनावों में भी इसी प्रकार के आरोप सामने आ चुके हैं, जिन्हें चुनाव आयोग ने अब तक निराधार बताया है।

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अपना वकील बना लिया है? हम चुनाव आयोग से सबूत माँग रहे हैं। आयोग की गलतियाँ पहले ही साबित हो चुकी हैं, इसके बावजूद BJP इसका बचाव क्यों कर रही है?' ओडिशा कांग्रेस प्रमुख भक्त चरण दास ने इससे एक कदम आगे जाते हुए आयोग के खिलाफ उठे सवालों के मद्देनज़र मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की माँग की।

भक्त चरण दास ने कहा कि जिस व्यक्ति को देश की 140 करोड़ जनता के मतों का संरक्षक बनना था, वह कथित तौर पर सत्ता के हाथों में खेल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में बेरोज़गारी दर वैश्विक औसत से दोगुनी हो गई है और संविधान का सम्मान खतरे में है — हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

महाराष्ट्र सूखा: किसानों के लिए ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवज़े की माँग

हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र में पड़े भीषण सूखे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में खरीफ की पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है और सरकार ने अभी तक कोई राहत पैकेज घोषित नहीं किया है। उनकी माँग है कि सरकार तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करे और प्रभावित किसानों को ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर का मुआवज़ा दिया जाए।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में खरीफ सीज़न की विफलता से लाखों किसान परिवार आर्थिक संकट में हैं। राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के इस राष्ट्रव्यापी समन्वित हमले से स्पष्ट है कि पार्टी चुनाव आयोग की स्वायत्तता को 2026-27 के चुनावी एजेंडे का केंद्रीय मुद्दा बनाने की रणनीति पर चल रही है। CJP प्रोटेस्ट से उपजा विवाद और SIR प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में संसदीय और सड़क, दोनों स्तरों पर तीखे हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

महाराष्ट्र और ओडिशा से एक साथ — रणनीतिक है, सहज नहीं। SIR और CJP प्रोटेस्ट को चुनाव आयोग की विश्वसनीयता के व्यापक सवाल से जोड़ना पार्टी की उस कोशिश का हिस्सा है जो संस्थागत निष्पक्षता को 2027 के चुनावी आख्यान का केंद्र बनाना चाहती है। परंतु आरोप और प्रमाण में अंतर बड़ा है — वोट चोरी के दावे अब तक न्यायिक रूप से स्थापित नहीं हुए हैं। असली जोखिम यह है कि बार-बार के ऐसे आरोपों से मतदाताओं में चुनावी प्रक्रिया के प्रति अविश्वास गहरा हो सकता है, जो लोकतंत्र के लिए किसी एक पार्टी की राजनीतिक हार से कहीं अधिक नुकसानदेह परिणाम है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CJP प्रोटेस्ट क्या है और कांग्रेस का इस पर क्या रुख है?
CJP प्रोटेस्ट दिल्ली में हुआ एक प्रदर्शन है जिसमें प्रतिभागियों को कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया। कांग्रेस ने इसे 'अराजकता' बताते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों को गिरफ्तार करना अस्वीकार्य है।
SIR (विशेष गहन संशोधन) पर कांग्रेस को क्या आपत्ति है?
कांग्रेस का आरोप है कि SIR प्रक्रिया का उपयोग चुनाव आयोग और केंद्र सरकार की कथित सांठगांठ से वोट सूचियों में हेरफेर के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने इसे वोट चोरी का एक तंत्र बताया है, हालाँकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों की?
ओडिशा कांग्रेस प्रमुख भक्त चरण दास ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ जो सवाल उठे और जो गलतियाँ कथित तौर पर साबित हुईं, उनकी जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार उन्हें बचा रही है।
महाराष्ट्र में किसानों के लिए कांग्रेस ने क्या माँग रखी है?
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने माँग की है कि महाराष्ट्र में भीषण सूखे से बर्बाद हुई खरीफ फसल के एवज में सरकार प्रभावित किसानों को ₹1 लाख प्रति हेक्टेयर का मुआवज़ा दे और तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करे।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव पर कांग्रेस का क्या कहना है?
कांग्रेस के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दावा किया कि यदि इन दोनों सीटों पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान होता, तो कांग्रेस उम्मीदवार जीतते। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर दबाव और भय के माहौल का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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