दिग्विजय सिंह का ऐलान: अब सिर्फ धर्म रक्षा, उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पद यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 7 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि वे अब राजनीति नहीं, बल्कि केवल धर्म रक्षा के लिए काम करेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि वे दशहरे के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या तक पद यात्रा करेंगे, जिसे उन्होंने पूरी तरह अराजनीतिक बताया है।
क्या कहा दिग्विजय सिंह ने
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और पार्टी ने उन्हें पाँच बार विधायक, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा में भेजा। उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने पार्टी से किसी और को अवसर देने का आग्रह किया था। उनके शब्दों में, यह यात्रा धर्म रक्षा के लिए होगी और वे किसी प्रकार का राजनीतिक बयान नहीं देंगे।
सोशल मीडिया पर भी राजनीति से दूरी
दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करेंगे। यह उनके लिए एक उल्लेखनीय बदलाव है, क्योंकि वे अब तक सोशल मीडिया पर सक्रिय राजनीतिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते रहे हैं।
मुख्य अतिथि होंगे अयोध्या के कार सेवक
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी नेता को यात्रा में आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने साफ इनकार किया। हालाँकि, उन्होंने कहा कि अयोध्या के कार सेवक संतोष दुबे — जिन्हें चार गोलियाँ लगी थीं — को वे विशेष रूप से आमंत्रित करेंगे और वे उनके मुख्य अतिथि होंगे।
यात्रा का राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। दिग्विजय सिंह का यह कदम — उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्र से अयोध्या तक की यात्रा — राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, भले ही वे इसे अराजनीतिक बता रहे हों। दशहरे पर होने वाली यह यात्रा धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे क्या
दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या पद यात्रा दशहरे के अवसर पर प्रस्तावित है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह यात्रा वास्तव में अराजनीतिक रह पाती है या इसका व्यापक राजनीतिक प्रभाव पड़ता है।