दिग्विजय सिंह का राज्यसभा में 12 साल का सफर पूरा, 1,010 सवालों से संसद में बनाई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा में लगातार दूसरा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया, जिसके साथ उनका 12 वर्षों का संसदीय सफर पूरा हुआ। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, शिक्षा, कृषि और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न मुद्दों पर सदन में सक्रिय भूमिका निभाई।
संसदीय प्रदर्शन: 1,010 सवाल, 12 साल
दिग्विजय सिंह के निजी सचिव ओपी शर्मा के अनुसार, सिंह ने अपने पूरे कार्यकाल में शासन, जन कल्याण, कृषि, शिक्षा, आंतरिक सुरक्षा और संवैधानिक विषयों से संबंधित 1,010 प्रश्न उच्च सदन में उठाए। शर्मा ने कहा कि सिंह ने हमेशा संसदीय मंचों का उपयोग आम नागरिकों — किसानों, छात्रों और मजदूरों — की आवाज़ बुलंद करने के लिए किया।
यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब विपक्षी सांसदों की संसदीय सक्रियता पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा में प्रश्नकाल को लोकतांत्रिक जवाबदेही का एक महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।
समिति कार्य और विशेष योगदान
सदन की बहसों से परे, दिग्विजय सिंह गृह मामले, वित्त, कॉर्पोरेट मामले और शहरी विकास से जुड़ी संसदीय समितियों के सक्रिय सदस्य रहे। वे नियम समिति, विशेषाधिकार समिति और कई चुनिंदा जाँच समितियों में भी शामिल थे।
शर्मा ने विशेष रूप से शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल का उल्लेख किया। इसके अलावा, जब मणिपुर में बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही थी, तब सिंह ने समिति के समक्ष औपचारिक रूप से इस संकट और उसके मानवीय प्रभाव पर ध्यान दिलाने का प्रयास किया था।
राजनीतिक करियर: पाँच दशकों का अनुभव
1977 से कांग्रेस से जुड़े दिग्विजय सिंह का राजनीतिक सफर विधानसभा से लेकर संसद तक फैला हुआ है। वे पाँच बार विधायक रहे और मध्य प्रदेश सरकार में कृषि, सिंचाई तथा मत्स्य पालन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। 1993 से 2003 तक वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और इसके बाद लोकसभा में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। 2014 में वे पहली बार राज्यसभा पहुँचे और 2020 में दूसरी बार निर्वाचित हुए।
आगे क्या
कार्यकाल समाप्त होने के साथ यह चर्चा तेज़ हो गई है कि दिग्विजय सिंह अपनी राजनीतिक सक्रियता किस रूप में जारी रखेंगे। 77 वर्षीय इस नेता के भविष्य की भूमिका पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।