एमसीडी जोन चुनाव: आप नेता अंकुश नारंग का आरोप — इमरान चौधरी भाजपा को दे सकते हैं पांचवां वोट
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में वार्ड कमेटी (जोन) चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक माहौल तीखा हो गया है। एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने 13 जुलाई 2025 को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद इमरान चौधरी भाजपा के पक्ष में मतदान कर सकते हैं — जो मटिया महल की जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात होगा। चुनाव दोपहर 4 बजे प्रस्तावित है और इसके नतीजे सीधे करोल बाग जोन की सत्ता-संरचना तय करेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
करोल बाग जोन में आम आदमी पार्टी पहले ही डिप्टी चेयरमैन पद पर निर्विरोध जीत दर्ज कर चुकी है। अब चेयरमैन पद के लिए चुनाव होना है, जिसमें आप के पास स्पष्ट बहुमत है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास केवल चार वोट हैं। नारंग ने सवाल उठाया कि ऐसे में भाजपा को संभावित पांचवां वोट कहाँ से मिलेगा।
उन्होंने सीधे वार्ड नंबर-78 के पार्षद इमरान चौधरी का नाम लेते हुए पूछा कि क्या वह भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए चुनाव में भाग लेंगे। आरोप है कि इमरान चौधरी को हाल ही में आले मोहम्मद इकबाल के समर्थन से पार्षद बनाया गया था।
सियासी पृष्ठभूमि
नारंग ने याद दिलाया कि शोएब इकबाल और आले मोहम्मद इकबाल वर्षों से भाजपा-विरोधी राजनीति करते रहे हैं और मुस्लिम समाज ने उन्हें इसी आधार पर समर्थन दिया है। ऐसे में यदि इमरान चौधरी भाजपा के पक्ष में मतदान करते हैं, तो यह मटिया महल की जनता के भरोसे के साथ सीधा छल होगा।
गौरतलब है कि एमसीडी में आप और भाजपा के बीच वार्ड कमेटी स्तर पर सत्ता-संघर्ष नई बात नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में आप और भाजपा के बीच विधानसभा चुनाव के बाद भी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र बनी हुई है।
आप की चेतावनी
अंकुश नारंग ने स्पष्ट किया कि यदि इमरान चौधरी मतदान के लिए आते हैं, तो आम आदमी पार्टी पूरे घटनाक्रम को सार्वजनिक करेगी। पार्टी जनता को बताएगी कि किसने किसका साथ दिया। उन्होंने कहा, 'चुनाव के दौरान और मतगणना के समय पूरी प्रक्रिया पर पार्टी की नजर रहेगी।'
नारंग ने यह भी कहा कि यदि भाजपा को इतने छोटे वार्ड कमेटी चुनाव में समर्थन दिया जाता है, तो यह अवसरवादी राजनीति का उदाहरण होगा।
आगे क्या
नारंग ने विश्वास जताया कि मतगणना के बाद आम आदमी पार्टी ही करोल बाग जोन में विजयी होगी। चुनाव परिणाम यह तय करेगा कि क्या विपक्ष के ये आरोप सही साबित होते हैं। इमरान चौधरी और आले मोहम्मद इकबाल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।