30 जून 2026
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अभिषेक बनर्जी ने लॉन्च किया 'एक डाके अभिषेक' प्रोग्राम, TMC कार्यकर्ताओं को मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद

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अभिषेक बनर्जी ने लॉन्च किया 'एक डाके अभिषेक' प्रोग्राम, TMC कार्यकर्ताओं को मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद

सारांश

सत्ता परिवर्तन के बाद बदले माहौल में अभिषेक बनर्जी ने पुरानी पहल को नए रूप में पेश किया है — हेल्पलाइन 7887778877 के जरिए पीड़ित TMC कार्यकर्ताओं को कानूनी ढाल देने की कोशिश। लेकिन बागी विधायकों ने इसे 'फोन-पॉलिटिक्स' करार देते हुए जमीन पर उतरने की चुनौती दे दी है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 30 जून 2026 को 'एक डाके अभिषेक' पहल के तहत हेल्पलाइन नंबर 7887778877 जारी किया।
यह पहल चुनाव बाद हिंसा में पीड़ित, बेघर हुए और झूठे मामलों में फंसे TMC कार्यकर्ताओं को निःशुल्क कानूनी सहायता देगी।
भाजपा ने हिंसा में संलिप्तता के आरोपों को नकारा; कहा — साबित होने पर कार्रवाई होगी।
बागी विधायक अखरुज्जमां ने पहल की आलोचना करते हुए कहा कि फोन और ऑनलाइन मीटिंग से संगठन नहीं चलता।
विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी ने चार्टर्ड प्लेन पर खर्च हुए पैसे को कार्यकर्ताओं पर लगाने की माँग की।
यह कार्यक्रम पहली बार 2021 विधानसभा चुनावों के बाद डायमंड हार्बर क्षेत्र से शुरू हुआ था।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार, 30 जून 2026 को कोलकाता से 'एक डाके अभिषेक' (अभिषेक बस एक कॉल दूर) नामक पहल की घोषणा की, जिसके तहत पार्टी के पीड़ित कार्यकर्ताओं को निःशुल्क कानूनी सहायता दी जाएगी। इस पहल के लिए हेल्पलाइन नंबर 7887778877 जारी किया गया है। बनर्जी ने इस कार्यक्रम की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की।

पहल में क्या है खास

सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में कहा गया है, 'चुनाव के बाद हुई हिंसा में भाजपा के अत्याचारों के कारण बेघर हुए, पीड़ित और राजनीतिक कारणों से झूठे मामलों में फंसाए गए कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद के लिए हमसे संपर्क करें।' यह पहल उन TMC कार्यकर्ताओं को लक्षित करती है, जो कथित तौर पर राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं।

गौरतलब है कि 'एक डाके अभिषेक' कार्यक्रम पहली बार 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के लिए शुरू किया गया था, जिसे बाद में पूरे राज्य में विस्तारित किया गया। उस समय TMC सत्ता में थी — परिस्थितियाँ अब मौलिक रूप से बदल चुकी हैं।

TMC नेताओं के आरोप और भाजपा का पक्ष

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से TMC नेताओं ने कई अवसरों पर दावा किया है कि उनके कार्यकर्ताओं पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्यों द्वारा हमले किए जा रहे हैं और उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा है कि यदि पार्टी के किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता साबित होती है, तो पुलिस को उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

बागी विधायकों की तीखी प्रतिक्रिया

इस पहल पर TMC के बागी खेमे से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। राज्य विधानसभा में बागी TMC संसदीय दल के मुख्य सचेतक और मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज से विधायक अखरुज्जमां ने कहा, 'अगर कार्यकर्ता सिर्फ फोन करके पार्टी को अपने पक्ष में कर सकते, तो संगठन की कोई जरूरत ही नहीं होती। फोन करके और ऑनलाइन मीटिंग करके उन्होंने (अभिषेक ने) तृणमूल को खत्म कर दिया है। अगर आप कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होना चाहते हैं, तो आपको उन तक पहुंचना होगा।'

बागी विधायकों के समर्थन से राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता बने रितब्रत बनर्जी ने भी निशाना साधते हुए कहा, 'जिस पैसे का इस्तेमाल चार्टर्ड प्लेन लेने के लिए गलत तरीके से किया गया था, उसका इस्तेमाल अब मुश्किल में फंसे कार्यकर्ताओं की मदद के लिए किया जाए।' उल्लेखनीय है कि बागी विधायकों ने भी 'उत्पीड़न' के दावे किए हैं और कहा है कि उन्होंने पीड़ित कार्यकर्ताओं का साथ देने के लिए पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।

बदले हालात में पुरानी पहल की वापसी

यह ऐसे समय में आया है जब TMC अंदरूनी विद्रोह और सत्ता परिवर्तन के दोहरे दबाव में है। 2021 में जब यह कार्यक्रम पहली बार शुरू हुआ था, तब TMC की सरकार थी और पार्टी की स्थिति सुदृढ़ थी। अब जब परिस्थितियाँ उलट चुकी हैं, तो यह देखना बाकी है कि अभिषेक बनर्जी इस पुनर्जीवित कार्यक्रम के जरिए अपने कार्यकर्ताओं का भरोसा और संगठन की साख कितनी हद तक बहाल कर पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

असल में उस गहरे संगठनात्मक संकट की ओर इशारा करता है जिसे हेल्पलाइन नंबर से नहीं सुलझाया जा सकता। यह भी ध्यान देने योग्य है कि जब TMC सत्ता में थी, तब यही कार्यक्रम एक विस्तार-रणनीति था — अब यह एक रक्षात्मक उपाय बन गया है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह पहल जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं तक पहुँचती है या महज एक मीडिया संदेश बनकर रह जाती है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक डाके अभिषेक' पहल क्या है?
यह TMC सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा शुरू किया गया एक कानूनी सहायता कार्यक्रम है, जिसके तहत चुनाव बाद हिंसा में पीड़ित, बेघर हुए या झूठे मामलों में फंसाए गए पार्टी कार्यकर्ता हेल्पलाइन नंबर 7887778877 पर संपर्क कर सकते हैं। यह कार्यक्रम पहली बार 2021 में डायमंड हार्बर क्षेत्र के लिए शुरू हुआ था।
TMC कार्यकर्ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
अभिषेक बनर्जी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 7887778877 है। इस नंबर पर पीड़ित TMC कार्यकर्ता कानूनी सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं।
भाजपा ने TMC के आरोपों पर क्या कहा?
भाजपा नेताओं ने TMC के उत्पीड़न के आरोपों को नकारा है और कहा है कि यदि पार्टी के किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता साबित होती है, तो पुलिस को उनके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बागी TMC विधायकों ने इस पहल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बागी विधायक अखरुज्जमां ने कहा कि फोन और ऑनलाइन मीटिंग से संगठन नहीं चलाया जा सकता और अभिषेक बनर्जी को कार्यकर्ताओं तक खुद पहुँचना चाहिए। विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी ने चार्टर्ड प्लेन पर खर्च हुए धन को कार्यकर्ताओं की मदद में लगाने की माँग की।
यह पहल पहले कब शुरू हुई थी और अब क्यों फिर लाई गई?
यह कार्यक्रम 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र से शुरू हुआ था और बाद में पूरे राज्य में लागू किया गया था। उस समय TMC सत्ता में थी; राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित उत्पीड़न की पृष्ठभूमि में इसे नए रूप में पुनर्जीवित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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