24 जुलाई 2026
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अनंतनाग हमले पर संजय निषाद: 'आतंकवाद कट्टर सोच से जन्म लेता है, जड़ से मिटाना होगा'

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अनंतनाग हमले पर संजय निषाद: 'आतंकवाद कट्टर सोच से जन्म लेता है, जड़ से मिटाना होगा'

सारांश

UP मंत्री संजय निषाद ने अनंतनाग हमले के बाद साफ कहा — हथियार नहीं, कट्टर सोच आतंकवाद की असली जड़ है। कट्टरपंथ फैलाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई, पेपर लीक पर फास्ट-ट्रैक कानून और विपक्ष के 'नेपाल आंदोलन' वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया — एक बयान में कई मोर्चे।

मुख्य बातें

UP मंत्री संजय निषाद ने अनंतनाग आतंकी हमले के बाद कहा कि आतंकवाद की जड़ हथियार नहीं, कट्टरपंथी विचारधारा है।
कट्टरता फैलाने वाले संस्थानों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की।
पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक व्यवस्था का समर्थन; विपक्ष से संसद में सहयोग की अपील।
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के निर्णय को सराहा, लोकतांत्रिक संवाद को सही रास्ता बताया।
समाजवादी पार्टी विधायक के 'नेपाल आंदोलन' वाले बयान को गैर-ज़िम्मेदाराना करार दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के संदर्भ में 24 जुलाई को कहा कि आतंकवाद की जड़ें केवल हथियारों में नहीं, बल्कि कट्टरपंथी विचारधारा में हैं। उन्होंने पूरे देश से एकजुट होकर आतंकवाद, कट्टरता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की अपील की।

आतंकवाद की असली जड़

निषाद ने कहा कि कुछ संस्थान और केंद्र ऐसे हैं जहाँ लोगों के मन में कट्टरपंथी विचार भरे जाते हैं और उन्हें हिंसा के लिए उकसाया जाता है। उन्होंने माँग की कि ऐसे संस्थानों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था को संविधान और वैज्ञानिक सोच के अनुरूप होना चाहिए तथा कट्टरता फैलाने वाली किसी भी गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

सरकार का रुख और नेतृत्व

निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आतंकवाद के विरुद्ध लगातार कठोर रुख अपनाए हुए हैं और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अनंतनाग हमले के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।

सोनम वांगचुक के अनशन पर प्रतिक्रिया

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के निर्णय पर निषाद ने कहा कि वांगचुक एक पढ़े-लिखे और समझदार व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन में जीवन की रक्षा सर्वोपरि होती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत के ज़रिये समाधान निकालना सबसे उचित मार्ग है। वांगचुक ने अपनी माँगें सरकार के समक्ष रखीं और उन पर विचार किया गया।

पेपर लीक और छात्र हित

निषाद ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक जैसे मामलों में फास्ट-ट्रैक व्यवस्था और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है ताकि छात्रों का कोई शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि यदि वह वास्तव में छात्रों के हित में है, तो संसद में सरकार के साथ मिलकर मज़बूत कानून बनाने में सहयोग करे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल युवाओं को पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।

विपक्षी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के एक विधायक द्वारा देश में नेपाल जैसे बड़े आंदोलन की संभावना जताने वाले बयान पर निषाद ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान गैर-ज़िम्मेदाराना हैं और संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आगाह किया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश में लगी हैं और देश को ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'कुछ संस्थानों' का नाम लिए बिना यह माँग अधूरी रहती है। पेपर लीक पर विपक्ष से सहयोग की अपील तब अधिक विश्वसनीय होती जब सरकार स्वयं जवाबदेही तय करती। सोनम वांगचुक के अनशन को सराहना और एक साथ SP विधायक के आंदोलन वाले बयान की निंदा — यह दोहरा मापदंड मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने अनंतनाग आतंकी हमले पर क्या कहा?
UP मंत्री संजय निषाद ने कहा कि आतंकवाद केवल हथियारों से नहीं, बल्कि कट्टरपंथी सोच से पैदा होता है और देश को एकजुट होकर इसे जड़ से समाप्त करना होगा। उन्होंने कट्टरता फैलाने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की भी माँग की।
कट्टरपंथ रोकने के लिए निषाद ने क्या सुझाव दिए?
निषाद ने कहा कि कट्टरपंथी विचार फैलाने वाले संस्थानों की पहचान कर उन पर कार्रवाई हो और शिक्षा व्यवस्था को संविधान व वैज्ञानिक सोच के अनुरूप बनाया जाए। किसी भी प्रकार की कट्टरता फैलाने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात भी उन्होंने कही।
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर निषाद की क्या प्रतिक्रिया थी?
निषाद ने वांगचुक के फैसले को सराहा और कहा कि किसी भी आंदोलन में जीवन की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोकतांत्रिक संवाद को समस्याओं के समाधान का सबसे सही रास्ता बताया।
पेपर लीक मामले में निषाद ने विपक्ष से क्या माँग की?
निषाद ने विपक्ष से अपील की कि वह संसद में सरकार के साथ मिलकर पेपर लीक के विरुद्ध मज़बूत कानून बनाने में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि सरकार फास्ट-ट्रैक व्यवस्था और कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
SP विधायक के 'नेपाल आंदोलन' वाले बयान पर निषाद ने क्या कहा?
निषाद ने इस बयान को गैर-ज़िम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश में हैं और देश को सतर्क रहना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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