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दिग्विजय सिंह का ऐलान: अब सिर्फ धर्म रक्षा, उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पद यात्रा

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दिग्विजय सिंह का ऐलान: अब सिर्फ धर्म रक्षा, उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पद यात्रा

सारांश

80 साल की उम्र में दिग्विजय सिंह ने राजनीति से किनारा करने और सिर्फ धर्म रक्षा के लिए काम करने का ऐलान किया है। दशहरे पर उज्जैन से अयोध्या तक पद यात्रा की योजना है, जिसमें चार गोलियाँ झेल चुके कार सेवक संतोष दुबे मुख्य अतिथि होंगे।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 7 जुलाई 2026 को धर्म रक्षा के लिए काम करने का ऐलान किया।
वे दशहरे के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या तक पद यात्रा करेंगे, जिसे उन्होंने पूरी तरह अराजनीतिक बताया।
80 वर्षीय दिग्विजय सिंह ने पार्टी को इस बार किसी और को अवसर देने का आग्रह किया था।
वे किसी नेता को यात्रा में आमंत्रित नहीं करेंगे; कार सेवक संतोष दुबे — जिन्हें चार गोलियाँ लगी थीं — मुख्य अतिथि होंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भी किसी राजनीतिक प्रतिक्रिया से दूर रहने की बात कही।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 7 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि वे अब राजनीति नहीं, बल्कि केवल धर्म रक्षा के लिए काम करेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि वे दशहरे के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या तक पद यात्रा करेंगे, जिसे उन्होंने पूरी तरह अराजनीतिक बताया है।

क्या कहा दिग्विजय सिंह ने

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और पार्टी ने उन्हें पाँच बार विधायक, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा में भेजा। उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने पार्टी से किसी और को अवसर देने का आग्रह किया था। उनके शब्दों में, यह यात्रा धर्म रक्षा के लिए होगी और वे किसी प्रकार का राजनीतिक बयान नहीं देंगे।

सोशल मीडिया पर भी राजनीति से दूरी

दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करेंगे। यह उनके लिए एक उल्लेखनीय बदलाव है, क्योंकि वे अब तक सोशल मीडिया पर सक्रिय राजनीतिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते रहे हैं।

मुख्य अतिथि होंगे अयोध्या के कार सेवक

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी नेता को यात्रा में आमंत्रित करेंगे, तो उन्होंने साफ इनकार किया। हालाँकि, उन्होंने कहा कि अयोध्या के कार सेवक संतोष दुबे — जिन्हें चार गोलियाँ लगी थीं — को वे विशेष रूप से आमंत्रित करेंगे और वे उनके मुख्य अतिथि होंगे।

यात्रा का राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। दिग्विजय सिंह का यह कदम — उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्र से अयोध्या तक की यात्रा — राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, भले ही वे इसे अराजनीतिक बता रहे हों। दशहरे पर होने वाली यह यात्रा धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगे क्या

दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या पद यात्रा दशहरे के अवसर पर प्रस्तावित है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह यात्रा वास्तव में अराजनीतिक रह पाती है या इसका व्यापक राजनीतिक प्रभाव पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह वास्तव में सक्रिय राजनीति से विदाई है। कार सेवक संतोष दुबे को मुख्य अतिथि बनाने का प्रतीकात्मक महत्व भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या पद यात्रा कब होगी?
दिग्विजय सिंह की यह पद यात्रा दशहरे के अवसर पर प्रस्तावित है। उन्होंने इसकी घोषणा पहले ही कर दी थी और 7 जुलाई 2026 को इसे पुनः स्पष्ट किया।
दिग्विजय सिंह ने राजनीति छोड़ने की बात क्यों कही?
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 80 साल के हो चुके हैं और पार्टी ने उन्हें पाँच बार विधायक, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा में भेजा। उन्होंने पार्टी से इस बार किसी और को अवसर देने का आग्रह किया और अब धर्म रक्षा को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
दिग्विजय सिंह की यात्रा में मुख्य अतिथि कौन होंगे?
अयोध्या के कार सेवक संतोष दुबे, जिन्हें चार गोलियाँ लगी थीं, दिग्विजय सिंह की इस यात्रा के मुख्य अतिथि होंगे। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि वे किसी नेता को आमंत्रित नहीं करेंगे।
क्या दिग्विजय सिंह की यात्रा अराजनीतिक है?
दिग्विजय सिंह का दावा है कि यह यात्रा पूरी तरह अराजनीतिक होगी। उन्होंने कहा कि वे न कोई राजनीतिक बयान देंगे और न ही सोशल मीडिया पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगे।
दिग्विजय सिंह का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें पाँच बार विधायक, दो बार लोकसभा सदस्य और दो बार राज्यसभा सदस्य बनाया। अब 80 वर्ष की आयु में उन्होंने धर्म रक्षा को अपना लक्ष्य घोषित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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