अयोध्या में आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण, मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित अमावा राम मंदिर परिसर में 12 जून 2026 को आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण समारोह श्रद्धा और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंत्री शाही ने क्या कहा
कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल का जीवन समाज सेवा, राष्ट्रनिष्ठा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या और राम जन्मभूमि से जुड़े विषयों में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। शाही के अनुसार, उनके विचार और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
राम मंदिर में विशेष योगदान
पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आचार्य किशोर कुणाल का योगदान राम मंदिर के संदर्भ में विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और धर्म के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए और प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी उत्कृष्ट योगदान दिया।
धनंजय सिंह ने यह भी बताया कि आचार्य किशोर कुणाल ने अपनी पुस्तक में राम मंदिर से जुड़े कई तथ्य इतनी सटीकता से लिखे थे कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी उन्हें सही माना। आचार्य किशोर कुणाल भारत सरकार के अयोध्या प्रकोष्ठ में कई वर्षों तक विशेष कार्याधिकारी (OSD) के रूप में कार्यरत रहे और राम जन्मभूमि से जुड़े न्यायिक, ऐतिहासिक एवं प्रलेखन कार्यों में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
सेवा परियोजनाएँ और साहित्यिक योगदान
वक्ताओं ने बताया कि आचार्य किशोर कुणाल ने अयोध्या विषय पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना की। उनके मार्गदर्शन में शुरू हुई 'राम रसोई' सेवा परियोजना आज भी हजारों श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त, महावीर मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु ₹10 करोड़ का योगदान भी प्रदान किया गया था।
परिजन का स्मरण
कार्यक्रम के उपरांत सायण कुणाल ने आचार्य किशोर कुणाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक सेवा में रहते हुए और सेवानिवृत्ति के बाद भी धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उपस्थित जनसमूह ने उन्हें युगद्रष्टा, समाजसेवी और धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व के रूप में नमन किया।
आगे की राह
यह प्रतिमा अनावरण अयोध्या में आचार्य किशोर कुणाल की स्मृति को स्थायी रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी विरासत — विशेष रूप से 'राम रसोई' और राम जन्मभूमि से जुड़े दस्तावेज़ीकरण कार्य — आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।