एमसीडी वार्ड समिति चुनाव में क्रॉस वोटिंग: AAP ने तीन महिला पार्षदों को तत्काल निलंबित किया
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 16 जुलाई 2025 को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की अपनी तीन महिला पार्षदों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पार्टी ने इन पर कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और हाल ही में संपन्न जोनल वार्ड समिति चुनावों में संदिग्ध आचरण का आरोप लगाया है। यह कार्रवाई 15 जुलाई को सिविक सेंटर में हुए एमसीडी के आंतरिक चुनावों के ठीक एक दिन बाद की गई।
किन पार्षदों पर हुई कार्रवाई
निलंबित की गई पार्षदों में निर्मला देवी (शर्मा), कृष्णा देवी राघव और सुल्ताना आबाद शामिल हैं। यह निलंबन आदेश दिल्ली प्रदेश AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जारी किया। पार्टी ने आधिकारिक बयान में निलंबन का स्पष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सीधे तौर पर क्रॉस वोटिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन तीनों पार्षदों ने वार्ड समिति चुनावों के दौरान कथित रूप से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में मतदान किया, जिसके बाद उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अपरिहार्य हो गई।
एमसीडी चुनाव परिणाम: भाजपा का दबदबा
15 जुलाई को एमसीडी मुख्यालय सिविक सेंटर में 12 वार्ड समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों तथा 18 सदस्यीय स्थायी समिति की 6 रिक्त सीटों पर चुनाव हुए। परिणाम AAP के लिए निराशाजनक रहे — BJP ने 12 में से 10 वार्ड समितियों के अध्यक्ष पद जीते और स्थायी समिति की 6 में से 5 सीटों पर कब्जा जमाया। AAP को केवल 2 वार्ड समितियों के अध्यक्ष पद और स्थायी समिति की एक सीट मिली।
स्थायी समिति का महत्व
एमसीडी की 18 सदस्यीय स्थायी समिति निगम की सबसे शक्तिशाली निर्णय-निर्माण संस्था है। यह समिति ₹5 करोड़ से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं, वित्तीय प्रस्तावों, अनुबंधों और नीतिगत मामलों को मंजूरी देने का अधिकार रखती है। वर्तमान में इस समिति में BJP के 12 सदस्य और AAP के 6 सदस्य हैं, जिससे BJP का स्पष्ट बहुमत स्थापित हो गया है।
AAP की बढ़ती मुश्किलें
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सिविल लाइंस वार्ड से AAP पार्षद विकास टांक हाल ही में BJP में शामिल हो गए थे, जिससे एमसीडी में AAP की संख्याबल और कमजोर हुई और BJP की स्थिति और सुदृढ़ हुई। गौरतलब है कि एमसीडी में पार्षदों का इस तरह दल-बदल और आंतरिक अनुशासनहीनता AAP के लिए नई चुनौती बनती जा रही है।
आगे की राह
तीनों निलंबित पार्षदों की भूमिका एमसीडी में अब अनिश्चित है। AAP नेतृत्व अनुशासनात्मक प्रक्रिया के अगले चरण पर निर्णय ले सकता है, जिसमें पार्टी से स्थायी निष्कासन भी शामिल हो सकता है। इस घटनाक्रम से एमसीडी की राजनीतिक समीकरण पर दीर्घकालिक असर पड़ने की संभावना है।